Sultanpur पुलिस चौकी में थप्पड़ कांड से मचा बवाल! भाजपा जिला कोषाध्यक्ष पूजा कसौधन का वीडियो वायरल, युवक के आरोपों के बाद FIR दर्ज
News-Desk
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मामले की गंभीरता इस वजह से और बढ़ गई है क्योंकि घटना कथित तौर पर शाहगंज पुलिस चौकी के अंदर और चौकी इंचार्ज की मौजूदगी में हुई। पीड़ित युवक ने भाजपा नेत्री और उनके पुत्र पर पहले शाहगंज चौराहे पर हमला करने और इसके बाद पुलिस चौकी पहुंचकर दोबारा मारपीट करने का आरोप लगाया है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने पीड़ित की तहरीर और वायरल वीडियो के आधार पर कोतवाली नगर में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कौन है पीड़ित अरुण कोरी और क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर के आदर्शनगर क्षेत्र के पल्टू का पुरवा, घोसियाना निवासी अरुण कोरी ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं।
अरुण कोरी के मुताबिक, वह शहर की मुरारीदास की गली में स्थित हर्षित बरनवाल की फर्म में नौकरी करते हैं।
बुधवार को वह किसी काम से शाहगंज चौराहे पर पहुंचे थे। उनका आरोप है कि इसी दौरान भाजपा की जिला कोषाध्यक्ष पूजा कसौधन अपने पुत्र रौनक कसौधन के साथ वहां पहुंचीं।
पीड़ित के अनुसार, इसके बाद विवाद शुरू हो गया। अरुण कोरी ने आरोप लगाया कि पूजा कसौधन और उनके पुत्र ने उनके साथ गाली-गलौज की और उन पर हमला कर दिया।
हालांकि इस पूरे विवाद की शुरुआत किस कारण हुई और दोनों पक्षों के बीच पहले से कोई विवाद था या नहीं, इन परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
शाहगंज चौराहे पर हमला करने का आरोप, जान बचाकर चौकी पहुंचा युवक
अरुण कोरी ने आरोप लगाया है कि शाहगंज चौराहे पर उनके साथ मारपीट की गई। पीड़ित का कहना है कि वहां से वह किसी तरह अपनी जान बचाकर निकले और सीधे शाहगंज पुलिस चौकी पहुंच गए।
युवक को उम्मीद थी कि पुलिस चौकी पहुंचने के बाद वह सुरक्षित रहेगा और पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा।
अरुण कोरी के मुताबिक, चौकी पर पहुंचने के बाद उन्होंने चौकी इंचार्ज अविनाश चंद्र को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और मामले की शिकायत की।
लेकिन पीड़ित का आरोप है कि मामला यहीं समाप्त नहीं हुआ।
उनका कहना है कि कुछ देर बाद पूजा कसौधन भी अपने पुत्र के साथ शाहगंज पुलिस चौकी पहुंच गईं।
पुलिस चौकी के अंदर दोबारा मारपीट का आरोप
मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब पुलिस चौकी के अंदर हुए घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
पीड़ित अरुण कोरी का आरोप है कि पूजा कसौधन ने शाहगंज पुलिस चौकी पहुंचने के बाद चौकी इंचार्ज अविनाश चंद्र की मौजूदगी में उन्हें दोबारा पीटा।
वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वीडियो में कथित तौर पर एक महिला युवक को थप्पड़ मारती दिखाई दे रही है।
हालांकि वायरल वीडियो के पूरे घटनाक्रम, उससे पहले और बाद की परिस्थितियों तथा दोनों पक्षों के बीच विवाद के कारणों की जांच पुलिस कर रही है।
पुलिस की ओर से पीड़ित की तहरीर और वीडियो के आधार पर मुकदमा दर्ज किए जाने की पुष्टि की गई है।
चौकी इंचार्ज के सामने थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल
Pooja Kasaundhan Viral Video सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल पुलिस चौकी के अंदर हुई कथित घटना को लेकर उठ रहा है।
आमतौर पर किसी विवाद या हमले से बचने के लिए पीड़ित व्यक्ति पुलिस के पास पहुंचता है। ऐसे में यदि पुलिस चौकी के अंदर ही किसी व्यक्ति के साथ मारपीट का आरोप सामने आता है तो यह मामला स्वाभाविक रूप से गंभीर हो जाता है।
वायरल वीडियो में कथित घटना के दौरान चौकी इंचार्ज की मौजूदगी का दावा किया जा रहा है।
अब जांच में यह भी देखा जा सकता है कि घटना के समय पुलिस चौकी पर वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं, विवाद को रोकने के लिए क्या प्रयास किए गए और वीडियो में दिखाई दे रहे पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता क्या है।
पीड़ित ने लगाया धमकी देने का गंभीर आरोप
अरुण कोरी ने पूजा कसौधन पर केवल मारपीट ही नहीं, बल्कि गंभीर धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
पीड़ित का दावा है कि भाजपा नेत्री ने उनसे कहा, “शासन-प्रशासन मेरा है। तुम मर जाओगे, कोई पूछने वाला नहीं मिलेगा।”
यह आरोप बेहद गंभीर प्रकृति का है। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
पीड़ित की ओर से लगाए गए आरोपों को तहरीर में शामिल किए जाने की बात सामने आई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर मचा हड़कंप
पुलिस चौकी में कथित मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर मामला तेजी से चर्चा में आ गया।
वीडियो को लेकर लोग अलग-अलग सवाल उठा रहे हैं। सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि पुलिस चौकी के अंदर आखिर ऐसी परिस्थिति कैसे पैदा हुई कि एक व्यक्ति के साथ कथित रूप से मारपीट हो गई।
सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो कई बार किसी घटना का केवल एक हिस्सा दिखाते हैं। यही कारण है कि पुलिस जांच में पूरे वीडियो, घटनास्थल की परिस्थितियों और दोनों पक्षों के बयानों को देखना महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
कौन हैं पूजा कसौधन? भाजपा में संभाल रही हैं जिला कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी
मामले में आरोपों का सामना कर रहीं पूजा कसौधन भारतीय जनता पार्टी की जिला कोषाध्यक्ष बताई गई हैं।
किसी राजनीतिक दल के पदाधिकारी से जुड़ा मामला होने के कारण घटना ने राजनीतिक रूप से भी लोगों का ध्यान खींचा है।
हालांकि किसी राजनीतिक पद पर होना कानून की जांच प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करता और मामले में आरोपों की सत्यता का फैसला उपलब्ध साक्ष्यों तथा जांच के आधार पर होना है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि वायरल वीडियो और पीड़ित की शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई है।
पूजा कसौधन के पुत्र रौनक कसौधन पर भी लगाए आरोप
पीड़ित अरुण कोरी ने पूजा कसौधन के साथ उनके पुत्र रौनक कसौधन पर भी आरोप लगाए हैं।
उनका कहना है कि शाहगंज चौराहे पर हुए कथित विवाद के दौरान दोनों मौजूद थे और उनके साथ गाली-गलौज तथा मारपीट की गई।
इसके बाद अरुण कोरी पुलिस चौकी पहुंचे, जहां उन्होंने चौकी इंचार्ज से शिकायत की।
पीड़ित के अनुसार, कुछ देर बाद पूजा कसौधन अपने पुत्र के साथ पुलिस चौकी पहुंचीं और वहां विवाद दोबारा बढ़ गया।
पुलिस जांच में दोनों स्थानों पर हुए कथित घटनाक्रम की पड़ताल की जा सकती है।
चौकी इंचार्ज अविनाश चंद्र की मौजूदगी ने बढ़ाए सवाल
पूरे मामले में शाहगंज पुलिस चौकी के इंचार्ज अविनाश चंद्र की मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
पीड़ित का दावा है कि उन्होंने सबसे पहले चौकी इंचार्ज को घटना की शिकायत की थी। इसके बाद कथित तौर पर दूसरा पक्ष भी पुलिस चौकी पहुंच गया।
अरुण कोरी का आरोप है कि चौकी इंचार्ज के सामने ही उन्हें दोबारा पीटा गया।
अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के समय चौकी इंचार्ज और अन्य पुलिसकर्मियों ने क्या कार्रवाई की और वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले घटनाक्रम की पूरी परिस्थितियां क्या थीं।
पुलिस चौकी में सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस घटना के बाद पुलिस चौकी में शिकायत करने पहुंचे व्यक्ति की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
किसी व्यक्ति के लिए पुलिस थाना या चौकी वह स्थान होता है, जहां वह विवाद, धमकी या हिंसा की स्थिति में सुरक्षा और कानूनी सहायता की उम्मीद लेकर पहुंचता है।
ऐसे में पुलिस परिसर के अंदर मारपीट का आरोप बेहद गंभीर माना जा रहा है।
हालांकि मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के निष्कर्षों के बाद ही जिम्मेदारी और परिस्थितियों को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
क्षेत्राधिकारी नगर राघवेंद्र सिंह ने FIR दर्ज होने की पुष्टि की
क्षेत्राधिकारी नगर राघवेंद्र सिंह ने मामले में पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो और पीड़ित की तहरीर के आधार पर कोतवाली नगर में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
सीओ सिटी के मुताबिक, पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।
पुलिस अब वायरल वीडियो, पीड़ित के आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच करेगी।
जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वायरल वीडियो और तहरीर बने पुलिस जांच का आधार
इस मामले में पुलिस कार्रवाई के दो महत्वपूर्ण आधार सामने आए हैं। पहला पीड़ित अरुण कोरी की ओर से दी गई तहरीर और दूसरा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो।
पुलिस जांच में वीडियो की परिस्थितियों और घटनाक्रम की समयरेखा को समझना महत्वपूर्ण होगा।
यह पता लगाने का प्रयास किया जा सकता है कि वीडियो कब बनाया गया, उसमें दिखाई दे रहे लोग कौन हैं और घटना से पहले तथा बाद में क्या हुआ।
इसके अलावा शाहगंज चौराहे पर हुए कथित विवाद की भी जांच की जा सकती है, क्योंकि पीड़ित ने आरोप लगाया है कि घटना की शुरुआत वहीं से हुई थी।
क्या पुलिस चौकी के CCTV कैमरों से खुलेगा पूरा राज?
मामले की जांच में पुलिस चौकी और आसपास उपलब्ध सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
यदि घटना के समय की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है तो उससे पुलिस को पूरे घटनाक्रम की समयरेखा समझने में सहायता मिल सकती है।
सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से यह भी स्पष्ट हो सकता है कि संबंधित लोग पुलिस चौकी पर कब पहुंचे, वहां कितनी देर रहे और घटना के दौरान कौन-कौन मौजूद था।
हालांकि सीसीटीवी फुटेज की उपलब्धता या जांच को लेकर पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।
राजनीतिक पदाधिकारी से जुड़ा मामला होने के कारण बढ़ी चर्चा
आरोप भाजपा की जिला कोषाध्यक्ष पर लगे होने के कारण मामला राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है।
किसी राजनीतिक दल के पदाधिकारी पर इस तरह के आरोप लगने और उससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्षी दलों तथा आम लोगों की प्रतिक्रिया सामने आना स्वाभाविक है।
हालांकि फिलहाल मामले में पुलिस जांच जारी है और किसी भी व्यक्ति को जांच पूरी होने से पहले दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
पूरे प्रकरण में कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सुल्तानपुर में वायरल वीडियो ने खड़े किए कई गंभीर सवाल
घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शाहगंज चौराहे पर विवाद की वास्तविक वजह क्या थी? युवक और भाजपा नेत्री के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ? पुलिस चौकी के अंदर क्या घटनाक्रम हुआ? क्या वायरल वीडियो पूरे घटनाक्रम को दिखाता है या केवल उसका एक हिस्सा है?
इसके साथ ही यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि पुलिस चौकी में कथित मारपीट की स्थिति कैसे पैदा हुई और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका क्या रही।
इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद सामने आ सकते हैं।
आरोप गंभीर, लेकिन जांच पूरी होने तक निष्कर्ष से बचना जरूरी
मामले में पीड़ित की ओर से बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने जैसे आरोप शामिल हैं।
दूसरी ओर, उपलब्ध जानकारी में पूजा कसौधन या उनके पुत्र का विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है।
ऐसे में जिम्मेदार पत्रकारिता की दृष्टि से यह स्पष्ट रखना आवश्यक है कि सभी आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं।
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
FIR के बाद अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर
Pooja Kasaundhan Viral Video मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब सभी की नजर पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी है।
पुलिस के सामने पीड़ित की तहरीर, वायरल वीडियो और घटनाक्रम से जुड़े अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच करने की जिम्मेदारी है।
यदि अन्य वीडियो, सीसीटीवी फुटेज या प्रत्यक्षदर्शियों के बयान उपलब्ध होते हैं तो वे भी जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है।
पुलिस चौकी में वायरल थप्पड़ कांड ने गरमाया माहौल
सुल्तानपुर की शाहगंज पुलिस चौकी में सामने आया यह मामला अब एक स्थानीय विवाद से आगे बढ़कर सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है।
भाजपा की जिला कोषाध्यक्ष पूजा कसौधन पर लगे आरोप, उनके पुत्र रौनक कसौधन का नाम, पीड़ित अरुण कोरी की शिकायत, चौकी इंचार्ज अविनाश चंद्र की मौजूदगी और वायरल वीडियो ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।
अब जांच में यह तय होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और पूरे घटनाक्रम के लिए किसकी क्या जिम्मेदारी बनती है।

