Israel-Hamas Conflict: संघर्ष विराम के बावजूद गाजा में मच रहे धमाके, क्या समझौता विफल हो गया?
Israel-Hamas Conflict: अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही गाजा में शांति समझौते का ढिंढोरा पीट दिया हो, लेकिन धरातल पर हालात कुछ और ही नजर आ रहे हैं। इजरायल और हमास के बीच हुए संघर्ष विराम के बाद, गाजा में हिंसा का नया दौर शुरू हो गया है, जो साबित कर रहा है कि गाजा में शांति की उम्मीदें शायद बहुत जल्द टूट सकती हैं।
गाजा में हमले की शुरुआत: संघर्ष विराम का उल्लंघन
इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) के मुताबिक, शुक्रवार को दक्षिणी गाजा के राफा क्षेत्र में एक सुरंग से हमास के आतंकवादियों ने इजरायली सैनिकों पर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई, लेकिन यह हमला इजरायल के लिए एक बड़ा संदेश था कि संघर्ष विराम के बावजूद हमास अपनी गतिविधियों को रोकने को तैयार नहीं है। इसके बाद, इजरायल की सेना ने त्वरित प्रतिक्रिया के तौर पर गाजा में एयरस्ट्राइक की और अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया।
IDF के प्रवक्ता ने बताया कि हमले के बाद इजरायल की सेना ने गाजा में आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें कुछ हमास ठिकानों पर बमबारी की गई। हालांकि, इस हमले के बाद हमास ने इन आरोपों को खारिज कर दिया और इसे इजरायल की प्रोपेगैंडा का हिस्सा बताया।
अमेरिकी रिपोर्ट: हमास की तैयारियाँ और इजरायली चिंता
अमेरिकी राज्य विभाग ने पहले ही एक रिपोर्ट जारी कर दी थी, जिसमें चेतावनी दी गई थी कि हमास गाजा में फिर से हमले की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि हमास अपनी रणनीतियों को पुनः तैयार कर रहा है, ताकि इजरायल पर हमले तेज़ कर सके। इसी रिपोर्ट ने इजरायल को और भी ज्यादा सतर्क कर दिया और उसे हमलावर रणनीति पर ध्यान देने के लिए मजबूर किया।
सीजफायर और शवों के मुद्दे पर बवाल
गाजा में शांति की स्थिति और संघर्ष विराम के बावजूद, इजरायल और हमास के बीच कई मुद्दे सुलझ नहीं पाए हैं। एक महत्वपूर्ण मुद्दा बंधकों के शवों की वापसी का है। इजरायल का कहना है कि हमास को समझौते के अनुसार 28 बंधकों के शव लौटाने चाहिए थे, लेकिन अब तक केवल 12 शव ही लौटाए गए हैं। इसके अलावा, हमास ने 20 जीवित बंधकों को भी लौटाया है, लेकिन मृतकों के शवों की वापसी में विलंब हो रहा है।
हमास का कहना है कि कुछ शव मलबे के नीचे दबे हुए हैं और उन्हें निकालने के लिए जरूरी उपकरणों की कमी है। इस स्थिति ने इजरायल के गुस्से को और बढ़ा दिया है। इजरायल का आरोप है कि हमास ने संघर्ष विराम समझौते की जिम्मेदारी पूरी नहीं की और उसकी ओर से किए गए वादों को पूरा नहीं किया।
गाजा में बढ़ती हिंसा और शांति की उम्मीदें
हमास और इजरायल के बीच होने वाले युद्धों और संघर्षों ने गाजा में हिंसा की एक नई लहर को जन्म दिया है। संघर्ष विराम के बावजूद, आतंकवादियों के हमले और सैन्य बलों के द्वारा की गई एयरस्ट्राइक्स की घटनाएँ गाजा में शांति की संभावना को कमजोर कर रही हैं। गाजा में प्रतिदिन होने वाली गोलीबारी और विस्फोटों ने आम नागरिकों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
दूसरी तरफ, इजरायल अपनी सैन्य ताकत का लगातार प्रदर्शन कर रहा है, जबकि हमास गाजा में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए नए तरीके तलाश रहा है। ऐसे में, दोनों पक्षों के बीच किसी स्थायी शांति समझौते के बनने की संभावना कम नजर आती है।
इजरायल-हमास संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय दबाव
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इजरायल और हमास दोनों पर शांति स्थापित करने के लिए दबाव बढ़ा दिया है। संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ दोनों ही संघर्ष को समाप्त करने के लिए पहल कर रहे हैं, लेकिन दोनों पक्षों के कड़े रुख को देखते हुए यह एक कठिन चुनौती बन गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि क्या संघर्ष विराम का असली उद्देश्य केवल कुछ समय के लिए हिंसा को रोकना था, या फिर गाजा में स्थायी शांति स्थापित करने की कोई योजना थी। फिलहाल, दोनों पक्षों की नीतियाँ स्पष्ट रूप से अलग हैं, और शांति की संभावना एक दूर का सपना प्रतीत होती है।
क्या होगा अगला कदम?
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इजरायल और हमास के बीच संघर्ष जल्द ही फिर से तेज़ हो सकता है। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि गाजा में शांति का मार्ग केवल राजनैतिक संवाद और दोनों पक्षों के बीच समझौते के माध्यम से ही संभव है। लेकिन जिस तरह से दोनों पक्ष अपनी-अपनी स्थिति पर अडिग हैं, उससे यह लगता है कि गाजा में स्थायी शांति लाना आसान नहीं होगा।
इजरायल ने अपने सैन्य बलों को पूरी तरह से तैयार कर लिया है, जबकि हमास भी अपनी ताकत को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इस संघर्ष में हर दिन नए मोड़ आ रहे हैं, और गाजा के लोग एक बार फिर से भय और अनिश्चितता के माहौल में जीने के लिए मजबूर हैं।
गाजा में संघर्ष विराम के बावजूद हिंसा का जारी रहना, यह सवाल उठाता है कि क्या शांति प्रक्रिया पूरी तरह से विफल हो चुकी है। दोनों पक्षों के बीच लगातार बढ़ती तनाव और असहमति से यह प्रतीत होता है कि गाजा में संघर्ष का कोई अंतिम समाधान सामने नहीं आ रहा है। शांति की उम्मीदें लगभग खत्म हो चुकी हैं, और हमास और इजरायल के बीच संघर्ष की नई शुरुआत को रोकना अब एक मुश्किल चुनौती बन गई है।

