उत्तर प्रदेश

KGMU Love Jihad Case: STF जांच में खुला बड़ा खेल, 17 दिसंबर की शिकायत दबाई गई, HOD और अफसर घेरे में

KGMU Love Jihad Case अब सिर्फ एक आपराधिक मुकदमा नहीं रहा, बल्कि देश के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में से एक किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में कथित सत्ता-संरक्षण, नैतिक विफलता और संस्थागत चुप्पी का प्रतीक बन चुका है। जैसे ही उत्तर प्रदेश सरकार ने इस पूरे मामले की जांच STF को सौंपी, परत-दर-परत ऐसे खुलासे सामने आने लगे जिन्होंने KGMU प्रशासन की भूमिका पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।


🔥 17 दिसंबर की शिकायत, जो जानबूझकर दबा दी गई

STF को मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार पीड़िता ने आरोपी डॉक्टर रमीज मलिक के खिलाफ 17 दिसंबर को ही KGMU प्रशासन को लिखित शिकायत दे दी थी। यह वही तारीख है जब FIR दर्ज होने में अभी पाँच दिन बाकी थे।

सूत्रों के अनुसार, शिकायत सीधे विभागाध्यक्ष यानी HOD के पास पहुंची थी, लेकिन उसे जानबूझकर दबाकर रखा गया। न तो विश्वविद्यालय प्रशासन को तुरंत अवगत कराया गया और न ही पुलिस को सूचित किया गया।

यह देरी महज़ लापरवाही नहीं बल्कि संस्थागत संरक्षण की ओर इशारा कर रही है।


🔥 आरोपी डॉक्टर रमीज पर पहले भी थीं गंभीर शिकायतें

STF को सौंपी गई फाइलों में यह भी सामने आया है कि डॉक्टर रमीज के खिलाफ पहले भी विशाखा कमेटी और प्रशासन के पास शिकायतें आई थीं।

मतलब साफ है — यह कोई पहली शिकायत नहीं थी।
फिर भी, उसे मेडिकल यूनिवर्सिटी के भीतर एक “संरक्षित डॉक्टर” की तरह ट्रीट किया गया।


🔥 FIR से पहले तक कोई कार्रवाई नहीं की गई

KGMU प्रशासन की भूमिका पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि FIR दर्ज होने तक आरोपी पर कोई विभागीय कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

न निलंबन
न मेडिकल ड्यूटी से हटाना
न जांच

जबकि पीड़िता ने आधिकारिक रूप से शिकायत दर्ज करा दी थी।


🔥 STF जांच क्यों जरूरी हो गई

KGMU की फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी, जिसमें पूर्व DGP भावेश कुमार सिंह भी शामिल थे, ने अपनी जांच में पाया कि मामला सामान्य यौन उत्पीड़न नहीं बल्कि संगठित धोखा, भावनात्मक शोषण और धर्म परिवर्तन दबाव से जुड़ा हुआ है।

इसी के आधार पर KGMU प्रशासन ने खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से STF जांच की सिफारिश की थी।


🔥 मुख्यमंत्री से VC की सीधी मुलाकात

KGMU की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर मामले की गंभीरता रखी, जिसके बाद STF जांच को औपचारिक मंजूरी दी गई।

यह अपने आप में संकेत है कि मामला बेहद संवेदनशील और उच्च-स्तरीय माना गया।


🔥 KGMU में बवाल और हड़ताल का अल्टीमेटम

9 जनवरी को KGMU परिसर में हुई तोड़फोड़ और प्रदर्शन के बाद प्रशासन और डॉक्टरों में भारी रोष है।

अब तक उन उपद्रवियों के खिलाफ FIR दर्ज न होने पर सभी यूनियनों ने 14 जनवरी से OPD बंद कर हड़ताल का ऐलान कर दिया है।

डॉक्टरों का कहना है कि
“अगर मेडिकल यूनिवर्सिटी सुरक्षित नहीं रही, तो मरीज कैसे सुरक्षित रहेंगे?”


🔥 काजी से पूछताछ, निकाह की वैधता पर सवाल

STF के निर्देश पर पुलिस ने पीलीभीत के काजी जाहिद हसन राणा से पूछताछ की है, जिन्होंने कथित तौर पर डॉक्टर रमीज का निकाह कराया था।

अब यह जांच हो रही है कि
क्या यह शादी कानूनी रूप से हुई
क्या इसमें यूपी धर्म परिवर्तन अधिनियम का पालन किया गया
और क्या पीड़िता की स्वतंत्र सहमति थी


🔥 क्या है पूरा KGMU Love Jihad Case

पीड़िता, जो KGMU की रेजिडेंट डॉक्टर है, ने आरोप लगाया है कि
रमीज ने अपनी शादी छिपाई
शादी का झांसा दिया
यौन शोषण किया
जबरन गर्भपात कराया
धमकाया
और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया

इन्हीं आरोपों पर उसके खिलाफ IPC और UP धर्मांतरण कानून के तहत केस दर्ज हुआ।


KGMU Love Jihad Case अब केवल एक महिला डॉक्टर की लड़ाई नहीं रह गया है। यह उस सिस्टम की सच्चाई उजागर कर रहा है जहाँ प्रभावशाली लोगों को संरक्षण मिलता है और पीड़ितों की आवाज दबाई जाती है। STF जांच इस बात की असली परीक्षा होगी कि भारत का कानून सत्ता और संस्थानों से ऊपर खड़ा रह सकता है या नहीं।

News-Desk

News Desk एक समर्पित टीम है, जिसका उद्देश्य उन खबरों को सामने लाना है जो मुख्यधारा के मीडिया में अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं। हम निष्पक्षता, सटीकता, और पारदर्शिता के साथ समाचारों को प्रस्तुत करते हैं, ताकि पाठकों को हर महत्वपूर्ण विषय पर सटीक जानकारी मिल सके। आपके विश्वास के साथ, हम खबरों को बिना किसी पूर्वाग्रह के आप तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किसी भी सवाल या जानकारी के लिए, हमें संपर्क करें: info@poojanews.com

News-Desk has 21300 posts and counting. See all posts by News-Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

nine + 10 =