Canada गोल्ड चोरी केस में बड़ा मोड़: 180 करोड़ की लूट में एक और गिरफ्तारी, आरोपी दुबई से लौटते पकड़ा गया
Canada के इतिहास की सबसे बड़ी गोल्ड चोरी के मामले में पुलिस ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। Canada gold theft केस, जिसने 2023 में पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था, अब अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क की परतें खोलता जा रहा है। पील रीजनल पुलिस ने पुष्टि की है कि इस हाई-प्रोफाइल चोरी से जुड़े 43 वर्षीय अरसलान चौधरी को टोरंटो पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया है।
अरसलान चौधरी दुबई से कनाडा लौट रहा था, तभी उसे हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि उसका कोई स्थायी पता नहीं है, जिससे उसकी गतिविधियां और भी संदिग्ध बन जाती हैं।
Project 24K जांच में नई गिरफ्तारी से बढ़ी हलचल
पील रीजनल पुलिस द्वारा चलाई जा रही Project 24K investigation इस केस की रीढ़ है। इस ऑपरेशन के तहत अब तक कई अंतरराष्ट्रीय कड़ियों को जोड़ा जा चुका है। अरसलान चौधरी पर 5 हजार डॉलर से अधिक की चोरी, अपराध से प्राप्त संपत्ति रखने और आपराधिक साजिश में शामिल होने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार यह गिरफ्तारी केवल एक व्यक्ति को पकड़ने की कार्रवाई नहीं है, बल्कि उस पूरे नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है, जिसने इतनी बड़ी मात्रा में सोना और विदेशी मुद्रा उड़ाने की साजिश रची।
Toronto airport gold heist कैसे अंजाम दी गई
17 अप्रैल 2023 की दोपहर, स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख से एक फ्लाइट कनाडा के टोरंटो शहर स्थित पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुई। इस फ्लाइट में 6,600 सोने की ईंटें और करीब 2.5 मिलियन डॉलर (21 करोड़ रुपए से ज्यादा) की विदेशी मुद्रा लाई गई थी। सोने का वजन करीब 400 किलो था, जिसकी कीमत लगभग 173 करोड़ रुपए आंकी गई।
इस कैश को वेंकुवर के एक करेंसी एक्सचेंज और सोने को टोरंटो के एक प्रमुख बैंक में जमा किया जाना था। एयरपोर्ट के कार्गो कंपाउंड में इन्हें अस्थायी रूप से रखा गया, लेकिन कुछ ही घंटों में यह माल इतिहास की सबसे बड़ी एयरपोर्ट चोरी में बदल गया।
फर्जी एयरवे बिल से खुला कार्गो का रास्ता
शाम करीब 6 बजकर 23 मिनट पर एक भारी ट्रक कार्गो फैसिलिटी के बाहर खड़ा किया गया। ड्राइवर एक फर्जी एयरवे बिल के साथ वेयरहाउस में दाखिल हुआ। यह बिल असल में सीफूड डिलीवरी से जुड़ा था, जो एक दिन पहले ही निकल चुका था।
पुलिस का कहना है कि एयरपोर्ट के अंदर मौजूद किसी व्यक्ति ने पुराने बिल को प्रिंट कर उसे नए दस्तावेजों से बदल दिया। यही अंदरूनी मिलीभगत इस पूरी चोरी की सबसे मजबूत कड़ी बनकर सामने आई है।
तीन घंटे में गायब हो गया 400 किलो सोना
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, शाम 7 बजकर 4 मिनट पर ट्रक कार्गो के पास पहुंचा और 7 बजकर 27 मिनट तक सोने से भरा कंटेनर ट्रक में लोड हो चुका था। अगले तीन मिनट में ट्रक वहां से निकल गया।
फ्लाइट के उतरने के महज साढ़े तीन घंटे के भीतर 400 किलो सोना और करोड़ों की विदेशी मुद्रा गायब हो चुकी थी।
जब असली ट्रक पहुंचा, तब सामने आया सच
रात करीब साढ़े 9 बजे जब सिक्योरिटी कंपनी का असली ट्रक सोने का कार्गो लेने पहुंचा, तब कर्मचारियों को पता चला कि वेयरहाउस खाली है। इसके बाद सुबह 2 बजकर 23 मिनट पर एयर कनाडा ने पुलिस को इस चोरी की जानकारी दी।
कार्गो इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों ने बताया कि केवल दो दस्तावेजों के सहारे इतना बड़ा माल ले जाया जा सका, क्योंकि उनकी ठीक से जांच नहीं हुई।
भारत में छिपा आरोपी सिमरनप्रीत पनेसर
जांच में सामने आया कि एयर कनाडा का पूर्व कर्मचारी सिमरनप्रीत पनेसर इस साजिश का अहम हिस्सा था। उस पर आरोप है कि उसने एयरलाइन सिस्टम से छेड़छाड़ कर कार्गो को डायवर्ट किया।
पुलिस का दावा है कि वह फिलहाल भारत में हो सकता है और उसके खिलाफ कनाडा में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
अब तक 10 आरोपी, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क उजागर
इस केस में अब तक 10 लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है, जिनमें कई अलग-अलग देशों से जुड़े नाम शामिल हैं। कुछ आरोपी अमेरिका में हथियार तस्करी जैसे मामलों में भी फंसे हुए हैं, जिससे साफ होता है कि यह केवल चोरी नहीं बल्कि संगठित अंतरराष्ट्रीय अपराध है।
पील रीजनल पुलिस प्रमुख निशान दुरईअप्पाह ने साफ कहा है कि चाहे आरोपी दुनिया के किसी भी कोने में छिपे हों, कानून उन्हें ढूंढ निकालेगा।

