15 करोड़ की सौगात: Muzaffarnagar बरला-बसेड़ा-मोरना गंग नहर पुल के पुनर्निर्माण का भूमि पूजन, वर्षों पुरानी समस्या से मिलेगी राहत











Muzaffarnagar बरला-बसेड़ा-मोरना मार्ग पर गंग नहर के ऊपर स्थित लंबे समय से क्षतिग्रस्त पुल के पुनर्निर्माण कार्य का विधिवत भूमि पूजन किया गया। क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे इस परियोजना की शुरुआत के साथ ही हजारों ग्रामीणों, किसानों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
भूमि पूजन कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं पुरकाजी विधायक अनिल कुमार तथा बिजनौर लोकसभा क्षेत्र के सांसद चंदन चौहान मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने इस परियोजना को क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
क्षतिग्रस्त पुल के कारण वर्षों से परेशान थे क्षेत्रवासी
बरला-बसेड़ा-मोरना मार्ग पर स्थित यह सेतु लंबे समय से जर्जर और क्षतिग्रस्त स्थिति में था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभाग द्वारा पुल को आवागमन के लिए बंद कर दिया गया था। इसके बाद क्षेत्र के लोगों को वैकल्पिक और लंबी दूरी वाले मार्गों का उपयोग करना पड़ रहा था।
सबसे अधिक परेशानी किसानों को झेलनी पड़ रही थी, जिन्हें अपनी कृषि उपज मंडियों तक पहुंचाने में अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ता था। विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज पहुंचने में कठिनाई होती थी, जबकि व्यापारियों और दैनिक यात्रियों को भी लगातार असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।
स्थानीय लोगों का कहना था कि पुल बंद होने के बाद आसपास के कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ और रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी असर पड़ा। ऐसे में लंबे समय से इस पुल के पुनर्निर्माण की मांग लगातार उठाई जा रही थी।
मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद मिली परियोजना को गति
क्षेत्रीय जनता की मांग और जनप्रतिनिधियों के प्रयासों को देखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा इस महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके बाद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हुई और अब भूमि पूजन के साथ परियोजना ने औपचारिक रूप से आकार लेना शुरू कर दिया है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सड़क, पुल, सिंचाई और परिवहन सुविधाओं के विस्तार से विकास की नई संभावनाएं पैदा हो रही हैं।
15 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से होगा निर्माण कार्य
अधिकारियों के अनुसार इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत दोनों सेतुओं का निर्माण लगभग 15 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कराया जाएगा। निर्माण कार्य आधुनिक मानकों के अनुरूप किया जाएगा ताकि भविष्य में क्षेत्रवासियों को लंबे समय तक बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत पुल और बेहतर संपर्क व्यवस्था किसी भी क्षेत्र के आर्थिक विकास की आधारशिला होती है। ऐसे में इस परियोजना का लाभ केवल यातायात तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सकारात्मक प्रभाव कृषि, व्यापार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देगा।
किसानों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ
नए पुल के निर्माण के बाद क्षेत्र के किसानों को अपनी फसल और कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। परिवहन लागत कम होगी और समय की बचत भी होगी। इससे कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
व्यापारियों के लिए भी यह परियोजना लाभदायक साबित होगी क्योंकि क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होने से माल ढुलाई आसान होगी और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। वहीं विद्यार्थियों को स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचने में कम समय लगेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच भी अधिक सुगम हो जाएगी।
क्षेत्रीय संपर्क को मिलेगी नई मजबूती
बरला-बसेड़ा-मोरना मार्ग क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। पुल के पुनर्निर्माण से न केवल स्थानीय यातायात सुधरेगा बल्कि आसपास के इलाकों के बीच संपर्क भी मजबूत होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार बेहतर सड़क और पुल नेटवर्क ग्रामीण विकास का प्रमुख आधार है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, निवेश आकर्षित होता है और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलती है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है और विकास की नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
जनप्रतिनिधियों ने विकास कार्यों को बताया सरकार की प्राथमिकता
कार्यक्रम के दौरान मौजूद जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क और पुल निर्माण जैसी परियोजनाएं सीधे आम जनता के जीवन को प्रभावित करती हैं और क्षेत्र के विकास को नई दिशा देती हैं।
उन्होंने कहा कि जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करना उनकी प्राथमिकता रही है और इसी सोच के साथ इस परियोजना को स्वीकृति दिलाई गई। आने वाले समय में भी क्षेत्र में विकास कार्यों की गति बनाए रखी जाएगी।
कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग रहे मौजूद
भूमि पूजन कार्यक्रम की अध्यक्षता तितावी गन्ना समिति के अध्यक्ष शंकर सिंह भोला ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन भाजपा के वरिष्ठ नेता पंकज त्यागी ने किया।
इस अवसर पर बिजनौर लोकसभा क्षेत्र के सांसद चंदन सिंह चौहान, विधान परिषद सदस्य श्रीमती वंदना वर्मा, मंडल अध्यक्ष प्रभात तोमर, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय राठी, श्रीमती सुप्रिया पाल, अमरनाथ पाल, भाजपा नेता विजयपाल त्यागी सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने परियोजना के शुरू होने पर खुशी जताई और उम्मीद व्यक्त की कि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है पुल निर्माण
क्षेत्रीय विकास के दृष्टिकोण से देखा जाए तो Barla Basera Morna Bridge Reconstruction परियोजना केवल एक पुल निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण संपर्क, कृषि प्रगति, व्यापारिक गतिविधियों और सामाजिक विकास को नई गति देने वाली पहल के रूप में देखी जा रही है।
लंबे समय से क्षतिग्रस्त पुल के कारण प्रभावित हो रहे हजारों लोगों को अब उम्मीद है कि नया पुल उनके दैनिक जीवन को आसान बनाएगा और क्षेत्र को विकास की नई पहचान देगा।










