उत्तर प्रदेश

Agra के एसएन मेडिकल कॉलेज में इसी महीने शुरू होगा किडनी ट्रांसप्लांट, पहले मरीज के ऑपरेशन की तैयारी तेज

Agra के एसएन मेडिकल कॉलेज में लंबे इंतजार के बाद SN Medical College Agra Kidney Transplant सेवा शुरू होने जा रही है। चिकित्सा शिक्षा और गंभीर किडनी रोगों के उपचार के क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, यदि सभी आवश्यक चिकित्सकीय एवं कानूनी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाती हैं तो इसी महीने पहला किडनी ट्रांसप्लांट किया जा सकता है।

शुरुआती चरण में यह पूरी प्रक्रिया संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई), लखनऊ के विशेषज्ञों की निगरानी में संचालित होगी। इससे मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


पहले चरण में तीन मरीजों की जांच, दो फिलहाल ट्रांसप्लांट के लिए नहीं पाए गए उपयुक्त

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट कार्यक्रम के तहत प्रारंभिक चरण में तीन मरीजों की चिकित्सकीय जांच पूरी कर उनकी फाइल विशेषज्ञों के परीक्षण के लिए एसजीपीजीआई लखनऊ भेजी गई थी।

विशेषज्ञों द्वारा की गई समीक्षा में तीन में से दो मरीजों को फिलहाल ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त नहीं माना गया।

एक मरीज में संक्रमित बीमारी (इन्फेक्शन) की पुष्टि हुई है। चिकित्सकों के अनुसार, संक्रमण पूरी तरह नियंत्रित होने और स्वास्थ्य में सुधार आने के बाद ही उनके किडनी ट्रांसप्लांट पर विचार किया जाएगा।

दूसरे मरीज को भी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर फिलहाल ट्रांसप्लांट के लिए फिट नहीं माना गया है। ऐसे में उनका ऑपरेशन अभी स्थगित रहेगा।


एक मरीज ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त, जल्द मिल सकती है ऑपरेशन की तारीख

प्राचार्य ने बताया कि तीन मरीजों में से एक मरीज को विशेषज्ञों ने किडनी ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त पाया है।

अब इस मरीज के ऑपरेशन की तिथि तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। अस्पताल प्रशासन को उम्मीद है कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जल्द ही पहले सफल किडनी ट्रांसप्लांट की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।

यह एसएन मेडिकल कॉलेज के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी, क्योंकि इससे आगरा और आसपास के जिलों के मरीजों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।


तीन नए मरीजों की चिकित्सकीय प्रक्रिया भी शुरू

प्रारंभिक तीन मामलों की समीक्षा के बाद अब पंजीकृत मरीजों में से तीन नए मरीजों की चिकित्सकीय प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इन मरीजों की विस्तृत चिकित्सकीय जांच की जाएगी, जिसमें विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण, किडनी की स्थिति, अंग प्रत्यारोपण की उपयुक्तता तथा दाता और प्राप्तकर्ता के बीच आवश्यक चिकित्सकीय मिलान (Matching) सहित अन्य परीक्षण शामिल होंगे।

विशेषज्ञों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्यारोपण प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और चिकित्सा मानकों के अनुरूप हो।


कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मिलेगा अंतिम अनुमोदन

किडनी प्रत्यारोपण केवल चिकित्सकीय प्रक्रिया नहीं बल्कि एक विस्तृत कानूनी प्रक्रिया भी होती है।

कॉलेज प्रशासन के अनुसार, सभी आवश्यक चिकित्सकीय जांच पूरी होने के बाद संबंधित दस्तावेज निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय भेजे जाएंगे।

वहां मरीज और किडनी दाता के बयान दर्ज किए जाएंगे तथा मानव अंग प्रत्यारोपण से संबंधित सभी कानूनी औपचारिकताओं की समीक्षा की जाएगी।

सभी प्रक्रियाएं पूरी होने और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति मिलने के बाद ही किडनी ट्रांसप्लांट किया जाएगा।


पहले 25 किडनी ट्रांसप्लांट एसजीपीजीआई विशेषज्ञों की निगरानी में होंगे

एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि शुरुआती 25 किडनी ट्रांसप्लांट एसजीपीजीआई लखनऊ के विशेषज्ञों की निगरानी और तकनीकी सहयोग में किए जाएंगे।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नई शुरू हो रही सेवा उच्च गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और स्थापित चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुरूप संचालित हो।

इससे स्थानीय चिकित्सकों को भी उन्नत प्रत्यारोपण प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।


डायलिसिस यूनिट पर लगातार बढ़ रहा मरीजों का दबाव

एसएन मेडिकल कॉलेज में पहले से ही निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध है और इसका लाभ बड़ी संख्या में मरीज उठा रहे हैं।

किडनी रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. अपूर्व जैन ने बताया कि अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में प्रतिदिन 50 से 60 मरीजों की डायलिसिस की जा रही है।

लगातार बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए अब दिन के साथ-साथ रात्रिकालीन डायलिसिस की सुविधा भी संचालित की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।


16 मशीनें पूरी क्षमता से संचालित, नई मशीन खरीदने की तैयारी

विभाग के अनुसार वर्तमान में डायलिसिस यूनिट में संचालित 16 मशीनें पूरी क्षमता के साथ लगातार उपयोग में हैं।

आगरा के अलावा आसपास के कई जिलों से भी मरीज यहां उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन एक अतिरिक्त डायलिसिस मशीन खरीदने की तैयारी कर रहा है।

नई मशीन लगने के बाद अधिक मरीजों को समय पर डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।


क्षेत्र के मरीजों को मिलेगा बड़ा लाभ

अब तक गंभीर किडनी रोगियों को प्रत्यारोपण के लिए लखनऊ, दिल्ली या अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों का रुख करना पड़ता था।

एसएन मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट सेवा शुरू होने से आगरा मंडल सहित आसपास के जिलों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे इलाज की उपलब्धता बढ़ने के साथ मरीजों और उनके परिजनों पर यात्रा तथा अन्य खर्चों का बोझ भी कम हो सकता है।

चिकित्सकों का मानना है कि डायलिसिस और किडनी प्रत्यारोपण जैसी उन्नत सुविधाओं के विस्तार से क्षेत्र में गंभीर किडनी रोगों के उपचार की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।


SN Medical College Agra Kidney Transplant सेवा शुरू होने की दिशा में आवश्यक चिकित्सकीय और कानूनी प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। प्रारंभिक चरण में एक मरीज को प्रत्यारोपण के लिए उपयुक्त पाया गया है, जबकि अन्य मरीजों की जांच और अनुमोदन प्रक्रिया जारी है। अस्पताल प्रशासन का लक्ष्य विशेषज्ञों की निगरानी में सुरक्षित और मानक प्रोटोकॉल के अनुसार किडनी ट्रांसप्लांट सेवा शुरू कर क्षेत्र के मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है।

News-Desk

News Desk एक समर्पित टीम है, जिसका उद्देश्य उन खबरों को सामने लाना है जो मुख्यधारा के मीडिया में अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं। हम निष्पक्षता, सटीकता, और पारदर्शिता के साथ समाचारों को प्रस्तुत करते हैं, ताकि पाठकों को हर महत्वपूर्ण विषय पर सटीक जानकारी मिल सके। आपके विश्वास के साथ, हम खबरों को बिना किसी पूर्वाग्रह के आप तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किसी भी सवाल या जानकारी के लिए, हमें संपर्क करें: info@poojanews.com

News-Desk has 22272 posts and counting. See all posts by News-Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

5 × 5 =