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Muzaffarnagar में सीलिंग अभियान पर भड़के व्यापारी: बिना नोटिस कार्रवाई पर उठे सवाल, प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी

Muzaffarnagar प्रदेश में हाल ही में हुए बड़े अग्निकांडों के बाद अग्नि सुरक्षा मानकों और भवन नियमों के अनुपालन को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के बीच मुजफ्फरनगर में सीलिंग अभियान को लेकर व्यापारियों का विरोध तेज हो गया है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि किसी भी व्यापारिक प्रतिष्ठान या कॉम्प्लेक्स को बिना पूर्व सूचना सील न किया जाए तथा संबंधित व्यापारियों को पहले कमियां दूर करने का उचित अवसर दिया जाए।

व्यापार संगठन का कहना है कि सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक है, लेकिन कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए जिससे नियमों का पालन भी सुनिश्चित हो और व्यापारियों के हित भी प्रभावित न हों।


जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, संतुलित कार्रवाई की उठाई मांग

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी के नेतृत्व में व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए) द्वारा शहर के व्यापारिक क्षेत्रों, बाजारों और होटलों में लगातार सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है, जिससे व्यापारी वर्ग में भय और असंतोष का माहौल बन गया है।

संगठन ने प्रशासन से आग्रह किया कि यदि किसी प्रतिष्ठान में भवन मानकों, अग्नि सुरक्षा या अन्य नियमों से संबंधित कोई कमी पाई जाती है, तो पहले संबंधित व्यापारी को लिखित नोटिस जारी किया जाए और सुधार के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। यदि निर्धारित अवधि के बाद भी नियमों का पालन नहीं किया जाए, तभी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।


यूनिक प्लाजा और अल हबीब कॉम्प्लेक्स के व्यापारी भी पहुंचे

ज्ञापन सौंपने के दौरान यूनिक प्लाजा और अल हबीब कॉम्प्लेक्स मार्केट में कारोबार करने वाले व्यापारी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि विभागीय टीम द्वारा शुक्रवार को इन दोनों व्यावसायिक भवनों को सील किए जाने की कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद संबंधित व्यापारियों में नाराजगी बढ़ गई।

व्यापारियों का कहना है कि अचानक हुई कार्रवाई के कारण अनेक प्रतिष्ठानों का कारोबार प्रभावित हुआ है और उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।


‘पहले नोटिस, फिर कार्रवाई’ की मांग

व्यापार संगठन ने अपने ज्ञापन में कहा कि पूर्व में विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को भी यह निर्देश दिए गए थे कि किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को समय दिया जाए, ताकि आवश्यक सुधार किए जा सकें। लेकिन वर्तमान में सीधे सीलिंग की कार्रवाई होने से व्यापारी असमंजस और चिंता की स्थिति में हैं।

संगठन ने यह भी कहा कि जिन भवनों का निर्माण वर्षों पहले हुआ और जो लंबे समय से संचालित हैं, उनके विरुद्ध बिना पूर्व सूचना अचानक कठोर कार्रवाई होने से व्यापारियों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।


जीवनभर की पूंजी दांव पर, व्यापारियों ने जताई चिंता

व्यापार संगठन का कहना है कि अधिकांश व्यापारियों ने अपनी वर्षों की मेहनत और जीवनभर की बचत लगाकर अपने प्रतिष्ठान स्थापित किए हैं। ऐसे में यदि बिना किसी पूर्व सूचना के दुकानों या कॉम्प्लेक्स को सील कर दिया जाता है, तो इससे न केवल आर्थिक नुकसान होता है बल्कि व्यापारियों और उनके परिवारों पर मानसिक दबाव भी बढ़ता है।

व्यापारियों का कहना है कि नियमों का पालन सभी करना चाहते हैं, लेकिन प्रशासन को भी सुधार का अवसर देकर न्यायसंगत प्रक्रिया अपनानी चाहिए।


सुरक्षा मानकों के पालन के साथ व्यवहारिक समाधान की मांग

ज्ञापन में प्रशासन से अनुरोध किया गया कि जिन प्रतिष्ठानों में किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक कमी है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक सुधार करने का अवसर दिया जाए। संगठन ने कहा कि सुधार की अवधि समाप्त होने से पहले किसी भी प्रकार की सीलिंग कार्रवाई से बचा जाना चाहिए।

व्यापारियों ने यह भी कहा कि सुरक्षा नियमों का पालन सभी के हित में है, लेकिन कार्रवाई का तरीका ऐसा होना चाहिए जिससे कानून का उद्देश्य भी पूरा हो और व्यापारिक गतिविधियां भी अनावश्यक रूप से प्रभावित न हों।


आंदोलन की चेतावनी

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि व्यापारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया और बिना पूर्व नोटिस सीलिंग अभियान जारी रहा, तो जिलेभर के व्यापारी व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

संगठन ने प्रशासन से संवाद स्थापित कर व्यावहारिक समाधान निकालने की अपील करते हुए कहा कि व्यापारियों के हितों और सार्वजनिक सुरक्षा दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।


कई व्यापारी रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने और प्रदर्शन के दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी के साथ नाजिम, शाकिर, अनवर जकी, शान, फैसल, मनीष पुंडीर, फिरोज खान, शाहिद, बिट्टू, फहीम, सैफ सहित यूनिक प्लाजा और अल हबीब कॉम्प्लेक्स के अनेक व्यापारी मौजूद रहे।

सभी ने एक स्वर में प्रशासन से पारदर्शी और न्यायसंगत कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि नियमों के पालन के लिए व्यापारी प्रशासन के साथ सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन बिना पूर्व सूचना की कार्रवाई से बचा जाना चाहिए।


अग्नि सुरक्षा के बाद तेज हुआ अभियान, प्रशासन की कार्रवाई पर नजर

प्रदेश में हाल के बड़े अग्निकांडों के बाद प्रशासन द्वारा अग्नि सुरक्षा, भवन मानकों और वैध निर्माण से जुड़े नियमों के अनुपालन को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कई जिलों में जांच अभियान तेज किए गए हैं।

मुजफ्फरनगर में भी विभिन्न व्यावसायिक भवनों, कॉम्प्लेक्सों और प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। ऐसे में व्यापारियों की मांग है कि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ नियमानुसार नोटिस और सुधार का अवसर देने की प्रक्रिया का भी पालन किया जाए।


मुजफ्फरनगर में सीलिंग अभियान को लेकर व्यापारियों और प्रशासन के बीच संवाद की आवश्यकता महसूस की जा रही है। व्यापार संगठन का कहना है कि सार्वजनिक सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन कार्रवाई पारदर्शी, चरणबद्ध और न्यायसंगत होनी चाहिए। फिलहाल व्यापारियों ने प्रशासन से पूर्व सूचना और सुधार का अवसर देने की मांग की है, जबकि इस मुद्दे पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

 

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