Mathura में 7 वर्षीय मासूम के साथ दरिंदगी से सनसनी: घर से उठाकर ले गया आरोपी, श्मशान घाट के पास गंभीर हालत में मिली बच्ची












Mathura जनपद के कोसीकलां क्षेत्र के एक गांव में सात वर्षीय बालिका के साथ कथित दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया और आरोपी युवक को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बन गया, जिसके चलते एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
रात में घर से लापता हुई बच्ची, सुबह खोजबीन के दौरान मिली
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात करीब 12 बजे सात वर्षीय बालिका अपनी मां के साथ घर में सो रही थी। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान गांव का एक युवक घर के जंगले को तोड़कर अंदर दाखिल हुआ और सो रही बच्ची को अपने साथ ले गया।
सुबह जब परिवार के सदस्य जागे तो बालिका अपने बिस्तर पर नहीं मिली। परिवार में हड़कंप मच गया और परिजनों ने तत्काल उसकी तलाश शुरू कर दी। ग्रामीण भी खोजबीन में शामिल हो गए। कई घंटों तक चले प्रयासों के बाद बच्ची गांव के श्मशान घाट के पास गंभीर हालत में मिली।
बालिका को उस अवस्था में देखकर परिजनों और ग्रामीणों में चिंता और आक्रोश फैल गया। तत्काल उसे सुरक्षित स्थान पर लाया गया और घटना की जानकारी पुलिस को दी गई।
पीड़िता के बयान के बाद हरकत में आया प्रशासन
परिजनों के अनुसार, बच्ची ने होश में आने के बाद अपने साथ हुई घटना के बारे में जानकारी दी। इसके बाद मामला और गंभीर हो गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने पहुंच गए और आरोपित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करने लगे।
ग्रामीणों का कहना था कि इस प्रकार की घटनाएं समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। घटना के बाद स्थानीय लोगों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
अस्पताल में कराया गया चिकित्सीय परीक्षण
पुलिस ने निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत बालिका को चिकित्सीय परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा। चिकित्सा विशेषज्ञों की निगरानी में उसका उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता को आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही बाल संरक्षण से जुड़े सभी कानूनी प्रावधानों का पालन किया जा रहा है।
ऐसे मामलों में जांच के लिए चिकित्सीय रिपोर्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाती है।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया, जांच जारी
क्षेत्राधिकारी (सीओ) भूषण वर्मा ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है तथा मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और चिकित्सीय रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
ग्रामीणों में रोष, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
घटना के बाद गांव के लोगों में गहरा रोष देखा गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय कई क्षेत्रों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने के कारण असामाजिक तत्वों को मौका मिल जाता है। लोगों ने गांव में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने, खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक कराने और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की मांग उठाई है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और सतर्क निगरानी से भविष्य में ऐसी घटनाओं की संभावना को कम किया जा सकता है।
बाल सुरक्षा को लेकर फिर उठे गंभीर सवाल
यह घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है।
स्कूलों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से बच्चों को सुरक्षा संबंधी जागरूकता देने की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है। साथ ही अभिभावकों को भी बच्चों की गतिविधियों और आसपास के माहौल पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
बाल अधिकारों से जुड़े जानकारों का कहना है कि ऐसी घटनाओं के बाद पीड़ित बच्चों को केवल चिकित्सकीय ही नहीं बल्कि मनोवैज्ञानिक सहयोग की भी आवश्यकता होती है ताकि वे सामान्य जीवन में लौट सकें।
कानूनी प्रक्रिया पर प्रशासन की नजर
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी फैलाने से बचना चाहिए और जांच पूरी होने तक आधिकारिक तथ्यों पर ही भरोसा करना चाहिए।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस लगातार साक्ष्य जुटाने और कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में लगी हुई है।







