Kanpur- पहली बार भारतीय नौसेना के लिए 5 श्रेणियों के जूते बनाएगी Ordnance Equipment Factory?
News-Desk
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kanpur, OEF Kanpur Navy shoes order, ordnance equipment factory, एंटी स्किड बूट्स नेवी, ऑर्डिनेंस इक्विपमेंट फैक्ट्री, डर्बी शूज नेवी, भारतीय नौसेना जूते निर्माण, मेक इन इंडिया डिफेंस, रक्षा उत्पादन भारतKanpur की प्रतिष्ठित Ordnance Equipment Factory Kanpur को पहली बार Indian Navy के लिए पांच अलग-अलग श्रेणियों के जूते तैयार करने का बड़ा ऑर्डर मिला है। यह उपलब्धि न केवल रक्षा उत्पादन क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, बल्कि कानपुर की औद्योगिक पहचान को भी नई मजबूती देने वाली है।
फैक्ट्री प्रशासन के अनुसार इस परियोजना के तहत डर्बी शूज, हाई एंकल बूट्स, एंटी-स्किड शूज, सैंडल्स और अन्य विशेष उपयोग वाले जूतों का निर्माण किया जाएगा। वर्ष के अंत तक इनकी सप्लाई शुरू होने की संभावना है, जिससे नौसेना के जवानों को उच्च गुणवत्ता वाले स्वदेशी फुटवियर उपलब्ध हो सकेंगे।
पहली बार मिला नौसेना का बहु-श्रेणी फुटवियर निर्माण का अवसर
अब तक यह फैक्ट्री मुख्य रूप से भारतीय सेना के लिए हाई एंकल बूट, मल्टी-पर्पज बूट और अन्य जरूरी उपकरण तैयार करती रही है। लेकिन पहली बार नौसेना के लिए इतने व्यापक स्तर पर फुटवियर निर्माण का जिम्मा मिलने से उत्पादन क्षमता और तकनीकी दक्षता दोनों का विस्तार होने जा रहा है।
फैक्ट्री के मुख्य महाप्रबंधक अनिल रंगा के अनुसार नौसेना के बिजनेस पार्टनर्स के साथ आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद विभिन्न श्रेणियों के जूतों के नमूने भेजे गए थे, जिन्हें स्वीकृति मिलने के बाद अब उत्पादन की औपचारिक तैयारी शुरू कर दी गई है।
पांच अलग-अलग श्रेणियों के जूतों का होगा निर्माण
इस परियोजना के तहत जिन जूतों का निर्माण किया जाएगा, उनमें डर्बी शूज विशेष रूप से नौसेना के औपचारिक उपयोग के लिए तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा हाई एंकल बूट्स लंबे समय तक ड्यूटी के दौरान बेहतर सुरक्षा और सपोर्ट प्रदान करेंगे।
एंटी-स्किड शूज को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि समुद्री जहाजों और फिसलन वाली सतहों पर बेहतर पकड़ सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही पहली बार सैंडल्स का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे जवानों को आरामदायक विकल्प उपलब्ध कराया जा सकेगा। अन्य विशेष श्रेणी के जूते भी आवश्यक उपयोग के अनुसार तैयार किए जाएंगे।
आधुनिक मशीनों और एडवांस लैब से बढ़ी उत्पादन क्षमता
फैक्ट्री में हाल के वर्षों में आधुनिक मशीनों की स्थापना और नई एडवांस परीक्षण प्रयोगशाला विकसित किए जाने से उत्पादन प्रक्रिया में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इस लैब में डिजाइनिंग, गुणवत्ता परीक्षण और टिकाऊपन से संबंधित तकनीकी परीक्षण किए जाएंगे।
इन सुविधाओं के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि तैयार किए जाने वाले जूते अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हों और लंबे समय तक उपयोग के दौरान बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
जवानों की सुरक्षा और आराम को प्राथमिकता
नए फुटवियर को डिजाइन करते समय जवानों की कार्य परिस्थितियों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखा गया है। हाई एंकल बूट्स पैरों को अतिरिक्त सुरक्षा देंगे, जबकि एंटी-स्किड जूते समुद्री सतहों पर संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगे।
इसके अलावा सैंडल्स को हल्के और आरामदायक उपयोग के लिए तैयार किया जाएगा, ताकि लंबे समय तक ड्यूटी करने वाले जवानों को राहत मिल सके।
Kanpur की औद्योगिक पहचान को मिलेगा नया आयाम
रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में यह उपलब्धि कानपुर की ऐतिहासिक औद्योगिक पहचान को मजबूत करने वाली मानी जा रही है। लंबे समय से देश के रक्षा उपकरण निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली यह फैक्ट्री अब नौसेना के साथ भी अपनी साझेदारी स्थापित कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने के साथ-साथ रक्षा उत्पादन क्षेत्र में स्वदेशी क्षमता को भी बढ़ावा मिलेगा।
आत्मनिर्भर भारत अभियान को मिलेगा बल
स्वदेशी स्तर पर रक्षा उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देश के भीतर उच्च गुणवत्ता वाले सैन्य उपयोग के जूते तैयार होने से आयात पर निर्भरता कम होगी और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी।
इस पहल को रक्षा क्षेत्र में तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
वर्ष के अंत तक शुरू हो सकती है सप्लाई प्रक्रिया
फैक्ट्री प्रशासन का लक्ष्य है कि वर्ष के अंत तक जूतों की सप्लाई शुरू कर दी जाए। इसके लिए उत्पादन इकाइयों में आवश्यक तकनीकी तैयारियां पूरी की जा रही हैं और गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन से न केवल नौसेना के जवानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि रक्षा उत्पादन क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक की उपयोगिता भी और अधिक मजबूत होगी।

