उत्तर प्रदेश

World Vitiligo Day 2026 पर मथुरा बनेगा जागरूकता का केंद्र: कवि सम्मेलन, सम्मान समारोह और प्रेरक कहानियों से टूटेगा भेदभाव का कलंक

World Vitiligo Day 2026 के अवसर पर 25 जून 2026 को मथुरा में एक विशेष सामाजिक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य विटिलिगो (सफेद दाग) को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना, प्रभावित लोगों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें सम्मानजनक पहचान दिलाना है। विटिलिगो सपोर्ट इंडिया द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम होटल मनभावन, महाविद्या कॉलोनी, श्रीकृष्ण जन्मभूमि के निकट, मथुरा में शाम 5 बजे से शुरू होगा।

इस वर्ष विश्व विटिलिगो दिवस की थीम “कलंक से शक्ति की ओर” रखी गई है। यह थीम केवल एक संदेश नहीं बल्कि एक सामाजिक अभियान का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य यह बताना है कि त्वचा का रंग किसी व्यक्ति की योग्यता, प्रतिभा, व्यक्तित्व या पहचान का निर्धारण नहीं करता।


सफेद दाग को लेकर सामाजिक सोच बदलने का प्रयास

भारत सहित दुनिया के कई देशों में विटिलिगो को लेकर आज भी अनेक प्रकार की गलत धारणाएं और सामाजिक पूर्वाग्रह मौजूद हैं। कई बार इस त्वचा संबंधी स्थिति से प्रभावित लोगों को सामाजिक उपेक्षा, मानसिक दबाव और आत्मविश्वास की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विश्व विटिलिगो दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम समाज को संवेदनशील बनाने और लोगों के बीच सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करेगा। आयोजकों का मानना है कि जागरूकता ही वह माध्यम है जिसके जरिए भेदभाव और गलत धारणाओं को समाप्त किया जा सकता है।


‘कलंक से शक्ति की ओर’ थीम के जरिए दिया जाएगा सकारात्मक संदेश

इस वर्ष की थीम “कलंक से शक्ति की ओर” का मुख्य उद्देश्य विटिलिगो से जुड़े सामाजिक कलंक को समाप्त करना है। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया जाएगा कि विटिलिगो कोई संक्रामक बीमारी नहीं है और न ही यह किसी व्यक्ति की क्षमताओं को प्रभावित करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि समाज में जागरूकता बढ़ने से प्रभावित व्यक्तियों को बेहतर सामाजिक स्वीकृति मिलेगी और वे बिना किसी झिझक के अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।


कार्यक्रम में होगा सम्मान समारोह, बढ़ाया जाएगा आत्मविश्वास

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण सम्मान समारोह होगा, जिसमें विटिलिगो से प्रभावित उन लोगों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने जीवन की चुनौतियों का सामना करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

आयोजकों का मानना है कि ऐसे व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रतिभा, मेहनत और आत्मविश्वास सबसे महत्वपूर्ण हैं, न कि बाहरी रूप-रंग।

सम्मान समारोह के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने और आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।


विटिलिगो सपोर्ट इंडिया बताएगा अपनी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में

कार्यक्रम में विटिलिगो सपोर्ट इंडिया के सचिव डॉ. कपिल बंसल संस्था की गतिविधियों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी देंगे।

डॉ. बंसल बताएंगे कि संस्था किस प्रकार विटिलिगो से प्रभावित लोगों को मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक सहयोग प्रदान कर रही है। साथ ही भविष्य में जागरूकता अभियान, सहायता कार्यक्रम और सामाजिक सहयोग की दिशा में किए जाने वाले प्रयासों पर भी प्रकाश डाला जाएगा।


कवि सम्मेलन बनेगा कार्यक्रम का विशेष आकर्षण

कार्यक्रम में आयोजित होने वाला भव्य कवि सम्मेलन इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगा। साहित्य और संवेदनाओं से भरपूर इस मंच पर देश के प्रतिष्ठित कवि और साहित्यकार अपनी रचनाओं के माध्यम से सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और सामाजिक जागरूकता का संदेश देंगे।

कवि सम्मेलन में प्रसिद्ध साहित्यकार वंदना चौधरी, डॉ. सलीम अहमद ‘एटवी’, डॉ. उदयवीर सिंह, संजय कुमार एडवोकेट (आगरा) तथा राकेश शर्मा दद्दू (आगरा) अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे।

विशेष बात यह है कि वंदना चौधरी और डॉ. सलीम अहमद ‘एटवी’ स्वयं विटिलिगो से प्रभावित हैं। इसके बावजूद उन्होंने साहित्य, समाज और अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उनकी सफलता और संघर्ष की कहानी कार्यक्रम में शामिल लोगों के लिए प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत बनेगी।


‘आपबीती’ सत्र में सामने आएंगी संघर्ष और सफलता की वास्तविक कहानियां

कार्यक्रम में “आपबीती” नामक एक विशेष सत्र भी आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में विटिलिगो से प्रभावित लोग अपने जीवन के अनुभव साझा करेंगे।

वे बताएंगे कि किस प्रकार उन्होंने सामाजिक चुनौतियों, मानसिक दबाव और कई बार होने वाले भेदभाव का सामना किया तथा आत्मविश्वास के बल पर आगे बढ़े।

यह सत्र केवल अनुभव साझा करने का मंच नहीं होगा, बल्कि उन हजारों लोगों के लिए उम्मीद की किरण भी बनेगा जो किसी न किसी कारण से आत्मविश्वास की कमी महसूस करते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक जीवन की कहानियां लोगों पर सबसे अधिक प्रभाव डालती हैं और सामाजिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।


भारत में लाखों लोग विटिलिगो से प्रभावित

विटिलिगो सपोर्ट इंडिया के संस्थापक एवं अध्यक्ष रविन्द्र जायसवाल ने बताया कि विश्व स्तर पर लगभग प्रत्येक 250 व्यक्तियों में से एक व्यक्ति विटिलिगो से प्रभावित है, जबकि भारत में यह संख्या अपेक्षाकृत अधिक मानी जाती है।

उन्होंने बताया कि भारत में लगभग प्रत्येक 25 से 50 लोगों में से एक व्यक्ति किसी न किसी स्तर पर विटिलिगो से प्रभावित हो सकता है। इसके बावजूद इस विषय पर पर्याप्त सामाजिक जागरूकता का अभाव है।

उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में लगातार प्रगति हो रही है, लेकिन सामाजिक स्वीकार्यता और मानसिक सहयोग की दिशा में अभी भी बहुत काम किए जाने की आवश्यकता है।


‘रंग बदल सकता है, लेकिन इंसान की पहचान नहीं’

रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि विटिलिगो सपोर्ट इंडिया का मूल उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं बल्कि प्रभावित व्यक्तियों को भावनात्मक और सामाजिक सहयोग प्रदान करना भी है।

उन्होंने कहा कि संस्था का संदेश स्पष्ट है— “रंग बदल सकता है, लेकिन इंसान की पहचान नहीं।”

उनका मानना है कि किसी व्यक्ति की पहचान उसके चरित्र, प्रतिभा, मेहनत और उपलब्धियों से होती है, न कि त्वचा के रंग से। इसी सोच को समाज तक पहुंचाने के लिए संस्था लगातार विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करती रही है।


समाज के सभी वर्गों से सहभागिता की अपील

आयोजकों ने शिक्षाविदों, चिकित्सकों, सामाजिक संगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और जागरूक नागरिकों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।

उनका कहना है कि जब समाज का हर वर्ग इस अभियान से जुड़ेगा तभी विटिलिगो को लेकर फैली भ्रांतियों और भेदभाव को प्रभावी ढंग से समाप्त किया जा सकेगा। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल एक दिन का आयोजन नहीं बल्कि दीर्घकालिक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक मजबूत कदम है।


 

मथुरा में आयोजित होने वाला विश्व विटिलिगो दिवस कार्यक्रम जागरूकता, संवेदनशीलता और सामाजिक स्वीकृति का एक महत्वपूर्ण मंच बनने जा रहा है। कवि सम्मेलन, सम्मान समारोह और प्रेरणादायक अनुभवों के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि विटिलिगो किसी व्यक्ति की क्षमता या पहचान को निर्धारित नहीं करता। समाज में सकारात्मक सोच और सम्मान का वातावरण बनाकर ही ऐसे लोगों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर दिया जा सकता है, जो आज भी अनावश्यक सामाजिक पूर्वाग्रहों का सामना कर रहे हैं।

 

News-Desk

News Desk एक समर्पित टीम है, जिसका उद्देश्य उन खबरों को सामने लाना है जो मुख्यधारा के मीडिया में अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं। हम निष्पक्षता, सटीकता, और पारदर्शिता के साथ समाचारों को प्रस्तुत करते हैं, ताकि पाठकों को हर महत्वपूर्ण विषय पर सटीक जानकारी मिल सके। आपके विश्वास के साथ, हम खबरों को बिना किसी पूर्वाग्रह के आप तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किसी भी सवाल या जानकारी के लिए, हमें संपर्क करें: info@poojanews.com

News-Desk has 22024 posts and counting. See all posts by News-Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

seven + 17 =