वाराणसी BHU में अपराध का बढ़ता साया: छह साल में 30 संगीन वारदातें, ‘महामना की बगिया’ पर सुरक्षा संकट
News-Desk
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BHU, BHU News, Campus Crime, student safety, University Security, uttar pradesh news, varanasi newsBHU crime news ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जिस परिसर को कभी शिक्षा, संस्कार और संस्कृति का प्रतीक माना जाता था, वह आज अपराधियों की शरणस्थली कैसे बनता जा रहा है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), जिसे महामना मदन मोहन मालवीय की बगिया कहा जाता है, वहां बीते छह वर्षों में 30 से अधिक संगीन आपराधिक घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। इन घटनाओं में छात्रों की हत्या, जानलेवा हमले, सामूहिक दुष्कर्म, प्रोफेसरों पर फायरिंग और तस्करी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
🔴 महामना की बगिया से ‘अपराध की बगिया’ तक का सफर
शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले BHU परिसर में अपराध का ग्राफ जिस तेजी से बढ़ा है, उसने न केवल विश्वविद्यालय प्रशासन बल्कि पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालिया मामला छात्र रौशन मिश्रा पर चार राउंड फायरिंग और हत्या के प्रयास का है, लेकिन यह कोई अकेली या अपवादस्वरूप घटना नहीं है।
पिछले कुछ वर्षों में यहां ऐसी-ऐसी वारदातें सामने आईं, जिन्होंने पूरे देश का ध्यान खींचा और BHU की छवि को गहरा आघात पहुंचाया।
🔴 छात्रों से लेकर प्रोफेसरों तक असुरक्षित
BHU crime news के आंकड़े बताते हैं कि अपराधी अब केवल छात्रों को ही निशाना नहीं बना रहे, बल्कि प्रोफेसर, चिकित्सक और कर्मचारी भी सुरक्षित नहीं हैं। विभागीय राजनीति इतनी हिंसक हो चुकी है कि कुर्सी की लड़ाई में प्रोफेसर पर भाड़े के शूटरों से जानलेवा हमला तक कराया गया।
मेडिकल संकाय से जुड़े चिकित्सकों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज होना और तेलुगु विभागाध्यक्ष पर प्राणघातक हमला इस बात का संकेत है कि अपराध अब संस्थागत सीमाओं को लांघ चुका है।
🔴 छह साल में 30 संगीन मामले, लंका थाने के आंकड़े चौंकाने वाले
यदि पिछले छह वर्षों के पुलिस रिकॉर्ड पर नजर डालें तो लंका थाना क्षेत्र में दर्ज मामलों में BHU से जुड़े कम से कम 30 संगीन अपराध सामने आते हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, सामूहिक दुष्कर्म, यौन उत्पीड़न, तस्करी और गंभीर हिंसा के मामले शामिल हैं।
यह स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है, जब यह सब एक केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर के भीतर या उससे सटे क्षेत्रों में घटित हुआ हो।
🔴 BHU परिसर की प्रमुख और चर्चित आपराधिक घटनाएं
2 अप्रैल 2019: बिरला हॉस्टल के पास छात्र गौरव सिंह बग्गा की गोली मारकर हत्या
सितंबर 2019: आयुर्वेद संकाय के पास चाय दुकानदार राम जतन साहनी उर्फ रामू की सिर कूंच कर हत्या
2021: फिजिकल एजुकेशन के छात्र मुकेश पांडेय पर बिरला हॉस्टल के पास फायरिंग
26 अक्टूबर 2021: NCC और केंद्रीय विद्यालय में दाखिले के नाम पर 30 बच्चों के साथ कुकर्म
2018–2023: चंदन के 8 पेड़ काटे गए, सैकड़ों क्विंटल लकड़ी की तस्करी
31 अगस्त 2023: महिला प्रोफेसर से परिसर में छेड़खानी, कपड़े तक फाड़े गए
2 नवंबर 2023: आईआईटी बीएचयू की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म
मेडिकल छात्रों पर जानलेवा हमला
28 जुलाई 2025: तेलुगु विभागाध्यक्ष प्रो. चेल्ला रामामूर्ति पर प्राणघातक हमला
इन घटनाओं की सूची यह बताने के लिए काफी है कि BHU crime news अब किसी एक घटना तक सीमित नहीं रह गया है।
🔴 सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
BHU परिसर की सुरक्षा व्यवस्था लंबे समय से सवालों के घेरे में है। सुरक्षा कर्मियों की ढिलाई, निगरानी की कमी और प्रशासनिक उदासीनता को अपराध बढ़ने का बड़ा कारण माना जा रहा है। छात्रावासों में बाहरी और निष्कासित छात्रों का बेरोकटोक आना-जाना, रूटीन चेकिंग का अभाव और पहचान सत्यापन की कमी ने परिसर को असामाजिक तत्वों के लिए सुरक्षित ठिकाना बना दिया है।
🔴 हॉस्टल बने ‘आरामगाह’, आपराधिक तत्व सक्रिय
सूत्रों के अनुसार, कई हॉस्टल अब नियमित छात्रों की बजाय बाहरी युवकों और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का अड्डा बनते जा रहे हैं। न तो नियमित तलाशी होती है और न ही परिसर में प्रवेश करने वालों की सख्त जांच। इसका नतीजा यह है कि अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
🔴 शिक्षा के मंदिर में बढ़ता अपराध: समाज के लिए चेतावनी
BHU crime news केवल विश्वविद्यालय प्रशासन की समस्या नहीं है, बल्कि यह समाज और शासन—दोनों के लिए चेतावनी है। जिस स्थान से देश को वैज्ञानिक, डॉक्टर, शिक्षक और प्रशासक मिलते हैं, अगर वही स्थान असुरक्षित हो जाए, तो यह पूरे शैक्षणिक तंत्र पर सवाल खड़े करता है।

