Muzaffarnagar में 14 लाख की चोरी का निकला ‘फर्जी खेल’! 48 घंटे में खुला राज, घर की बहू ही निकली मास्टरमाइंड; कूलर से मिले 4.40 लाख और सोने की बाली
News-Desk
16 min read
14 लाख चोरी, 4.40 लाख बरामद, Muzaffarnagar Crime News, Muzaffarnagar News, Purkazi Crime, उत्तर प्रदेश अपराध समाचार, क्राइम न्यूज़, गुलशना, चोरी, चोरी का खुलासा, पुरकाजी, पुरकाजी थाना, फर्जी चोरी, बहू गिरफ्तार, मुजफ्फरनगर, मुज़फ्फरनगर पुलिस, सोने की बाली, हरिनगरMuzaffarnagar के पुरकाजी थाना क्षेत्र में लाखों रुपये की चोरी और घर की महिला पर चाकू से हमला किए जाने की बताई गई सनसनीखेज घटना का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस जांच में मामला वैसा नहीं निकला जैसा शुरुआती शिकायत में बताया गया था। पुलिस के अनुसार, घर में 14 लाख रुपये की चोरी और महिला पर हमला किए जाने की कहानी फर्जी थी और पूरे घटनाक्रम के पीछे परिवार की ही बहू गुलशना का हाथ था।
पुलिस के मुताबिक, गुलशना ने कथित तौर पर पैसों के लालच और अपनी सास द्वारा खर्च के लिए पैसे नहीं दिए जाने से नाराज होकर चोरी की योजना बनाई। उसने अनाज की टंकी में रखे पैसे देखकर मौका चुना और 23/24 अगस्त की रात टंकी का ताला तोड़कर 4 लाख 40 हजार रुपये निकाल लिए। पुलिस का कहना है कि चोरी की रकम उसने अपने कमरे में रखे कूलर के अंदर छिपा दी।
इसके बाद कथित रूप से चोरी को बाहरी वारदात का रूप देने के लिए एक कहानी तैयार की गई। पुलिस के अनुसार, गुलशना ने खुद अपनी कान की बाली निकालकर छिपा दी और फिर परिजनों को बताया कि अज्ञात चोरों ने घर में घुसकर उस पर चाकू से हमला किया, उसकी बाली छीन ली और अनाज की टंकी से 14 लाख रुपये चोरी कर लिए।
पुलिस ने मामले की गहराई से जांच की तो शुरुआती कहानी पर सवाल खड़े हुए। पूछताछ के बाद गुलशना को गिरफ्तार किया गया और उसकी निशानदेही पर कूलर से 4 लाख 40 हजार रुपये की पूरी रकम तथा एक सोने की बाली बरामद किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
24 अगस्त को दर्ज हुई थी 14 लाख रुपये की चोरी की शिकायत
मामला 24 अगस्त 2026 को सामने आया था। ग्राम हरिनगर निवासी इनाम पुत्र इरफान ने पुरकाजी थाने में तहरीर देकर अज्ञात चोरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि घर में रखी अनाज की टंकी से करीब 14 लाख रुपये चोरी कर लिए गए। शिकायत के अनुसार, विरोध करने पर इनाम के भाई की पत्नी गुलशना पर चाकू से हमला किया गया और उसके कान की सोने की बाली भी छीन ली गई।
एक ही घटना में बड़ी रकम की चोरी, महिला पर चाकू से हमला और सोने की बाली छीने जाने की बात सामने आने के बाद मामला गंभीर माना गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
एसएसपी के निर्देशन में बनाई गई पुलिस टीमें
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुरकाजी थाना प्रभारी मानवेन्द्र सिंह भाटी के नेतृत्व में टीम ने घटना की विभिन्न पहलुओं से जांच शुरू की।
पुलिस के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह था कि क्या वास्तव में बाहर से कोई चोर घर में घुसा था या घटना के पीछे कोई अन्य कहानी है।
शिकायत में बताई गई परिस्थितियों, घटनास्थल और परिवार के सदस्यों से मिली जानकारी को पुलिस ने अलग-अलग स्तर पर परखा। इसी दौरान पुलिस को घटना की कहानी में कथित तौर पर कुछ ऐसे बिंदु मिले जिनसे संदेह गहराया।
48 घंटे में पुलिस जांच ने बदल दी पूरी कहानी
मामले की जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को यह कहानी संदिग्ध लगी कि घर में घुसकर चोरों ने 14 लाख रुपये चोरी किए, महिला पर चाकू से हमला किया और उसकी कान की बाली भी छीन ली।
पुलिस ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ की और घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश की। पूछताछ के दौरान गुलशना पर संदेह केंद्रित हुआ।
पुलिस का दावा है कि सख्ती से पूछताछ किए जाने पर गुलशना ने पूरी घटना का खुलासा कर दिया और अपने द्वारा चोरी किए जाने की बात स्वीकार की।
इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वह जगह तलाश की जहां कथित रूप से चोरी की रकम छिपाई गई थी।
कूलर बना चोरी के पैसों का ठिकाना
पुलिस के अनुसार, चोरी करने के बाद गुलशना ने 4 लाख 40 हजार रुपये अपने कमरे में रखे कूलर में छिपा दिए थे।
पुलिस ने उसकी निशानदेही पर कूलर की तलाशी ली और वहां से पूरी 4,40,000 रुपये की नकदी बरामद करने का दावा किया।
इतनी बड़ी रकम का एक साथ बरामद होना पुलिस जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस ने एक सोने की बाली भी बरामद की, जिसे कथित रूप से गुलशना ने खुद छिपाया था।
सास से नाराजगी और पैसों का लालच बना वजह, पुलिस का दावा
पूछताछ में गुलशना ने पुलिस को कथित तौर पर बताया कि उसकी सास उसे खर्च के लिए पैसे नहीं देती थी और घर का आर्थिक लेनदेन स्वयं करती थी।
पुलिस के अनुसार, गुलशना को जानकारी थी कि सास ने अनाज की टंकी में पैसे छिपाकर रखे हैं। इसी जानकारी के बाद उसके मन में पैसे लेने का लालच आया।
बताया गया कि उसने मौका देखकर रात में टंकी का ताला तोड़ा और उसमें रखी रकम में से 4 लाख 40 हजार रुपये चोरी कर लिए।
यहां यह महत्वपूर्ण है कि पुलिस के अनुसार वास्तविक रूप से बरामद रकम 4.40 लाख रुपये है, जबकि शुरुआती शिकायत में चोरी की रकम 14 लाख रुपये बताई गई थी।
ताला तोड़ते समय लोहे की पत्ती से कट गया हाथ
पुलिस के मुताबिक, गुलशना ने पूछताछ में बताया कि अनाज की टंकी का ताला तोड़ते समय लोहे की पत्ती से उसका हाथ कट गया था।
पुलिस के अनुसार, हाथ पर लगी चोट को बाद में कथित रूप से बाहरी हमले की कहानी से जोड़ दिया गया।
यही बिंदु जांच के दौरान पुलिस के लिए महत्वपूर्ण हो सकता था। घटना में महिला के घायल होने की बात शिकायत में पहले से कही गई थी, लेकिन पुलिस के अनुसार चोट की वास्तविक वजह अलग निकली।
हालांकि चोट की चिकित्सकीय प्रकृति और पुलिस जांच से जुड़े विस्तृत तथ्य आगे की कानूनी प्रक्रिया में स्पष्ट होंगे।
कान की बाली खुद निकालकर छिपाने का दावा
पुलिस ने बताया कि गुलशना ने घटना को लूट और हमले का रूप देने के लिए कथित तौर पर अपनी ही कान की बाली निकालकर छिपा दी।
इसके बाद उसने परिजनों के सामने यह कहानी रखी कि अज्ञात चोरों ने उस पर चाकू से हमला किया और उसकी बाली छीन ली।
पुलिस का दावा है कि बाद में उसकी निशानदेही पर वही सोने की बाली बरामद कर ली गई।
यह बरामदगी पुलिस की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है, क्योंकि शुरुआती शिकायत में भी कान की बाली छीने जाने की बात कही गई थी।
14 लाख की चोरी का दावा, लेकिन बरामद हुए 4.40 लाख
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू चोरी की बताई गई रकम और पुलिस द्वारा बरामद रकम के बीच का अंतर है।
शुरुआती शिकायत में अनाज की टंकी से 14 लाख रुपये चोरी किए जाने की बात कही गई थी। लेकिन पुलिस की जांच में 4 लाख 40 हजार रुपये की नकदी बरामद होने की जानकारी दी गई है।
पुलिस का कहना है कि वास्तव में गुलशना ने 4 लाख 40 हजार रुपये चोरी किए थे और 14 लाख रुपये की चोरी का दावा कथित तौर पर कहानी को अधिक गंभीर दिखाने के लिए किया गया।
परिवार की ओर से 14 लाख रुपये की चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की बात भी पुलिस ने बताई है।
चोरी के बाद रची गई कथित हमले की कहानी
पुलिस के अनुसार, रकम चोरी करने के बाद गुलशना को इस बात का डर था कि चोरी का शक सीधे उस पर आ सकता है। इसलिए कथित तौर पर उसने पूरी घटना को बाहरी लोगों द्वारा की गई लूट के रूप में पेश करने की योजना बनाई।
पुलिस का दावा है कि इसी योजना के तहत चाकू से हमले और कान की बाली छीने जाने की कहानी बताई गई।
यदि पुलिस की जांच और बरामदगी अदालत में भी इसी तरह साबित होती है, तो मामला केवल चोरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि घटना को छिपाने और झूठी कहानी बनाने से जुड़े कानूनी पहलू भी महत्वपूर्ण होंगे।
पुलिस ने कहा—घर के अंदर से ही निकला पूरा राज
इस मामले में पुलिस के लिए सबसे अहम तथ्य यह रहा कि कथित चोरी का राज किसी बाहरी संदिग्ध से नहीं बल्कि परिवार के भीतर से सामने आया।
शुरुआत में मामला अज्ञात चोरों के खिलाफ दर्ज हुआ था। स्वाभाविक रूप से पुलिस की पहली जांच बाहरी व्यक्ति के घर में प्रवेश करने की संभावना पर भी रही होगी।
लेकिन पूछताछ और घटनाक्रम के विश्लेषण के बाद पुलिस ने परिवार की बहू को आरोपी बनाया।
यह मामला इस बात का भी उदाहरण है कि किसी भी चोरी की घटना में शुरुआती शिकायत को अंतिम सत्य मानकर जांच समाप्त नहीं की जा सकती। घटनास्थल, बयान, बरामदगी और परिस्थितियों की आपसी कड़ियों की जांच जरूरी होती है।
पुरकाजी पुलिस ने 48 घंटे में किया खुलासा
पुलिस के अनुसार घटना के 48 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर दिया गया। 24 अगस्त को शिकायत सामने आई थी और 26 अगस्त को पुलिस ने आरोपी महिला की गिरफ्तारी और बरामदगी की जानकारी दी।
तेजी से हुई जांच के कारण पुलिस टीम ने कथित रूप से चोरी की रकम और सोने की बाली तक पहुंच बनाई।
मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है।
गुलशना गिरफ्तार, आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू
पुलिस ने ग्राम हरिनगर निवासी गुलशना पत्नी अकरम को गिरफ्तार कर लिया है। वह वादी के भाई की पत्नी बताई गई है।
पुलिस के अनुसार पूछताछ के बाद उसने अपराध स्वीकार किया और चोरी की रकम तथा सोने की बाली बरामद कराई।
गिरफ्तारी के बाद अब मामले में आगे की विधिक प्रक्रिया जारी है। किसी भी आरोपी के खिलाफ अंतिम दोषसिद्धि न्यायालय में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होती है।
मुकदमे की धाराओं में भी किया गया बदलाव
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक शिकायत में लगाए गए गंभीर आरोपों की जांच के बाद मुकदमे की धाराओं में बदलाव किया गया है।
पुलिस ने बताया कि पुरानी संगीन धाराओं को हटाकर चोरी और साक्ष्य छिपाने से संबंधित धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस द्वारा बताई गई धाराओं में 305(क) और 317(2) का उल्लेख किया गया है।
धाराओं का अंतिम स्वरूप न्यायिक प्रक्रिया और विवेचना के दौरान निर्धारित होता है। इसलिए मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
मामले की जांच में कई सवालों के जवाब मिले
पुलिस के सामने शुरुआती शिकायत के बाद कई सवाल थे—यदि घर में अज्ञात चोर घुसे तो उनका प्रवेश कैसे हुआ? 14 लाख रुपये की पूरी रकम कहां थी? महिला पर हमला किस तरह हुआ? कान की बाली कहां गई? और घर के भीतर रखी रकम के बारे में जानकारी किसे थी?
जांच के दौरान इन सवालों को जोड़ने की कोशिश की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के बाद इन सभी घटनाओं का संबंध गुलशना से जुड़ गया।
चोरी की रकम की बरामदगी और बाली मिलने से पुलिस को अपनी थ्योरी को मजबूत करने में मदद मिली।
अनाज की टंकी से शुरू हुई कहानी कूलर तक पहुंची
इस पूरे मामले में दो स्थान विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहे—अनाज की टंकी और कूलर।
पुलिस के अनुसार, अनाज की टंकी में सास ने पैसे छिपाकर रखे थे। गुलशना ने कथित तौर पर इसी जानकारी का फायदा उठाया और रात में ताला तोड़कर रकम निकाल ली।
इसके बाद कथित रूप से चोरी की रकम को घर से बाहर ले जाने के बजाय अपने कमरे में रखे कूलर में छिपा दिया।
पुलिस ने इसी कूलर से पूरी 4.40 लाख रुपये की रकम बरामद करने का दावा किया है।
परिवार के भीतर आर्थिक लेनदेन को लेकर था विवाद
पुलिस के अनुसार पूछताछ में गुलशना ने सास द्वारा खर्च के लिए पैसे नहीं दिए जाने और घर के आर्थिक लेनदेन को लेकर नाराजगी की बात बताई।
परिवार के भीतर पैसों को लेकर मतभेद कई बार तनाव का कारण बन सकते हैं। लेकिन इस मामले में पुलिस का दावा है कि कथित नाराजगी और पैसों के लालच ने चोरी की घटना को जन्म दिया।
इसके बाद घटना को छिपाने के लिए कथित रूप से झूठी कहानी तैयार की गई।
पुलिस टीम ने बारीकी से की पूछताछ
मामले का खुलासा करने वाली टीम ने घटनास्थल और परिवार के सदस्यों से जुड़ी जानकारी को बारीकी से खंगाला। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों में विरोधाभास पाए गए और जांच का रुख बदल गया।
ऐसे मामलों में पुलिस के लिए परिवार के सदस्यों से पूछताछ करना संवेदनशील भी होता है। एक ओर शिकायतकर्ता परिवार स्वयं पीड़ित होने का दावा करता है, दूसरी ओर जांच में परिवार का कोई सदस्य संदिग्ध निकल सकता है।
पुरकाजी मामले में पुलिस ने इसी दिशा में आगे बढ़कर कथित रूप से असली कहानी सामने लाने का दावा किया है।
बरामदगी बनी पुलिस जांच की अहम कड़ी
किसी भी चोरी के मामले में बरामद रकम या चोरी की वस्तु का मिलना जांच के लिए महत्वपूर्ण होता है। यहां पुलिस ने 4 लाख 40 हजार रुपये और सोने की एक बाली बरामद करने की जानकारी दी है।
पुलिस के अनुसार दोनों चीजें आरोपी महिला की निशानदेही पर मिलीं।
अब इन बरामद वस्तुओं को कानूनी प्रक्रिया के तहत साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा और अदालत में मामले की आगे की सुनवाई होगी।
हरिनगर गांव में घटना की चर्चा
मामले का खुलासा होने के बाद हरिनगर गांव में भी घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। शुरुआत में जिस वारदात को बाहरी चोरों द्वारा की गई बड़ी चोरी माना जा रहा था, जांच में उसका रुख परिवार के भीतर की ओर चला गया।
14 लाख रुपये की चोरी और महिला पर चाकू से हमला किए जाने की सूचना से गांव में सनसनी फैल गई थी। लेकिन 48 घंटे के भीतर पुलिस की जांच ने पूरे घटनाक्रम की तस्वीर बदल दी।
पुलिस टीम के इन सदस्यों ने किया खुलासा
इस मामले का सफल अनावरण करने वाली पुलिस टीम में पुरकाजी थाना प्रभारी मानवेन्द्र सिंह भाटी, उपनिरीक्षक नवीन कुमार, महिला उपनिरीक्षक निशा सिंह, हेड कांस्टेबल सचिन तेवतिया और महिला कांस्टेबल शिल्पी शर्मा शामिल रहे।
टीम ने थाना प्रभारी के नेतृत्व में मामले की जांच की और आरोपी महिला तक पहुंचने के बाद कथित चोरी की रकम और सोने की बाली बरामद की।
पुलिस की ओर से मामले में आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है।
घटना ने सिखाया—शिकायत की हर कड़ी की जांच जरूरी
पुरकाजी की यह घटना जांच के लिहाज से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शुरुआती शिकायत और बाद में सामने आए पुलिस के दावे में बड़ा अंतर दिखाई देता है।
शिकायत में 14 लाख रुपये की चोरी, चाकू से हमला और सोने की बाली छीने जाने की बात थी। पुलिस जांच में 4.40 लाख रुपये की चोरी और घटना को कथित रूप से झूठा रूप देने की कहानी सामने आई।
ऐसे मामलों में पुलिस के लिए हर बयान, घटनास्थल और बरामदगी की कड़ी को जांचना जरूरी होता है। केवल पहली सूचना के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाना ही महत्वपूर्ण होता है।
अब अदालत में तय होगी मामले की कानूनी दिशा
पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। अब मामले में जांच, साक्ष्य, बरामदगी और आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया चलेगी।
किसी भी आरोपी के संबंध में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और सुनवाई के बाद ही किया जाता है। इसलिए पुलिस द्वारा किए गए खुलासे को जांच का निष्कर्ष मानते हुए भी अंतिम दोषसिद्धि न्यायिक प्रक्रिया से ही होगी।
14 लाख से 4.40 लाख तक पहुंची चोरी की कहानी
पुरकाजी के हरिनगर में सामने आया यह मामला शुरुआत में बड़ी चोरी और चाकू से हमले की सनसनीखेज घटना के रूप में सामने आया था। लेकिन पुलिस के अनुसार, जांच आगे बढ़ी तो कहानी पूरी तरह बदल गई।
अब पुलिस का दावा है कि चोरी की वास्तविक रकम 4 लाख 40 हजार रुपये थी और पूरी रकम कूलर से बरामद कर ली गई है। साथ ही एक सोने की बाली भी मिली है।
अज्ञात चोरों की तलाश से शुरू हुई जांच आखिरकार परिवार की बहू गुलशना की गिरफ्तारी तक पहुंची।

