Bahraich में शादी की खुशियां मातम में बदलीं: 7 साल के मासूम की गला रेतकर हत्या, गांव में दहशत
News-Desk
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bahraich, Bahraich crime news, child murder, Police Investigation, Uttar Pradesh crime, कैसरगंज हत्या, पुलिस जांच, बच्चा मर्डर केस, बहराइच न्यूज़, मासूम की हत्या, यूपी क्राइम न्यूज़Bahraich जिले के कैसरगंज क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक तरफ गांव में शादी का जश्न चल रहा था और लोग डीजे की धुन पर खुशी मना रहे थे, वहीं दूसरी ओर सात साल के मासूम बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
मंझारा तौकली गांव के मजरा दयाल पुरवा में हुई इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और मातम का माहौल है। मृतक बच्चे की पहचान धनंजय (7 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
शादी की दावत में गया था धनंजय, रातभर नहीं लौटा घर
परिजनों के अनुसार धनंजय बुधवार रात अपने चार भाइयों के साथ गांव में आयोजित शादी समारोह की दावत में गया था। गांव में देर रात तक डीजे बज रहा था और काफी भीड़भाड़ थी।
मृतक की मां सोनम ने बताया कि देर रात तक बच्चा घर नहीं लौटा तो परिवार को लगा कि वह अन्य बच्चों के साथ किसी रिश्तेदार या परिचित के यहां सो गया होगा। लेकिन सुबह होते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
गांव में शादी की रौनक कुछ ही घंटों में मातम में बदल गई।
झाड़ियों में मिला मासूम का शव, गले पर थे गहरे घाव
गुरुवार सुबह गांव की महिलाएं खेतों की ओर गईं तो उन्होंने घर से करीब 100 मीटर दूरी पर मूंज की झाड़ियों में एक बच्चे का शव पड़ा देखा। पास जाकर देखने पर पता चला कि वह धनंजय था।
मासूम के गले पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के गहरे निशान मिले। शव खून से लथपथ हालत में पड़ा था। यह दृश्य देखकर गांव में हड़कंप मच गया और कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में हर तरफ केवल इसी दर्दनाक वारदात की चर्चा होने लगी।
डीजे की तेज आवाज में दब गई मासूम की चीखें
स्थानीय लोगों का कहना है कि शादी समारोह में डीजे बहुत तेज आवाज में बज रहा था। आशंका जताई जा रही है कि अगर बच्चे ने मदद के लिए चीख-पुकार भी की होगी, तो वह तेज संगीत के कारण किसी को सुनाई नहीं दी।
इस बात को लेकर गांव में गहरा आक्रोश और दुख है कि मासूम बच्चा इतनी बेरहमी का शिकार हो गया और किसी को भनक तक नहीं लगी।
पुरानी रंजिश में हत्या की आशंका
मृतक के परिजनों ने गांव के ही कुछ लोगों पर पुरानी रंजिश के चलते हत्या करने का आरोप लगाया है। बच्चे की मां सोनम का कहना है कि परिवार की कुछ लोगों से पहले से दुश्मनी चली आ रही थी और उसी का बदला लेने के लिए उनके बेटे को निशाना बनाया गया।
पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि रंजिश समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
एक संदिग्ध हिरासत में, पुलिस कर रही पूछताछ
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है। उससे गोपनीय स्थान पर पूछताछ की जा रही है। हालांकि अभी तक पुलिस ने आधिकारिक तौर पर आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
जांच टीम गांव के लोगों, रिश्तेदारों और मृतक परिवार के संपर्कों की भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस आसपास के इलाकों में भी पूछताछ कर रही है ताकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं को समझा जा सके।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी, तीन टीमें गठित
घटना की गंभीरता को देखते हुए Vishwajeet Srivastava, पुलिस अधीक्षक बहराइच, अपर पुलिस अधीक्षक आयुष विक्रम सिंह, सीओ कैसरगंज और एसडीएम कैसरगंज भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से अहम साक्ष्य और फिंगरप्रिंट एकत्र किए हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अपराधियों को पकड़ने के लिए तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं।
उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा।
गांव में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
मासूम की हत्या के बाद गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि सात साल के बच्चे के साथ इस तरह की क्रूरता पूरे समाज को झकझोर देने वाली है।
बढ़ते अपराधों को लेकर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और ग्रामीण इलाकों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि पारिवारिक या व्यक्तिगत रंजिश में मासूम बच्चों को निशाना बनाना समाज में बढ़ती हिंसक मानसिकता का संकेत है।
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार ऐसी घटनाएं केवल एक परिवार नहीं बल्कि पूरे समाज को मानसिक रूप से प्रभावित करती हैं।

