Unnao में डायल-112 पीआरवी स्कार्पियो को ट्रक ने मारी टक्कर, खंती में पलटी गाड़ी, हेड कांस्टेबल समेत दो गंभीर घायल
Unnao जिले में सोमवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। लखनऊ-बांगरमऊ मार्ग पर ड्यूटी से लौट रही डायल-112 पीआरवी स्कार्पियो को एक तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पुलिस की स्कार्पियो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंती में पलट गई।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना में स्कार्पियो में सवार हेड कांस्टेबल और चालक गंभीर रूप से घायल हो गए तथा वाहन के अंदर फंस गए। राहगीरों और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा।
भोर में ड्यूटी से लौट रही थी पीआरवी टीम
जानकारी के अनुसार डायल-112 की पीआरवी स्कार्पियो वाहन संख्या यूपी 32 डीजी 6809 सोमवार तड़के आसीवन थाना क्षेत्र के गांव वीरूगढ़ी स्थित ड्यूटी प्वाइंट पर गई थी।
भोर करीब पांच बजे जब पीआरवी टीम वापस लौट रही थी, उसी दौरान लखनऊ-बांगरमऊ मार्ग पर रानीबाग के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने पुलिस वाहन को टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर बेहद तेज थी, जिसके कारण स्कार्पियो संतुलन खो बैठी और सड़क किनारे गहरी खंती में जाकर पलट गई।
वाहन में फंस गए चालक और हेड कांस्टेबल
हादसे के बाद स्कार्पियो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार पुलिसकर्मी अंदर ही फंस गए। दुर्घटना में घायल हेड कांस्टेबल की पहचान अयोध्या निवासी रमेश यादव (51) पुत्र रामचंद्र यादव के रूप में हुई है।
वहीं घायल चालक की पहचान औरास थाना क्षेत्र के गांव गलरापुर निवासी सुनील कुमार (40) पुत्र रामकुमार के रूप में हुई है।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और राहत कार्य शुरू किया। कुछ लोगों ने पलटी हुई स्कार्पियो के शीशे तोड़कर अंदर फंसे दोनों घायलों को बाहर निकालने में मदद की।
राहगीरों और पुलिस की मदद से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही आसीवन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को वाहन से बाहर निकलवाया।
इसके बाद तत्काल उन्हें मियागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालांकि दोनों की हालत गंभीर होने के कारण जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
डॉक्टरों के अनुसार दोनों को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। फिलहाल उनका इलाज जारी है।
डायल-112 प्रभारी ने भी किया घटनास्थल का निरीक्षण
घटना की जानकारी मिलते ही डायल-112 की प्रभारी अश्वनी मिश्रा भी मौके पर पहुंचीं और पूरे घटनाक्रम का निरीक्षण किया।
पुलिस अधिकारियों ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि टक्कर मारने वाले ट्रक की पहचान की जा सके।
थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा ट्रक की टक्कर से हुआ है। फरार ट्रक चालक की तलाश की जा रही है।
सड़क हादसे ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस हादसे के बाद हाईवे पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और भारी वाहनों की तेज रफ्तार को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लखनऊ-बांगरमऊ मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार ट्रक और भारी वाहन दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भोर और रात के समय हाईवे पर दृश्यता कम होने और तेज गति के कारण हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों ने पुलिस और प्रशासन से हाईवे पर निगरानी बढ़ाने और भारी वाहनों की गति नियंत्रित करने की मांग की है।
डायल-112 कर्मियों की चुनौतीपूर्ण ड्यूटी फिर चर्चा में
इस हादसे के बाद डायल-112 पीआरवी कर्मियों की चुनौतीपूर्ण ड्यूटी भी चर्चा में आ गई है। पुलिसकर्मी दिन-रात लगातार आपातकालीन सेवाओं में लगे रहते हैं और कई बार जोखिम भरी परिस्थितियों का सामना करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिसकर्मी लगातार हाईवे और संवेदनशील इलाकों में गश्त करते हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा उनके लिए भी बना रहता है।
ट्रक चालक की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अब फरार ट्रक चालक की तलाश में जुट गई है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के जरिए ट्रक की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि हादसे के पीछे लापरवाही या तेज रफ्तार जैसे पहलुओं की भी जांच की जाएगी। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि अगर किसी ने घटना के दौरान ट्रक को देखा हो तो जानकारी साझा करें।
लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे बने चिंता का विषय
उत्तर प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बनती जा रही है। विशेषकर हाईवे पर तेज रफ्तार और भारी वाहनों की लापरवाही से दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन और ड्राइवरों की नियमित मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है। साथ ही आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों की सुरक्षा के लिए भी अतिरिक्त उपाय किए जाने चाहिए।

