Kasganj के तीन नाबालिग दोस्त 12 घंटे बाद मथुरा से सकुशल मिले: बिना बताए घूमने निकले थे वृंदावन, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से परिजनों ने ली राहत की सांस
News-Desk
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kasganj, Kasganj News, Mathura News, उत्तर प्रदेश समाचार, कासगंज, कासगंज पुलिस, द्वारकाधीश मंदिर, पुलिस कार्रवाई, मथुरा, लापता बच्चे, वृंदावन, श्रीकृष्ण जन्मभूमिउत्तर प्रदेश के Kasganj जिले में सोमवार देर शाम अचानक लापता हुए तीन नाबालिग दोस्तों को पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर मथुरा से सकुशल बरामद कर लिया। बच्चों के सुरक्षित मिलने के बाद उनके परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तीनों बच्चे किसी के बहकावे में नहीं आए थे, बल्कि बिना परिजनों को बताए मथुरा-वृंदावन घूमने के उद्देश्य से घर से निकल गए थे।
पुलिस के अनुसार, पूरे घटनाक्रम के दौरान बच्चों के साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। समय रहते पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से एक संभावित गंभीर स्थिति टल गई।
पार्क में खेलने निकले, फिर अचानक हो गए लापता
जानकारी के अनुसार, आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-03 निवासी अर्णव उर्फ यश (13 वर्ष), लवकुश (13 वर्ष) और अनी उर्फ लक्की (15 वर्ष) सोमवार शाम लगभग 7 बजे कर्पूरी ठाकुर पार्क में खेलने के लिए घर से निकले थे।
खेलने के बाद तीनों बच्चों ने अपनी-अपनी साइकिल घर पर खड़ी कर दी, लेकिन इसके बाद बिना किसी को बताए घर से निकल गए। देर रात तक जब वे वापस नहीं लौटे तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।
परिवार के लोगों ने पहले अपने स्तर पर रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के इलाकों में बच्चों की तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। इसके बाद रात लगभग 10:30 बजे सदर कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस
तीन नाबालिग बच्चों के एक साथ लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल खोज अभियान शुरू कर दिया।
सबसे पहले आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में बच्चे सोरो गेट पुलिस चौकी की दिशा में जाते हुए दिखाई दिए।
इसके बाद पुलिस ने संभावित मार्गों की पहचान करते हुए बस अड्डों, रेलवे स्टेशन, प्रमुख बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
एसपी के निर्देश पर बनीं दो विशेष टीमें
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने तत्काल दो विशेष पुलिस टीमों का गठन किया।
एक टीम को बदायूं-बरेली मार्ग पर संभावित तलाश के लिए भेजा गया, जबकि दूसरी टीम को मथुरा की दिशा में रवाना किया गया। पुलिस ने रेलवे अधिकारियों और संबंधित जिलों से भी समन्वय स्थापित कर बच्चों की तलाश तेज कर दी।
अधिकारियों का कहना है कि हर संभावित स्थान पर बच्चों की मौजूदगी की जानकारी जुटाई गई ताकि उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद किया जा सके।
द्वारकाधीश मंदिर परिसर से तीनों बच्चे मिले
मथुरा भेजी गई पुलिस टीम को मंगलवार सुबह सफलता मिली।
करीब सुबह 7:30 बजे पुलिस ने तीनों बच्चों को मथुरा स्थित प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर परिसर से सकुशल बरामद कर लिया।
पुलिस ने बच्चों की पहचान सुनिश्चित करने के बाद उनके परिजनों को सूचना दी और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
पूछताछ में सामने आई पूरी कहानी
पुलिस पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे पहले भी अपने परिवार के साथ कई बार मथुरा-वृंदावन आ चुके थे। इसी कारण उन्होंने इस बार भी स्वयं वहां घूमने जाने की योजना बना ली।
उन्होंने सोमवार रात लगभग 8 बजे कासगंज जंक्शन से ट्रेन पकड़ी। उनका इरादा वृंदावन पहुंचने का था, लेकिन यात्रा के दौरान गलती से वे मथुरा के बजाय आगरा पहुंच गए।
बाद में उन्होंने आगरा से रोडवेज बस ली और वहां से मथुरा-वृंदावन पहुंचे।
प्रेम मंदिर बंद मिला तो लौट आए मथुरा
बच्चों ने पुलिस को बताया कि वृंदावन पहुंचने पर उन्होंने प्रेम मंदिर जाने का प्रयास किया, लेकिन वहां पहुंचने तक मंदिर बंद हो चुका था।
इसके बाद वे रात में वापस मथुरा जंक्शन लौट आए और वहीं समय बिताया।
मंगलवार सुबह उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन किए और फिर द्वारकाधीश मंदिर पहुंचे, जहां पहले से उनकी तलाश कर रही पुलिस टीम ने उन्हें ढूंढ लिया।
किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच में ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि बच्चों के साथ किसी प्रकार की आपराधिक घटना हुई हो।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, तीनों बच्चे अपनी इच्छा से घूमने के लिए घर से निकले थे और पूरे समय साथ रहे।
फिर भी पुलिस ने बच्चों और उनके परिजनों से विस्तृत बातचीत की ताकि पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट रूप से समझा जा सके।
परिजनों ने पुलिस का जताया आभार
बच्चों के सुरक्षित मिलने की सूचना मिलते ही परिवार में खुशी का माहौल बन गया।
परिजनों ने कहा कि रातभर उनकी चिंता बढ़ती जा रही थी और उन्हें किसी अनहोनी की आशंका सताने लगी थी। लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई और लगातार प्रयासों के कारण उनके बच्चे सकुशल मिल गए।
उन्होंने पूरी पुलिस टीम का धन्यवाद करते हुए कहा कि समय पर की गई कार्रवाई ने उनके परिवार को बड़ी राहत दी है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों के लिए सीख
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती जिज्ञासा और घूमने-फिरने की इच्छा के कारण कई बार बच्चे बिना जानकारी दिए घर से निकल जाते हैं।
ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए अभिभावकों को बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए और उन्हें यह समझाना चाहिए कि बिना बताए कहीं जाना कितना जोखिम भरा हो सकता है।
यदि कोई बच्चा अचानक लापता हो जाए तो समय गंवाए बिना तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना देना सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
त्वरित पुलिस कार्रवाई से टली बड़ी चिंता
इस पूरे मामले में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और विभिन्न स्थानों पर समन्वित तलाश अभियान निर्णायक साबित हुआ।
सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण, रेलवे और बस मार्गों पर सक्रिय खोज तथा अलग-अलग टीमों का गठन करने से बच्चों को कम समय में सुरक्षित ढूंढने में सफलता मिली।
यह मामला दर्शाता है कि समय पर सूचना और तेज पुलिस कार्रवाई से कई संभावित गंभीर परिस्थितियों को टाला जा सकता है।

