Muzaffarnagar में आज पहुंचेगे शंकराचार्य स्वामी अवीमुक्तेश्वरानंद, ‘गौ माता को राष्ट्र माता’ का दर्जा दिलाने की मुहिम को देंगे नई धार
News-Desk
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उत्तर प्रदेश समाचार, कृष्णा बैंक्वेट हॉल, क्रांति सेना, गौ माता, गौ माता अभियान, गौ संरक्षण, गौवंश, धार्मिक कार्यक्रम, मुजफ्फरनगर समाचार, योगी आदित्यनाथ, राष्ट्र माता, शंकराचार्य स्वामी अवीमुक्तेश्वरानंद, सनातन धर्म, हिंदू समाजगौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर देश और प्रदेश में जनजागरण अभियान चला रहे ज्योतिषपीठाधीश्वर एवं शंकराचार्य स्वामी अवीमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज रविवार को Muzaffarnagar पहुंचेंगे। उनके आगमन को लेकर धार्मिक और सामाजिक संगठनों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
क्रांतिसेना द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में शंकराचार्य स्वामी अवीमुक्तेश्वरानंद रुड़की चुंगी स्थित कृष्णा बैंक्वेट हॉल में शाम 5 बजे जनता को संबोधित करेंगे तथा अपने आशीर्वचन प्रदान करेंगे। आयोजन समिति के अनुसार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, संतों, गौभक्तों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
प्रदेशव्यापी यात्रा के माध्यम से उठा रहे हैं गौ संरक्षण का मुद्दा
शंकराचार्य स्वामी अवीमुक्तेश्वरानंद पिछले काफी समय से गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किए जाने की मांग को लेकर देशभर में आवाज बुलंद कर रहे हैं। इसी क्रम में उनका प्रदेशव्यापी भ्रमण जारी है, जिसके तहत वे विभिन्न जिलों में जाकर जनसमर्थन जुटाने और समाज को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं।
उनका कहना है कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गौ माता का विशेष स्थान रहा है। ऐसे में गौवंश की सुरक्षा और संरक्षण केवल धार्मिक विषय नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दायित्व भी है।
मुजफ्फरनगर का यह कार्यक्रम भी इसी जनजागरण अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
क्रांतिसेना ने शुरू की व्यापक तैयारियां, बैठक में बनी रणनीति
शंकराचार्य के आगमन को लेकर क्रांतिसेना की ओर से विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रम की रूपरेखा और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए क्रांतिसेना के संस्थापक अध्यक्ष ललित मोहन शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में गौवंश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सड़कों, खेतों और खलिहानों में बड़ी संख्या में घूम रहा निराश्रित गौवंश किसानों के लिए भी चुनौती बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचने से किसान परेशान हैं, वहीं खुले में घूमने वाला गौवंश भी अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना कर रहा है। ऐसी परिस्थितियों में गौ संरक्षण को लेकर ठोस नीति बनाए जाने की आवश्यकता है।
महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से की मांग
बैठक के दौरान ललित मोहन शर्मा ने महाराष्ट्र सरकार का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे के कार्यकाल में गौ माता को राज्य माता का दर्जा दिया गया था।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी गौ संरक्षण और गौसेवा को लेकर लंबे समय से कार्य हो रहा है। ऐसे में राज्य सरकार को इस दिशा में आगे बढ़ते हुए गौ माता को राज्य माता का दर्जा देने पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह मांग कोई नई नहीं है बल्कि अनेक हिंदूवादी संगठनों और गौसेवा से जुड़े लोगों द्वारा लंबे समय से उठाई जाती रही है। अब समय आ गया है कि इस विषय पर गंभीरता से निर्णय लिया जाए।
‘यह केवल धार्मिक नहीं, सांस्कृतिक और सामाजिक मुद्दा भी’
क्रांतिसेना पदाधिकारियों का कहना है कि गौ माता को विशेष सम्मान देने की मांग केवल धार्मिक भावना से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा से भी गहराई से जुड़ा हुआ है।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि गांवों की अर्थव्यवस्था, कृषि व्यवस्था और सामाजिक जीवन में गौवंश की भूमिका सदियों से महत्वपूर्ण रही है। इसी कारण समाज के एक बड़े वर्ग की भावना है कि गौ माता को विशेष संवैधानिक और सामाजिक सम्मान प्रदान किया जाए।
उन्होंने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अवीमुक्तेश्वरानंद भी लंबे समय से इसी विषय को लेकर देशभर में जनजागरण अभियान चला रहे हैं।
हिंदू समाज की आवाज को मजबूती देने का प्रयास
ललित मोहन शर्मा ने कहा कि गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को वह व्यापक जनसमर्थन दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना था कि यह विषय केवल किसी संगठन तक सीमित नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि जब तक इस मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक जनजागरण और संवाद का अभियान जारी रहेगा। कार्यक्रम के माध्यम से भी इसी विषय पर व्यापक चर्चा की जाएगी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना
आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में जनपद और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। धार्मिक संगठनों, गौशाला संचालकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संस्थाओं को भी आमंत्रित किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान गौ संरक्षण, गौसेवा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और भारतीय संस्कृति में गौवंश की भूमिका जैसे विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
आयोजन समिति का दावा है कि यह कार्यक्रम जिले के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक होगा।
व्यवस्थाओं के लिए बनाई गई विशेष समिति
कार्यक्रम की सफलता और व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए दो दर्जन से अधिक पदाधिकारियों की विशेष समिति गठित की गई है।
इस समिति में जिला अध्यक्ष मुकेश त्यागी, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष पूनम चौधरी, कला एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा, प्रबुद्ध प्रकोष्ठ अध्यक्ष आलोक अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष संजीव वर्मा, युवा जिला अध्यक्ष विकास पुंडीर, नरेंद्र ठाकुर, मंगतराम सोनकर, सोनू पाहीवाल, महानगर उपाध्यक्ष उज्ज्वल पंडित, राखी प्रजापति, अभिषेक शर्मा, शैलेंद्र विश्वकर्मा, हेम कुमार, आशीष मिश्रा, राजेंद्र तायल, राजन वर्मा, प्रभात रावत, राकेश सोनकर, निकुंज चौहान, तुषार शर्मा, सुनील प्रजापति, राजेश अरोड़ा, अमित शर्मा, बॉबी, सोनू कश्यप, योगेंद्र सैनी, जंगी सौदाई और रोहित धीमन सहित अनेक पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुजफ्फरनगर में बढ़ी उत्सुकता, शंकराचार्य के संबोधन पर टिकी निगाहें
शंकराचार्य स्वामी अवीमुक्तेश्वरानंद के आगमन को लेकर मुजफ्फरनगर में उत्सुकता का माहौल बना हुआ है। धार्मिक और सामाजिक संगठनों के साथ-साथ आम श्रद्धालु भी उनके संबोधन को सुनने के लिए उत्साहित हैं।
गौ माता को राष्ट्र माता बनाने की मांग, गौ संरक्षण के मुद्दे और सनातन संस्कृति से जुड़े विषयों पर उनके विचारों को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में रविवार का यह कार्यक्रम जनपद के प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में शामिल होने जा रहा है।

