Banda में रेलवे स्टेशन से अगवा 2 वर्षीय मासूम सकुशल बरामद, पुलिस ने नहर में फेंके गए बच्चे को बचाया
उत्तर प्रदेश के Banda जिले में पुलिस ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए रेलवे स्टेशन से अगवा किए गए दो वर्षीय मासूम बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। इस सनसनीखेज घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया था, लेकिन पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई के चलते बच्चे की जान बच गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
बताया जा रहा है कि अपहरणकर्ता बच्चे को अपने साथ ले गया था और पुलिस की घेराबंदी के दौरान उसने मासूम को नहर में फेंक दिया। हालांकि पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना के बाद परिवार ने राहत की सांस ली और पुलिस की कार्रवाई की जमकर सराहना की जा रही है।
मुंबई जाने के लिए निकला था परिवार, स्टेशन से हुआ अपहरण
जानकारी के अनुसार घटना रविवार रात की है। बच्चे की मां, उसका भाई और परिवार के अन्य सदस्य मुंबई जाने के लिए निकले थे। परिवार को मानिकपुर स्टेशन से ट्रेन पकड़नी थी।
इसी दौरान रेलवे स्टेशन परिसर में मौजूद एक व्यक्ति दो वर्षीय मासूम को अपने साथ लेकर चला गया। कुछ देर बाद जब परिवार को बच्चा दिखाई नहीं दिया तो हड़कंप मच गया।
परिजनों ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन बच्चा नहीं मिला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
डायल-112 पर सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही डायल-112 और स्थानीय पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कई टीमों का गठन किया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि बच्चे की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और सर्विलांस की मदद ली गई। पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला कि आरोपी बच्चे को लेकर तिंदवारी रोड की दिशा में गया है।
इसके बाद पुलिस टीमों ने इलाके में तेजी से घेराबंदी शुरू कर दी।
महोकर चौराहे पर पुलिस ने की घेराबंदी
पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध व्यक्ति महोकर चौराहे की ओर बढ़ रहा है। इसके बाद पुलिस ने पूरे इलाके में नाकाबंदी कर दी।
घेराबंदी के दौरान आरोपी किशन खुद को घिरता देख घबरा गया और उसने मासूम बच्चे को नहर में फेंक दिया। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों के होश उड़ गए।
लेकिन पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए तुरंत नहर में उतरकर बच्चे को बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि बच्चा सुरक्षित मिला।
पुलिस की तत्परता से बची मासूम की जान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अगर थोड़ी भी देर होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बेहद तेजी से कार्रवाई करते हुए बच्चे को नहर से सुरक्षित बाहर निकाला।
इसके बाद बच्चे की हालत की जांच कर उसे परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। अपने बच्चे को सुरक्षित देखकर परिवार की आंखों में खुशी के आंसू आ गए।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की और कहा कि समय रहते कदम उठाने से एक बड़ा हादसा टल गया।
आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ में जुटी पुलिस
पुलिस ने आरोपी किशन को मौके से गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है कि उसने बच्चे का अपहरण क्यों किया और उसके पीछे क्या मकसद था।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी अकेला था या उसके साथ कोई और भी शामिल था।
रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ी सुरक्षा चिंता
इस घटना ने रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में छोटे बच्चों पर विशेष निगरानी रखना बेहद जरूरी है।
अक्सर अपराधी ऐसे स्थानों पर परिवारों की लापरवाही का फायदा उठाकर बच्चों को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं।
पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि यात्रा के दौरान बच्चों को अकेला न छोड़ें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।
सीसीटीवी और सर्विलांस बना पुलिस की सबसे बड़ी ताकत
इस पूरे मामले में सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी ने पुलिस की मदद की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और त्वरित रिस्पॉन्स के कारण आरोपी तक जल्दी पहुंचा जा सका।
विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में सीसीटीवी नेटवर्क अपराध नियंत्रण और जांच में बेहद अहम भूमिका निभा रहा है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस टीम की सराहना की
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और परिवार ने पुलिस टीम की सराहना की। लोगों का कहना है कि पुलिस ने बेहद संवेदनशीलता और तेजी के साथ कार्रवाई की, जिससे मासूम की जान बच गई।
इस सफल ऑपरेशन के बाद पुलिस टीम की कार्यशैली की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है।

