Aligarh: रिश्वत मांगते वायरल वीडियो के बाद खैर तहसील में बड़ा एक्शन, लेखपाल प्रदीप कुमार राव निलंबित
News-Desk
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aligarh, अलीगढ़ भ्रष्टाचार मामला, एसडीएम शिशिर कुमार सिंह कार्रवाई, खैर तहसील खबर, नहर पटरी कटान विवाद, प्रदीप कुमार राव निलंबित, राजस्व विभाग जांच, लेखपाल रिश्वत वीडियोAligarh जिले की खैर तहसील के वाजीदपुर गांव से सामने आया Lekhpal Suspension Bribery Video प्रशासनिक तंत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर एक बड़ी कार्रवाई का कारण बना है। गांव में नहर की पटरी कटान और किसानों की फसल नुकसान से जुड़े मामले में कथित रिश्वत मांगने का वीडियो सामने आने के बाद लेखपाल प्रदीप कुमार राव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
एसडीएम शिशिर कुमार सिंह ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया और आरोपी लेखपाल को तहसील मुख्यालय से संबद्ध करते हुए विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए। इस कार्रवाई को ग्रामीण स्तर पर प्रशासन की सक्रियता और भ्रष्टाचार के खिलाफ स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
वाजीदपुर गांव में नहर पटरी कटान से शुरू हुआ पूरा मामला
Aligarh Lekhpal Suspension Bribery Video से जुड़ा विवाद 20 मार्च को उस समय शुरू हुआ जब वाजीदपुर गांव के पास नहर की पटरी कट गई। इस घटना के कारण आसपास के खेतों में पानी भर गया और कई किसानों की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा।
नियमों के अनुसार ऐसी स्थिति में संबंधित लेखपाल की जिम्मेदारी होती है कि वह तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना दे और नुकसान का प्रारंभिक आकलन कर रिपोर्ट तैयार करे। आरोप है कि लेखपाल प्रदीप कुमार राव ने समय रहते इसकी जानकारी नहीं दी और मामले को दबाने की कोशिश की।
जब ग्रामीणों ने स्वयं अधिकारियों को इस स्थिति से अवगत कराया, तब प्रशासन सक्रिय हुआ और लेखपाल को मौके पर भेजने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी से बढ़ी नाराजगी
ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों के स्पष्ट निर्देश मिलने के बावजूद लेखपाल प्रदीप कुमार राव ने मौके पर जाकर स्थिति का सही मूल्यांकन करने में लापरवाही दिखाई। किसानों ने फसल नुकसान के सर्वे की मांग की थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई समय पर नहीं हुई।
यही वह चरण था जहां Aligarh Lekhpal Suspension Bribery Video मामले ने नया मोड़ लिया। किसानों के बीच पहले से असंतोष था, जो वीडियो सामने आने के बाद और अधिक गहरा हो गया।
रिश्वत मांगने का वीडियो सामने आने से मचा प्रशासनिक हलचल
घटना के दौरान एक वीडियो सामने आया जिसमें लेखपाल प्रदीप कुमार राव कथित तौर पर एक ग्रामीण से फसल नुकसान सर्वे से जुड़े कार्य के बदले डेढ़ हजार रुपये की मांग करते हुए दिखाई दिए। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और देखते ही देखते यह मामला स्थानीय प्रशासन से लेकर जिले के उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया।
Aligarh Lekhpal Suspension Bribery Video सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर तुरंत संज्ञान लिया गया और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
एसडीएम शिशिर कुमार सिंह ने दिखाई सख्ती
वीडियो वायरल होते ही खैर तहसील प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। एसडीएम शिशिर कुमार सिंह ने प्रारंभिक जांच के आधार पर लेखपाल प्रदीप कुमार राव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया।
इसके साथ ही उन्हें तहसील मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया, ताकि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी की जा सके। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति का हिस्सा है।
नायब तहसीलदार को सौंपी गई विस्तृत जांच की जिम्मेदारी
Aligarh Lekhpal Suspension Bribery Video मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच नायब तहसीलदार को सौंप दी गई है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि आरोप कितने प्रमाणिक हैं और क्या इस मामले में अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि दोष सिद्ध होने पर और कठोर कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम करेगी नुकसान का आकलन
नहर पटरी कटान से प्रभावित किसानों को राहत देने के उद्देश्य से राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम को मौके पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। टीम खेतों में हुए वास्तविक नुकसान का आकलन करेगी और रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी।
Aligarh Lekhpal Suspension Bribery Video के बाद प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रभावित किसानों के साथ किसी प्रकार की अन्यायपूर्ण स्थिति नहीं होने दी जाएगी और राहत प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।
ग्रामीणों में कार्रवाई को लेकर संतोष, लेकिन उठे कई सवाल
गांव वाजीदपुर के किसानों और ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से राजस्व कार्यों में पारदर्शिता को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार त्वरित कार्रवाई से भरोसा बढ़ा है।
हालांकि ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
राजस्व तंत्र की कार्यप्रणाली पर फिर उठे सवाल
Aligarh Lekhpal Suspension Bribery Video ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ग्रामीण स्तर पर राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली कितनी पारदर्शी है। किसानों से जुड़े मामलों में समय पर सर्वे और रिपोर्टिंग बेहद जरूरी होती है, क्योंकि इससे राहत योजनाओं का लाभ सीधे प्रभावित लोगों तक पहुंचता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल मॉनिटरिंग और पारदर्शी रिपोर्टिंग सिस्टम को मजबूत करने से इस प्रकार की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
प्रशासन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश दिया
एसडीएम शिशिर कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा है कि सरकारी कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। वीडियो के आधार पर प्राथमिक कार्रवाई की जा चुकी है और विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
Aligarh Lekhpal Suspension Bribery Video के बाद यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया है कि प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया को और सख्ती से लागू किया जा रहा है।

