उत्तर प्रदेश

Rakhi Kashyap Murder Case: फार्महाउस की दीवारों पर खून के निशान, चौकीदार से पूछताछ तेज; दोहरे हत्याकांड की परतें खुलती जा रहीं

Saharanpur के नौगांवा क्षेत्र में सामने आए Rakhi Kashyap murder case ने जांच एजेंसियों के सामने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस फार्महाउस में बागपत निवासी राखी कश्यप की हत्या की गई, वहां आज भी दीवारों पर खून के निशान मौजूद बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इस सनसनीखेज वारदात के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है।

जांच में यह भी सामने आया है कि घटना को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने अपने फार्महाउस की बजाय देहरादून निवासी व्यक्ति के फार्महाउस को चुना, जिससे साजिश के पीछे की योजना और भी संदिग्ध हो गई है।


घटनास्थल से दो किलोमीटर दूर था आरोपी का अपना फार्महाउस

पुलिस जांच के अनुसार आरोपी कपिल चौहान का खुद का फार्महाउस घटनास्थल से लगभग दो किलोमीटर दूर पठानपुरा गांव के पास स्थित है। इसके बावजूद हत्या के लिए दूसरे व्यक्ति के फार्महाउस का चयन किया गया।

यह तथ्य जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है, क्योंकि इससे योजना के पीछे पूर्व तैयारी और साजिश की आशंका मजबूत होती है।


25 अप्रैल को फार्महाउस पहुंची थी राखी कश्यप

पुलिस जांच में सामने आया है कि 25 अप्रैल को भाजपा नेता सुधारस चौहान और उसका साथी कपिल चौहान राखी कश्यप को अपने साथ लेकर सहारनपुर पहुंचे थे। सबसे पहले वे पठानपुरा स्थित फार्महाउस पर रुके और उसके बाद तीनों नौगांवा क्षेत्र के दूसरे फार्महाउस पर पहुंचे।

यहीं पर योजनाबद्ध तरीके से हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।


चौकीदार ने लाकर दिया था खाना, फिर भेज दिया गया वापस

जांच में सामने आया है कि फार्महाउस के चौकीदार को तीनों के लिए खाना लाने के लिए कहा गया था। खाना पहुंचाने के बाद उसे वहां से वापस भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार इसके बाद आरोपियों ने फार्महाउस में पार्टी की और फिर राखी कश्यप की हत्या कर दी।


चौकीदार के बिस्तर में लपेटकर शव को रजबहे में फेंका गया

हत्या के बाद शव को फार्महाउस में मौजूद चौकीदार के बिस्तर में लपेटकर नौगांवा के पास स्थित रजबहे में फेंक दिया गया। 27 अप्रैल को यही शव बरामद हुआ था।

चौकीदार की भूमिका को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। यह सवाल उठ रहा है कि दीवारों पर खून के निशान दिखाई देने के बावजूद उसने तत्काल सूचना क्यों नहीं दी।


पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बेरहमी से हत्या की पुष्टि

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि राखी कश्यप की हत्या बेहद निर्ममता से की गई थी। पहले उसका गला रेता गया, फिर सीने और पीठ पर कई बार चाकू से वार किए गए। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हुई।

इसके बाद शव को रजबहे में फेंककर पहचान छिपाने की कोशिश की गई।


विक्रांत हत्याकांड से जुड़ा मिला पूरा मामला

जांच में सामने आया कि यह मामला केवल एक हत्या तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पहले प्रयागराज निवासी विक्रांत की हत्या भी इसी घटनाक्रम से जुड़ी हुई है। पुलिस के अनुसार विक्रांत और राखी कश्यप के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे और दोनों विवाह की योजना बना रहे थे।

15 अप्रैल को आयोजित एक पार्टी के दौरान विवाद हुआ, जिसमें राखी द्वारा कथित रूप से विक्रांत को गोली मार दी गई। बाद में उसका शव नहर में फेंक दिया गया।


राखी की हत्या से पहले बढ़ गया था खुलासे का डर

पुलिस के अनुसार विक्रांत हत्याकांड की जांच आगे बढ़ने पर आरोपी सुधारस चौहान को अपने खिलाफ कार्रवाई का डर सताने लगा था। इसी वजह से उसने कपिल चौहान के साथ मिलकर 25 अप्रैल की रात राखी कश्यप को फार्महाउस ले जाकर उसकी हत्या कर दी।

इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा आरोपी कपिल चौहान की गिरफ्तारी के बाद सामने आया।


भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व नगर अध्यक्ष सुधारस चौहान गिरफ्तार

Baghpat पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड में वांछित भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व नगर अध्यक्ष सुधारस चौहान को बड़ौत रोड स्थित चौहान एन्क्लेव से गिरफ्तार कर लिया।

उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त खून से सना दांव बरामद किया गया और कार्यालय से सीसीटीवी डीवीआर भी जब्त कर लिया गया।


परिजनों ने सुरक्षा की मांग उठाई

सुधारस चौहान की गिरफ्तारी से पहले उसके परिजनों ने संभावित एनकाउंटर की आशंका जताते हुए मुख्यमंत्री और मानवाधिकार आयोग से सुरक्षा की मांग की थी। पत्नी कोमल ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए मामले की पारदर्शी जांच की अपील की।


मोबाइल रिकॉर्ड और पुराने संबंधों की भी जांच जारी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि राखी कश्यप पिछले करीब दो वर्षों से विक्रांत के संपर्क में थीं और दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रहती थी। साथ ही यह जानकारी भी सामने आई कि राखी पिछले लगभग सात वर्षों से अपने पैतृक घर नहीं गई थीं।

इन सभी तथ्यों को जांच के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में शामिल किया गया है।


चौकीदार की भूमिका पर अभी स्पष्ट नहीं स्थिति

इस पूरे घटनाक्रम में फार्महाउस चौकीदार की भूमिका को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है, लेकिन उसकी संलिप्तता के संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।

ग्रामीण पुलिस अधीक्षक मयंक पाठक के अनुसार मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है और जल्द ही कई अन्य तथ्य सामने आने की संभावना है।


राखी कश्यप हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, फार्महाउस, चौकीदार और आरोपियों के बीच की कड़ियों से इस दोहरे हत्याकांड की साजिश और गहरी होती दिखाई दे रही है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और घटनाक्रम की क्रमवार कड़ियों को जोड़कर मामले के हर पहलू को स्पष्ट करने में जुटी है।

 

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