Azamgarh एनकाउंटर में बड़ी कामयाबी: बिहार गैंग के दो सबसे खतरनाक बदमाश गिरफ्तार, एक पर 9 तो दूसरे पर 19 मुकदमे—अवैध असलहे बरामद
Azamgarh जिले में चोरी, लूट, छिनैती और राहगीरों को आतंकित करने वाले बिहार गैंग पर पुलिस ने आखिरकार शिकंजा कस दिया है। सोमवार की देर रात पुलिस और दो शातिर अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में गैंग के दोनों कुख्यात सदस्य घायल अवस्था में पकड़े गए।
आजमगढ़ की पुलिस लंबे समय से इस गैंग की तलाश में थी, क्योंकि जिले में लगातार बढ़ रही लूट की घटनाओं में इसी गिरोह का हाथ निकलकर सामने आ रहा था।
रात के अंधेरे में हुई मुठभेड़—फायरिंग के बीच दबोचे गए आरोपी, दोनों के पास भारी आपराधिक इतिहास
पुलिस के मुताबिक यह मुठभेड़ उस समय हुई जब बाइक सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों को घायल कर काबू में कर लिया।
गिरफ्तार अपराधियों में एक पर 9 मुकदमे, जबकि दूसरे पर 19 मुकदमे दर्ज पाए गए हैं—जिनमें लूट, हथियारों की तस्करी, चोरी और कई जिलों में दर्ज गंभीर आरोप शामिल हैं।
पुलिस ने मौके से बरामद किए—
दो अवैध तमंचे
कई जिंदा कारतूस
बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल
जिस बाइक का इस्तेमाल यह अपराधी कर रहे थे, उसका इस्तेमाल प्रदेश के कई जिलों में वारदातों के दौरान किया गया था।
आजमगढ़ पुलिस की सूझबूझ—लूट और छिनैती की बढ़ती घटनाओं का था इनामखोरों से कनेक्शन
जनवरी से आजमगढ़ में जो चोरी और छीना-झपटी की घटनाओं में अचानक उछाल आया था, उसकी जांच में पुलिस को लगातार एक पैटर्न मिल रहा था।
वारदातें ज्यादातर सुनसान सड़कों पर
मोटरसाइकिल पर दो बदमाश
चेहरे ढंके हुए
मोबाइल, नकदी और गहनों को निशाना
जांच में साफ हुआ कि इन घटनाओं को अंजाम देने के पीछे बिहार आधारित अपराधियों का खास गैंग सक्रिय है। कई बार सीसीटीवी में इनकी झलक भी मिली थी, लेकिन पहचान मुश्किल थी।
सोमवार रात की मुठभेड़ उसी रेड ऑपरेशन का हिस्सा थी जिसमें पुलिस ने इस गिरोह को रोकने की रणनीति बनाई थी।
दोनों अपराधियों की गिरफ्तारी से पुलिस को मिली बड़ी राहत—अब गैंग की पूरी लिस्ट और सप्लाई चैन की जांच
गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को यह पता चला—
गैंग के और सदस्य आजमगढ़ और आसपास के जिलों में सक्रिय
बिहार से हथियार और कारतूस की सप्लाई
यूपी में वारदात करके बिहार में छुप जाना
बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिलों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल
पुलिस अब इस गिरोह की कमर तोड़ने के लिए उनकी पूरी नेटवर्किंग, उनके hideouts और सहयोगियों की तलाश में जुट गई है।
स्थानीय लोगों की राहत—गांव और कस्बों में थी दहशत, पुलिस की कार्रवाई से भरोसा मजबूत हुआ
स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कुछ समय से रात में सड़क पर निकलना मुश्किल हो गया था। कई ग्रामीणों ने पुलिस से शिकायत की थी कि बाइक सवार अपराधी अचानक आकर मोबाइल, पर्स और सोने की चेन छीनकर भाग जाते हैं।
इस गिरफ्तारी ने ग्रामीणों में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ाया है और इलाके में सुरक्षा को लेकर राहत महसूस की जा रही है।

