Uttar Pradesh STF ने सहारनपुर से किया फेंसेडिल कफ सिरप की तस्करी और नशे के लिए अवैध व्यापार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 4 गिरफ्तार
लखनऊ/ सहारनपुर- उUttar Pradesh STF ने सहारनपुर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फेंसेडिल कफ सिरप और कोडिन युक्त अन्य दवाओं के अवैध भंडारण और नशे के रूप में उपयोग किए जाने की सूचना के बाद एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह लंबे समय से इन दवाओं का अवैध व्यापार कर रहा था और इन्हें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, असम, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से बांग्लादेश भेजने की योजना बना रहा था।
पुलिस की कार्रवाई से खुलासा
एसटीएफ ने विभोर राणा, बिट्टू, सचिन और विशाल सिंह को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एसटीएफ ने दो पिस्टल, बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक व भौतिक दस्तावेज, और भारी मात्रा में अवैध फेंसेडिल कफ सिरप भी बरामद किया है। यह गिरोह पहले से ही अपनी गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध था, और इसकी जांच कई महीनों से चल रही थी। एसटीएफ को सूचना मिली थी कि ये दवाएं नशे के रूप में इस्तेमाल की जा रही थीं, और ये विभिन्न राज्यों के माध्यम से बांग्लादेश में भेजी जा रही थीं।
कैसे काम करता था यह गिरोह?
गिरोह के सदस्य पहले फर्जी फार्मास्यूटिकल फर्मों का निर्माण करते थे, जिसके जरिए फेंसेडिल कफ सिरप की बिक्री और तस्करी की जाती थी। उदाहरण के लिए, विभोर राणा ने अपने कर्मचारी अभिषेक शर्मा के नाम से एक फर्म “AB फार्मास्यूटिकल्स” बनाई, जो एक सप्ताह पहले गाजियाबाद में पकड़ी गई थी। इसके बाद, बिट्टू और सचिन ने भी अलग-अलग फर्मों के माध्यम से इस घातक कारोबार को चलाया। सचिन ने “मारुति मेडिकोज” नामक फर्म बनाई और इसी के जरिए मुंबई में एबॉट हेल्थ केयर का सुपर डिस्ट्रीब्यूटर बनवा लिया।
दवाओं के इस अवैध व्यापार से अर्जित संपत्ति
विभोर राणा और विशाल सिंह ने इस अवैध व्यापार से करीब 200 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की है। यह दोनों भाई पहले अपने कर्मचारी बिट्टू और सचिन के नाम से फर्जी फर्मों का निर्माण करते थे, ताकि इनका व्यापार आसानी से चल सके। इन फर्मों का इस्तेमाल करते हुए, यह लोग फेंसेडिल कफ सिरप को सिर्फ कागजों पर ही खरीदते थे, जबकि असल में यह दवाएं ऊंचे दामों पर नशे के रूप में तस्करों को बेच दी जाती थीं। इन दवाओं का इस्तेमाल असम, झारखंड और बिहार सहित अन्य राज्यों में युवाओं के बीच बढ़ते नशे के मामलों में हो रहा था।
नशे के खतरे से समाज को नुकसान
कोडीन युक्त कफ सिरप को जब नशे के रूप में उपयोग किया जाता है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। यह सिरप मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालता है, और इसकी लत युवाओं को न केवल शारीरिक रूप से कमजोर करती है, बल्कि समाज में अपराध और अव्यवस्था भी बढ़ाती है। इसके सेवन से मस्तिष्क पर असर पड़ता है, और इसके परिणामस्वरूप आत्महत्या, अपराध, और असामाजिक गतिविधियाँ बढ़ सकती हैं।
एसटीएफ की कड़ी कार्रवाई
एसटीएफ की इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस विभाग नशे के व्यापार को समाप्त करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इनके अन्य साथियों को भी जल्द ही पकड़ा जाएगा। एसटीएफ द्वारा की गई इस कार्रवाई को पूरे प्रदेश में सराहा जा रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि इससे नशे के कारोबार को रोकने में मदद मिलेगी।
कानूनी दृष्टिकोण से क्या होगा आगे?
गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ नशे के व्यापार और तस्करी के आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह एक अंतर्राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा था और इसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि ऐसे अवैध व्यापारों को बढ़ावा देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
एसटीएफ की सतर्कता और समाज की जागरूकता
इस मामले ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि नशे के अवैध व्यापार से जूझने के लिए समाज को और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। एसटीएफ ने अपनी कार्रवाई से यह भी दिखाया है कि वे नशे के तस्करों को पकड़ने में कितने सक्षम हैं। इसके अलावा, समाज के सभी वर्गों से अपील की जा रही है कि वे ऐसे अवैध व्यापारों के खिलाफ आवाज उठाएं और पुलिस की मदद करें।
नशे के खिलाफ अभियान में सफलता
उत्तर प्रदेश एसटीएफ की यह सफलता एक अहम कदम साबित हो सकती है, जो भविष्य में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जाने वाले अभियानों को मजबूत बनाएगी। पुलिस और प्रशासन ने अब तक कई ऐसे गिरोहों को पकड़ा है, जो विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थों की तस्करी में लिप्त थे।
एसटीएफ की कार्रवाई ने न केवल नशे के कारोबार को उजागर किया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि प्रशासन इस दिशा में गंभीर है। नशे के कारोबार के खिलाफ समाज को जागरूक करने की जरूरत है, ताकि इस तरह के अवैध कार्यों को पूरी तरह से रोका जा सके।

