Muzaffarnagar में स्कूल टाइम पर ट्रैफिक का बुरा हाल, नावल्टी चौक से टिकैत चौक तक जाम में फंसे लोग
Dr. S.K. Agarwal
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ई-रिक्शा , Muzaffarnagar traffic, traffic police, up news, अतिक्रमण, जानसठ रोड, टिकैत चौक, ट्रैफिक जाम, नावल्टी चौक, मुज़फ्फरनगर न्यूज़, यातायात व्यवस्था, स्कूल टाइम जामMuzaffarnagar में मंगलवार सुबह स्कूलों की छुट्टी और कार्यालय समय के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। शहर के प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर भारी जाम लगने से आम लोगों, स्कूली बच्चों और अभिभावकों को घंटों परेशान होना पड़ा। सुबह का समय धीरे-धीरे शहरवासियों के लिए मुसीबत का कारण बनता जा रहा है, क्योंकि स्कूल टाइम के दौरान ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।
शहर के नावल्टी चौक, अलमासपुर चौराहा, जानसठ रोड रेलवे ओवरब्रिज और टिकैत चौक जैसे प्रमुख स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके, जबकि स्कूल बसें और ई-रिक्शा लंबे समय तक जाम में फंसे रहे।
सुबह 7:30 बजे से बढ़ा वाहनों का दबाव, सड़कों पर रेंगता रहा ट्रैफिक
स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह करीब 7:30 बजे के बाद शहर की मुख्य सड़कों पर वाहनों का दबाव अचानक बढ़ने लगा। स्कूल बसों, निजी वाहनों, बाइक, ई-रिक्शा और ऑटो की संख्या इतनी अधिक हो गई कि प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक पूरी तरह धीमा पड़ गया।
कुछ ही देर में स्थिति ऐसी बन गई कि कई चौराहों पर वाहन रेंगते नजर आए। सड़क किनारे खड़े वाहन और बीच सड़क पर रुकने वाले ऑटो-ई-रिक्शा ने समस्या को और गंभीर बना दिया।
यातायात पुलिस को कई जगहों पर पहुंचकर ट्रैफिक नियंत्रित करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बावजूद इसके जाम पूरी तरह खुलने में काफी समय लग गया।
स्कूली बच्चों और अभिभावकों को हुई सबसे ज्यादा परेशानी
स्कूल समय के दौरान लगे इस जाम का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों पर देखने को मिला। कई बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचने में परेशानी हुई, जबकि कुछ अभिभावकों को अपने बच्चों को लेकर लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ा।
स्कूल बसों में बैठे छोटे बच्चे गर्मी और ट्रैफिक के कारण परेशान दिखाई दिए। कई जगहों पर अभिभावक बच्चों को बाइक से लेकर ट्रैफिक के बीच निकलने की कोशिश करते नजर आए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर में स्कूलों की संख्या बढ़ने के साथ ट्रैफिक दबाव भी तेजी से बढ़ा है, लेकिन उसके अनुरूप यातायात प्रबंधन मजबूत नहीं हो पाया है।
अवैध पार्किंग और अतिक्रमण ने बढ़ाई समस्या
मुजफ्फरनगर में ट्रैफिक जाम की सबसे बड़ी वजहों में सड़क किनारे होने वाली अवैध पार्किंग और अतिक्रमण को माना जा रहा है। कई बाजारों और मुख्य मार्गों पर वाहन सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे सड़कें संकरी हो जाती हैं।
इसके अलावा कुछ दुकानदारों द्वारा दुकानों के बाहर तक सामान फैलाने से भी यातायात प्रभावित होता है। कई स्थानों पर ठेले और अस्थायी दुकानें भी सड़क का बड़ा हिस्सा घेर लेती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान जरूर चलाता है, लेकिन कुछ दिनों बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से बिगड़ती व्यवस्था
यातायात व्यवस्था बिगड़ने का एक बड़ा कारण ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी को भी माना जा रहा है। शहर के कई हिस्सों में चालक बीच सड़क पर ही सवारियां उतारते और चढ़ाते नजर आते हैं, जिससे पीछे आने वाले वाहनों की गति रुक जाती है।
विशेषकर स्कूल समय के दौरान यह समस्या और गंभीर हो जाती है। कई बार ऑटो चालक गलत दिशा से वाहन निकालते दिखाई देते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है।
यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि शहर में ई-रिक्शा और ऑटो संचालन के लिए सख्त नियम लागू किए जाने की जरूरत है।
ट्रैफिक पुलिस को करनी पड़ी भारी मशक्कत
जाम खुलवाने और यातायात को सामान्य करने के लिए ट्रैफिक पुलिस को कई स्थानों पर लगातार मशक्कत करनी पड़ी। पुलिसकर्मी धूप और गर्मी के बीच सड़क पर उतरकर वाहनों को नियंत्रित करते नजर आए।
हालांकि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए विभाग की ओर से कार्ययोजना बनाई गई है, लेकिन बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के सामने व्यवस्थाएं कमजोर पड़ती दिखाई दे रही हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लोगों को भी ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए। बिना नियमों के पालन के केवल प्रशासनिक कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
स्थानीय लोगों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग
शहरवासियों का कहना है कि मुजफ्फरनगर में स्कूल टाइम के दौरान रोजाना यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। लोगों ने प्रशासन से अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कुछ नागरिकों ने सुझाव दिया कि स्कूल समय में प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए। साथ ही ई-रिक्शा और ऑटो के लिए अलग स्टैंड निर्धारित किए जाएं ताकि सड़क पर अव्यवस्था कम हो सके।
बढ़ते ट्रैफिक दबाव के बीच शहर को चाहिए नई योजना
विशेषज्ञों का मानना है that तेजी से बढ़ते शहरीकरण और वाहनों की संख्या को देखते हुए मुजफ्फरनगर को अब आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन की जरूरत है। स्मार्ट सिग्नल सिस्टम, पार्किंग जोन, वन-वे ट्रैफिक और स्कूल जोन मैनेजमेंट जैसे उपायों पर गंभीरता से काम किए बिना समस्या और बढ़ सकती है।
शहर में लगातार बढ़ती भीड़ और संकरी सड़कों के कारण भविष्य में ट्रैफिक चुनौती और गंभीर रूप ले सकती है।

