Shahjahanpur आत्महत्या मामला: पत्नी और कथित प्रेमी गिरफ्तार, जेल भेजने से पहले आरोपी महिला की शादी की मांग; पुलिस जांच जारी
News-Desk
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Puwayan News, Shahjahanpur, UP crime news, अपराध समाचार, आत्महत्या के लिए उकसाना, आत्महत्या मामला, उत्तर प्रदेश समाचार, पुलिस कार्रवाई, पुवायां, शाहजहांपुर, शाहजहांपुर पुलिसउत्तर प्रदेश के Shahjahanpur जिले के पुवायां क्षेत्र में एक युवक की कथित आत्महत्या के मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, दोनों के खिलाफ युवक को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद जेल भेजे जाने से पहले आरोपी महिला द्वारा कथित तौर पर अपने सह-आरोपी से शादी कराने की मांग किए जाने की चर्चा भी सामने आई है।
हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की जांच उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप की जा रही है। मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा सुनवाई के बाद ही होगा।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, पुवायां क्षेत्र के गांव मजीदपुर निवासी अनूप कुमार (26 वर्ष) ने 31 जुलाई को कथित रूप से जहरीला पदार्थ खा लिया था। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 1 अगस्त को उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
घटना के बाद मृतक के भाई अखिल ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि अनूप की पत्नी मनु और गांव निवासी दिलीप के बीच कथित प्रेम संबंध थे, जिससे अनूप मानसिक रूप से परेशान रहता था।
परिजनों का आरोप है कि इसी कारण वह तनाव में था और अंततः उसने आत्मघाती कदम उठाया।
भाई की तहरीर पर दर्ज हुआ मामला
मृतक के भाई अखिल ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि उनकी भाभी मनु कथित तौर पर दिलीप से मोबाइल फोन पर लगातार बातचीत करती थीं।
उनका कहना है कि अनूप ने कई बार इस संबंध पर आपत्ति जताई थी और पत्नी को समझाने का प्रयास भी किया था, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि कथित परिस्थितियों और दोनों के व्यवहार से परेशान होकर अनूप ने जहरीला पदार्थ खा लिया।
इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पत्नी और कथित प्रेमी गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सोमवार को आरोपी पत्नी मनु और सह-आरोपी दिलीप को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
क्षेत्राधिकारी (सीओ) प्रवीण मलिक ने बताया कि दोनों आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई है और मामले की विवेचना जारी है।
जेल भेजने से पहले शादी की कथित मांग चर्चा में
गिरफ्तारी के बाद पुलिस हिरासत के दौरान आरोपी महिला द्वारा कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों से यह अनुरोध किए जाने की बात सामने आई कि उसे जेल भेजने से पहले दिलीप से शादी करा दी जाए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जब अधिकारियों ने बताया कि ऐसी प्रक्रिया कानूनी रूप से संभव नहीं है, तब दोनों ने कथित तौर पर कहा कि जेल से बाहर आने के बाद विवाह करेंगे।
हालांकि, यह पूरा मामला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है तथा आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोप अभी अदालत में विचाराधीन हैं।
पूछताछ में कथित प्रेम संबंधों की बात
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी महिला ने कथित तौर पर बताया कि उसका और दिलीप का परिचय इसी वर्ष होली के आसपास बढ़ा था।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में मिले बयानों का सत्यापन किया जा रहा है और उन्हें अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के साथ मिलाकर जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही हैं ताकि पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की जा सके।
घटना वाले दिन क्या हुआ था?
पुलिस जांच के अनुसार, घटना वाले दिन अनूप ने कथित तौर पर अपनी पत्नी को दिलीप से बात करते हुए देखा था।
जांच में यह भी सामने आया है कि उस दिन दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई थी। इसके बाद अनूप कथित रूप से घर से निकला और बाद में जहरीला पदार्थ खाने की घटना सामने आई।
हालांकि, इन सभी परिस्थितियों की पुष्टि पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर कर रही है।
चार साल के बच्चे की जिम्मेदारी परिवार पर
मृतक अनूप और मनु का एक चार वर्षीय पुत्र भी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला के जेल जाने के बाद बच्चे की देखभाल फिलहाल उसके चाचा अखिल कर रहे हैं।
परिवार के लोगों ने बताया कि बच्चे की परवरिश की जिम्मेदारी अब परिवार के अन्य सदस्यों ने संभाल ली है।
आत्महत्या के लिए उकसाने के मामलों में क्या होती है जांच?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment of Suicide) से जुड़े मामलों में केवल आरोप पर्याप्त नहीं होते।
जांच एजेंसियां घटनाक्रम, परिस्थितिजन्य साक्ष्य, डिजिटल रिकॉर्ड, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मृतक की मानसिक स्थिति और अन्य उपलब्ध तथ्यों का विस्तृत परीक्षण करती हैं। इन्हीं आधारों पर आरोप-पत्र तैयार किया जाता है।
अंतिम रूप से किसी भी आरोपी की दोषसिद्धि या निर्दोषता का निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के मूल्यांकन के बाद किया जाता है।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है।
यदि जांच के दौरान कोई नया तथ्य या अतिरिक्त साक्ष्य सामने आता है तो उसे भी केस डायरी में शामिल किया जाएगा। सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और वैज्ञानिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने कहा है कि मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

