Yogi Adityanath सरकार की 24 घंटे में कार्रवाई: मेजर की दिव्यांग बेटी को मिला इंसाफ, भूमाफिया से मुक्त हुआ मकान, आंखों से छलके आंसू
News-Desk
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Disabled Rights, Governance, land mafia, Lucknow News, police action, uttar pradesh news, Yogi AdityanathYogi Adityanath से शिकायत के मात्र 24 घंटे के भीतर एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी की दिव्यांग और गंभीर रूप से बीमार बेटी को उसके मकान पर फिर से अधिकार दिला दिया गया। यह मामला न केवल प्रशासनिक तत्परता का, बल्कि मानवीय संवेदना और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन का भी प्रतीक बन गया है।
🔴 सेना के मेजर की बेटी, अकेली और बीमार
यह मामला लखनऊ के इंदिरानगर क्षेत्र का है। स्वर्गीय बिपिन चंद्र भट्ट भारतीय सेना में मेजर के पद पर तैनात थे। इंदिरानगर स्थित मकान संख्या ए-418 उनका था। लगभग 30 वर्ष पूर्व उनका निधन हो गया। समय के साथ परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटता चला गया—उनके एक बेटे और एक बेटी की भी मृत्यु हो चुकी है।
अब परिवार में केवल उनकी बेटी अंजना भट्ट ही जीवित हैं, जो गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और पिछले आठ वर्षों से निर्वाण रिहैब सेंटर में इलाजरत हैं। इसी अकेलेपन और बीमारी का फायदा उठाकर भूमाफियाओं ने उनके मकान पर कब्जा कर लिया।
🔴 भूमाफिया की साजिश, फर्जी दस्तावेज और ताला तोड़कर कब्जा
अंजना भट्ट के अनुसार, चंदौली निवासी बलवंत यादव और मनोज कुमार यादव ने साजिश के तहत उनके मकान पर कब्जा कर लिया। आरोपियों ने मकान से जुड़े फर्जी दस्तावेज तैयार कर लिए और उसे अपने नाम दर्शाने लगे। उन्हें यह जानकारी थी कि अंजना वहां निवास नहीं करतीं और शारीरिक रूप से असहाय हैं, इसलिए वे आसानी से कब्जा कर सकते हैं।
एफआईआर के अनुसार आरोपियों ने मकान का ताला तोड़कर जबरन प्रवेश किया, घर में रखा कीमती सामान लूट लिया और कई हिस्सों में तोड़फोड़ भी की। यहां तक कि मकान के बाहर अपने नाम का बोर्ड भी लगा दिया गया।
🔴 पहले शिकायत, लेकिन थाने से नहीं मिली सुनवाई
इस पूरे मामले में गाजीपुर थाना की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई। अंजना भट्ट ने छह दिसंबर को गाजीपुर थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। न तो कब्जा हटाया गया और न ही आरोपियों पर कोई सख्त कदम उठाया गया।
पुलिस की इस उदासीनता के बाद अंजना ने अंतिम सहारा लेते हुए मुख्यमंत्री से मिलने का निर्णय किया।
🔴 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार, तुरंत हरकत में प्रशासन
बुधवार को अंजना भट्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी पूरी आपबीती बताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तुरंत संज्ञान लिया और लखनऊ पुलिस व प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद राजधानी में प्रशासनिक मशीनरी हरकत में आई। गाजीपुर थाने में दोनों भूमाफियाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और लखनऊ पुलिस के इनपुट पर चंदौली पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
🔴 24 घंटे में कब्जा मुक्त हुआ मकान
गुरुवार को अंजना भट्ट को उनका मकान विधिवत रूप से कब्जा मुक्त कराकर सौंप दिया गया। जिस मकान से उन्हें वर्षों तक दूर रखा गया था, उसी घर में वह फिर से कदम रख सकीं। प्रशासन की इस तेज़ कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि मामला शीर्ष स्तर तक पहुंचे, तो न्याय में देर नहीं होती।
🔴 नम आंखों से कहा – थैंक्यू योगी अंकल
जब अंजना भट्ट गुरुवार को अपने घर पहुंचीं, तो उनकी आंखें भर आईं। उन्होंने पूरे घर को देखा, नारियल फोड़ा और दीप जलाकर घर में प्रवेश किया। आसपास की महिलाएं भी वहां पहुंच गईं। भावनाओं का ज्वार ऐसा था कि अंजना उनसे लिपटकर रो पड़ीं।
इसी भावुक क्षण में उन्होंने कहा—
“थैंक्यू योगी अंकल, गॉड ब्लेस यू”
यह शब्द केवल धन्यवाद नहीं थे, बल्कि उस भरोसे की अभिव्यक्ति थे, जो एक असहाय नागरिक को शासन व्यवस्था पर फिर से हुआ।
🔴 गाजीपुर पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने गाजीपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। जब छह दिसंबर को दी गई शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद कुछ ही घंटों में पूरा मामला सुलझ गया—तो यह साफ संकेत देता है कि निचले स्तर पर लापरवाही हुई।
अब उम्मीद की जा रही है कि इस लापरवाही की भी समीक्षा होगी।

