Muzaffarnagar से उठी स्वदेशी की लहर: व्यापारी सुरक्षा फोरम ने ऑनलाइन खरीदारी के बहिष्कार और व्यापारिक सम्मान पर दी चेतावनी
Muzaffarnagar। व्यापारी सुरक्षा फोरम के राष्ट्रीय संयोजक अशोक गोयल ने कहा कि अब किसी व्यापारी का आर्थिक उत्पीड़न सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ़ कहा—“स्वदेशी अपनाओ, देश बचाओ।” भारत आज विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है और इसे और मजबूत बनाने के लिए जरूरी है कि हर नागरिक विदेशी वस्तुओं की जगह स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दे।
प्रेसवार्ता का मंच और माहौल
यह बयान भरतिया कॉलोनी में व्यापारी सुरक्षा फोरम के जिलाध्यक्ष विश्वदीप गोयल ‘बिट्टू’ के कैम्प कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान दिया गया। कार्यक्रम में जिले के कई प्रमुख व्यापारी, समाजसेवी और पदाधिकारी मौजूद थे। गोयल ने बताया कि संगठन अब तक 50 जिलों में स्थापित हो चुका है और जल्द ही उत्तर प्रदेश के हर जनपद में इसकी शाखा सक्रिय होगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आगामी 20–21 दिसंबर को अयोध्या में प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
व्यापारी: देश की आर्थिक रीढ़
अशोक गोयल ने कहा कि व्यापारी ही देश की आर्थिक रीढ़ हैं। अगर व्यापारी सुरक्षित रहेंगे, तो उद्योग, सेवा और रोज़गार—तीनों को स्थिरता मिलेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश में जब भी व्यापारी मजबूत हुए हैं, तब अर्थव्यवस्था ने वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनाई है। इसलिए फोरम हर जिले में व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए समर्पित रहेगा।
ऑनलाइन खरीदारी के खिलाफ चेतावनी
बैठक में ऑनलाइन खरीदारी और विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों के प्रभाव पर गहरी चिंता जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि “ऑनलाइन सस्ते ऑफर असल में स्थानीय व्यापार को खत्म कर रहे हैं।”
उन्होंने सुझाव दिया कि लोग सप्ताह में कम से कम एक दिन केवल स्थानीय दुकानों से खरीदारी करें। इस पहल को “लोकल शॉपिंग डे” का नाम देने की चर्चा भी हुई। इससे न केवल व्यापारी, बल्कि स्थानीय कारीगरों और श्रमिकों को भी रोज़गार मिलेगा।
स्वदेशी का संकल्प
कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष विश्वदीप गोयल ‘बिट्टू’ ने कहा कि भारतीय समाज ने पहले ही चाइनीज़ उत्पादों का बहिष्कार करके विदेशी निर्भरता को चुनौती दी है। अब वक्त है कि लोग न केवल त्योहारों में बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी में भी स्वदेशी वस्तुओं का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा, “हमारा हर ख़रीद निर्णय भारत की अर्थव्यवस्था को दिशा देता है।”
शपथ समारोह का उत्साह
प्रेसवार्ता के बाद पूर्व आईजी विजय गर्ग ने उपस्थित जनों को स्वदेशी अपनाने की शपथ दिलाई। वातावरण देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। इस अवसर पर उत्तराखंड के पूर्व राज्यमंत्री सच्चिदानंद शर्मा, नरेश धीमान, सुबोध सिंघल, अनिल देशभक्त, राधा कृष्ण गर्ग, धीरेन्द्र सिंघल, और प्रवीण जैन जैसी हस्तियाँ मौजूद थीं। सभी ने एक सुर में कहा कि “अब वक्त है स्थानीय को ग्लोबल बनाने का।”
अयोध्या सम्मेलन से उम्मीदें
अशोक गोयल ने बताया कि दिसंबर में होने वाला अयोध्या सम्मेलन व्यापारी हितों का रोडमैप तय करेगा। इस सम्मेलन में कर नीति, डिजिटल भुगतान सुरक्षा, इनवॉइस प्रणाली, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और महिला व युवा उद्यमियों की भागीदारी पर गहन चर्चा होगी। संगठन का उद्देश्य एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म बनाना है जो व्यापारियों की हर छोटी-बड़ी समस्या का सामूहिक समाधान दे सके।
स्थानीय व्यापार के लिए नई पहलें
फोरम ने प्रस्ताव रखा कि प्रत्येक शहर में “स्वदेशी बाजार सप्ताह” मनाया जाए।
स्कूल और कॉलेजों में ‘स्थानीय उत्पाद प्रदर्शनी’ आयोजित की जाए, जिससे नई पीढ़ी को स्वदेशी उत्पादन से जोड़ने की प्रेरणा मिले। साथ ही, व्यापारी डिजिटल युग के अनुरूप अपने व्यवसाय को ऑनलाइन प्रमोशन और QR पेमेंट जैसे माध्यमों से अपडेट करें ताकि आधुनिकता और स्वदेशी एक साथ चल सकें।
व्यापारिक एकजुटता का उदाहरण
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि यह फोरम किसी राजनीतिक संगठन का नहीं बल्कि व्यापारियों की आत्मरक्षा का आंदोलन है। इसका मकसद है—
“न कोई व्यापारी असहाय रहे, न कोई दुकान बंद पड़े, न कोई कारोबार डर में सिमट जाए।”
यह संगठन छोटे दुकानदार से लेकर बड़े कारोबारी तक सभी को जोड़ने का प्रयास कर रहा है।
<p style=”background-color:#ffccb3;color:#111;padding:14px;border-radius:8px;font-weight:700;”> <strong>अंतिम अपडेट:</strong> मुज़फ्फरनगर की इस बैठक ने एक नए युग की शुरुआत की है—जहाँ व्यापारी सिर्फ़ कमाई नहीं, बल्कि <em>राष्ट्र निर्माण</em> का हिस्सा बनना चाहते हैं। फोरम ने स्पष्ट किया—“हमारा संघर्ष स्वदेशी के सम्मान और व्यापारी की सुरक्षा के लिए है।” 20–21 दिसंबर का अयोध्या सम्मेलन इस संकल्प को नयी ऊँचाई देगा। </p>

