पंजाब धमकी विवाद में नया मोड़: Kamaljit Singh Barar के दावे पर पाकिस्तानी डॉन Shahzad Bhatti का ऑडियो सामने, धमकी से किया इनकार
News-Desk
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Audio Statement, Congress News, International Angle, Pakistan news, Political controversy, Punjab News, Shahzad Bhatti, Threat Caseपूर्व कांग्रेस नेता Kamaljit Singh Barar को जान से मारने की धमकी मिलने के दावे पर कथित पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी का एक ऑडियो सामने आया है। इस ऑडियो में भट्टी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उसने किसी को भी जान से मारने की धमकी नहीं दी है और उसका इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं है।
🔴 ऑडियो जारी कर शहजाद भट्टी का पलटवार
सामने आए ऑडियो में शहजाद भट्टी कहते हैं कि उन्होंने वह कथित कॉल रिकॉर्डिंग सुनी है, जिसके आधार पर उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं। भट्टी के अनुसार, न तो उन्होंने और न ही उनके किसी आदमी ने कमलजीत सिंह बराड़ को धमकी दी है। उन्होंने दावा किया कि यह पूरा मामला या तो सुरक्षा हासिल करने का प्रयास है या फिर उनके नाम का इस्तेमाल कर सुर्खियां बटोरने की कोशिश।
भट्टी ने कहा कि वह किसी को धमकी देने से पहले गले में पट्टा डालकर देता है और अगर उसका किसी से कोई वास्तविक विवाद होता, तो वह सीधे तौर पर बात करता। उनके अनुसार, उनके पास न तो इतना समय है और न ही कमलजीत नाम के किसी व्यक्ति से उनकी कोई दुश्मनी है।
🔴 ‘मेरे नाम पर फेम लेने की कोशिश’ का आरोप
ऑडियो में शहजाद भट्टी ने कमलजीत बराड़ के इंटरव्यू और बयानों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उनके नाम को लेकर जिस तरह की शब्दावली का इस्तेमाल किया जा रहा है, उस पर लगाम लगनी चाहिए। भट्टी ने दावा किया कि उन्होंने कमलजीत बराड़ का इंटरव्यू और उससे जुड़ी कुछ वीडियो देखी हैं, जिनमें उनके खिलाफ बेबुनियाद बातें कही गई हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जिस कॉल की बात की जा रही है, वह फर्जी है और संभव है कि वह कॉल खुद अपने किसी आदमी से करवाई गई हो।
🔴 कमलजीत बराड़ कौन हैं, क्या है पूरा मामला
पूर्व कांग्रेस विधायक दर्शन सिंह बराड़ के बेटे कमलजीत सिंह बराड़ ने दावा किया है कि उन्हें पाकिस्तान के नंबर से जान से मारने की धमकी दी गई। कमलजीत के अनुसार, उन्हें एक वॉट्सऐप कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को शहजाद भट्टी बताते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक गतिविधियां कुछ भारतीय नेताओं के हितों के खिलाफ हैं और यदि उन्होंने इन्हें बंद नहीं किया तो उनकी हत्या कर दी जाएगी।
कमलजीत ने इस धमकी की शिकायत पुलिस को दी और कहा कि वह न तो सुरक्षा लेने के लिए ऐसा कर रहे हैं और न ही उन्हें किसी तरह की प्रसिद्धि की जरूरत है।
🔴 ‘कॉल काटकर भाग गया’ – कमलजीत बराड़ का बयान
कमलजीत सिंह बराड़ का कहना है कि जब उन्हें धमकी भरा फोन आया, तो उन्होंने सामने वाले व्यक्ति से उसकी वजह पूछी। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या किसी राजनीतिक नेता ने उसे धमकी देने के लिए कहा है। इस पर कथित कॉलर अभद्र भाषा पर उतर आया।
बराड़ का दावा है कि उन्होंने उसे उसी की भाषा में जवाब दिया, जिसके बाद कॉल करने वाले ने फोन काट दिया। उन्होंने कहा कि अंदर बैठकर कोई धमकी नहीं देता और जो लोग उनकी राजनीतिक गतिविधियों से असहज हैं, वही इस तरह की धमकियों के पीछे हो सकते हैं।
🔴 राजनीति, विचारधारा और आरोप-प्रत्यारोप
Kamaljit Singh Barar threat case केवल एक सुरक्षा से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि इसमें राजनीतिक पृष्ठभूमि भी जुड़ी हुई है। कमलजीत बराड़ ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि विचारों की है। कांग्रेस में रहते हुए भी उनकी पार्टी के भीतर वैचारिक संघर्ष चलता रहा, जिसके चलते उन्होंने पार्टी छोड़ दी।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने लुधियाना लोकसभा चुनाव में राजा वड़िंग और रवनीत बिट्टू के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन उनका किसी से व्यक्तिगत झगड़ा नहीं है।
🔴 पुलिस जांच पर भी उठे सवाल
कमलजीत सिंह बराड़ ने आरोप लगाया कि उन्होंने धमकी की शिकायत थाना बाघापुराना में दी थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि जिस तरह से इस मामले में कार्रवाई नहीं हो रही, उससे सरकारी तंत्र पर भी संदेह पैदा होता है।
बराड़ का दावा है कि कॉल करने वाले ने उनसे कुछ राजनेताओं के साथ चल रहे मसले निपटाने को कहा था, लेकिन जब उन्होंने नाम पूछे, तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
🔴 धमकी विवाद में अंतरराष्ट्रीय एंगल
Kamaljit Singh Barar threat case में पाकिस्तान से जुड़ा एंगल जुड़ने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। एक तरफ कमलजीत बराड़ का दावा है कि उन्हें पाकिस्तान के वॉट्सऐप नंबर से धमकी मिली, वहीं दूसरी ओर शहजाद भट्टी ने अपने ऑडियो बयान में इस पूरे आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है।
अब यह मामला पूरी तरह पुलिस जांच, कॉल डिटेल्स, डिजिटल सबूतों और फोरेंसिक विश्लेषण पर निर्भर करता है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि धमकी वास्तव में किसने दी और इसके पीछे क्या मकसद था।

