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Operation Sindoor Impact: नूर खान एयरबेस पर भारत का बड़ा ड्रोन अटैक, डिप्टी PM इशाक डार का कबूलनामा, पाकिस्तान के 11 एयरबेस क्षतिग्रस्त

Operation Sindoor को लेकर पाकिस्तान की तरफ से अब बड़ा और औपचारिक कबूलनामा सामने आया है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने शनिवार को स्वीकार किया कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के रणनीतिक रूप से बेहद अहम नूर खान एयरबेस पर बड़ा ड्रोन हमला किया था। इस हमले में पाकिस्तानी सेना के कई जवान घायल हुए और सैन्य ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान लंबे समय से भारत की सैन्य कार्रवाई को लेकर आधिकारिक तौर पर इनकार करता रहा है। इशाक डार का यह खुलासा न केवल पाकिस्तान की रणनीतिक कमजोरी को उजागर करता है, बल्कि Operation Sindoor की व्यापकता और सटीकता को भी रेखांकित करता है।


रावलपिंडी के चकाला क्षेत्र में स्थित नूर खान एयरबेस बना बड़ा निशाना

इशाक डार ने साल की आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भारत ने रावलपिंडी के चकाला इलाके में बने नूर खान एयरबेस को सीधे निशाना बनाया। उनके अनुसार, भारत ने महज 36 घंटे के भीतर पाकिस्तान की ओर करीब 80 ड्रोन भेजे।

डार का दावा है कि पाकिस्तानी सेना ने इनमें से 79 ड्रोन मार गिराए, लेकिन एक ड्रोन नूर खान एयरबेस तक पहुंचने में सफल रहा, जिसने वहां सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया।
इस स्वीकारोक्ति से साफ हो गया है कि Operation Sindoor केवल प्रतीकात्मक कार्रवाई नहीं थी, बल्कि गहराई तक की गई एक योजनाबद्ध सैन्य स्ट्राइक थी।


11 पाकिस्तानी एयरबेस को नुकसान, सैन्य ढांचा हिला

डिप्टी PM के अनुसार, नूर खान एयरबेस के अलावा भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के कई अन्य सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया। कुल मिलाकर 11 एयरबेस को नुकसान पहुंचने की बात स्वीकार की गई है।

यह खुलासा पाकिस्तान के लिए इसलिए भी असहज है, क्योंकि अब तक उसकी सेना और सरकार यह दावा करती रही थी कि भारतीय हमले नाकाम रहे। लेकिन Operation Sindoor के तहत हुए इन हमलों ने पाकिस्तानी वायु सुरक्षा तंत्र की कमजोरियों को उजागर कर दिया है।


पहलगाम आतंकी हमले का जवाब था ऑपरेशन सिंदूर

भारत ने यह सैन्य कार्रवाई 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के जवाब में की थी। इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई थी, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।

भारत का स्पष्ट रुख रहा कि आतंकवाद के खिलाफ अब केवल कूटनीतिक बयान नहीं, बल्कि ठोस और निर्णायक कार्रवाई होगी। Operation Sindoor उसी नीति का सैन्य रूप माना जा रहा है।


इशाक डार पहले भी कर चुके हैं हमले की पुष्टि

यह पहली बार नहीं है जब इशाक डार ने नूर खान एयरबेस पर हमले की बात मानी हो। इससे पहले जून महीने में उन्होंने एक टीवी इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि भारत ने नूर खान और शोरकोट एयरबेस को निशाना बनाया था।

उन्होंने बताया था कि 6-7 मई की रात पाकिस्तान जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रहा था, तभी भारत ने दोबारा स्ट्राइक कर दी और दोनों एयरबेस को नुकसान पहुंचा।
दिलचस्प बात यह है कि उस समय पाकिस्तान सरकार और सेना ने इस हमले से पूरी तरह इनकार किया था, लेकिन बाद में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अब इशाक डार ने इसे सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर लिया।


भारत ने पहले ही दी थी नूर खान पर हमले की जानकारी

भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तुरंत बाद स्पष्ट कर दिया था कि नूर खान एयरबेस उन प्रमुख ठिकानों में शामिल था, जहां कार्रवाई की गई।
भारत का कहना था कि यह हमला पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमावर्ती इलाकों पर किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों के जवाब में किया गया था।

भारत ने यह भी बताया कि इस ऑपरेशन का उद्देश्य सैन्य ठिकानों के साथ-साथ आतंकी नेटवर्क को समर्थन देने वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर को खत्म करना था।


TRF के ठिकानों पर सटीक स्ट्राइक, आतंक के खिलाफ कड़ा संदेश

भारत के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के ठिकानों पर भी हमला किया गया। TRF ने ही पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी।

भारत का साफ संदेश था कि जो भी संगठन या ढांचा आतंकवाद को संरक्षण देगा, उसे सैन्य जवाब के लिए तैयार रहना होगा। Operation Sindoor को इसी बदली हुई सुरक्षा नीति का उदाहरण माना जा रहा है।


नूर खान के अलावा किन-किन एयरबेस पर हमला हुआ

भारतीय पक्ष के अनुसार, नूर खान के अलावा जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें शामिल हैं—

  • रफीकी एयरबेस

  • मुरिद एयरबेस

  • रहीम यार खान एयरबेस

  • सुक्कुर

  • चुनियन

  • स्कर्दू

  • भोलारी

  • जैकोबाबाद

  • सरगोधा

इन ठिकानों को नुकसान पहुंचने से पाकिस्तान की वायुसेना की ऑपरेशनल क्षमता पर गहरा असर पड़ा।


आतंकी ठिकानों से शुरू हुआ सैन्य अभियान

भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की शुरुआत 6 और 7 मई की रात को की थी। सबसे पहले आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर और मुरीदके जैसे इलाके शामिल थे।

इन हमलों को आतंकवाद के खिलाफ “प्रिसाइज स्ट्राइक” बताया गया, जिसमें आम नागरिकों को नुकसान न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा गया।


पाकिस्तान की नाकाम जवाबी कोशिश

इसके जवाब में 8 मई की शाम पाकिस्तान ने भारत के एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाने की कोशिश की। इस दौरान तुर्किये और चीन में बने ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

हालांकि, भारत की वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह सतर्क थी। छोटे हथियारों से लेकर अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम तक, हर स्तर पर पाकिस्तानी ड्रोन को नाकाम कर दिया गया।


सीमा पर भारी गोलाबारी, पाकिस्तानी सेना को नुकसान

भारतीय सेना ने भी सीमा पार से भारी तोपों और रॉकेट लॉन्चरों का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को दबाव में रखा।
इससे पाकिस्तान की सेना को न केवल सैन्य नुकसान हुआ, बल्कि उसकी जवाबी क्षमता भी सीमित हो गई।

Operation Sindoor के दौरान यह साफ हो गया कि भारत अब केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि निर्णायक जवाब देने की नीति पर आगे बढ़ चुका है।


ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान की आधिकारिक स्वीकारोक्ति भारत की सैन्य रणनीति और सटीकता को स्पष्ट रूप से सामने लाती है। नूर खान एयरबेस पर ड्रोन हमले से लेकर 11 एयरबेस को हुए नुकसान तक, यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति अब शब्दों से आगे निकल चुकी है। आने वाले समय में इस ऑपरेशन के रणनीतिक और कूटनीतिक असर दूर तक देखने को मिल सकते हैं।

 

News-Desk

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