Muzaffarnagar के बुढ़ाना में ऐतिहासिक छड़ियान मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम; 24 सितंबर को निकलेगी भव्य शोभायात्रा
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मेले में दिन बढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ रही है। परिवारों के साथ पहुंच रहे लोग जहां बाबा के दरबार में श्रद्धा और आस्था के साथ पहुंच रहे हैं, वहीं मेले में लगे झूले, दुकानें और खान-पान के स्टॉल भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।
भीड़ को देखते हुए पुलिस और मेला समिति ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती है। पूरे मेला परिसर को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा गया है, जबकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सिविल ड्रेस में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
28 वर्षों से बुढ़ाना की पहचान बना हुआ है छड़ियान मेला
बुढ़ाना का छड़ियान मेला केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है। पिछले करीब 28 वर्षों से यह मेला क्षेत्र के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का हिस्सा बना हुआ है।
बाबा जाहवीर गोगाजी महाराज के प्रति श्रद्धा रखने वाले लोग बड़ी संख्या में मेले में पहुंचते हैं। मेले का वातावरण धार्मिक आस्था के साथ मेल-जोल और पारिवारिक उत्सव का रूप भी लेता दिखाई दे रहा है।
स्थानीय स्तर पर इस आयोजन को लेकर लोगों में उत्साह बना हुआ है। खासकर शाम के समय मेले में भीड़ बढ़ने से परिसर की चहल-पहल और अधिक बढ़ जाती है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से गुलजार हुआ मेला परिसर
छड़ियान मेले में इस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। महिलाओं, बच्चों और परिवारों की मौजूदगी विशेष रूप से दिखाई दे रही है।
मेले में पहुंचने वाले लोग बाबा जाहवीर गोगाजी महाराज के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करने के साथ-साथ मेले की विभिन्न गतिविधियों का आनंद भी ले रहे हैं।
कहीं बच्चों की हंसी और झूलों की आवाज सुनाई दे रही है तो कहीं दुकानों पर खरीदारी करते परिवार नजर आ रहे हैं। धार्मिक आयोजन और मनोरंजन का यह मेल मेले को खास माहौल दे रहा है।
महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षा पर खास फोकस
मेले में महिलाओं और बच्चों की बड़ी संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
पुलिस की ओर से महिला और पुरुष कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा सिविल ड्रेस में भी पुलिसकर्मियों को लगाया गया है ताकि भीड़ के बीच असामाजिक गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
मेला समिति और पुलिस प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो और परिवार के साथ आने वाले लोग सुरक्षित माहौल में मेले का आनंद ले सकें।
सीसीटीवी कैमरों से पूरे परिसर पर नजर
सुरक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सीसीटीवी निगरानी है। मेला परिसर को कैमरों की निगरानी में रखा गया है।
बड़ी भीड़ वाले आयोजनों में सीसीटीवी निगरानी से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और किसी अप्रिय स्थिति में घटनाक्रम की समीक्षा करने में मदद मिल सकती है।
पुलिस और मेला समिति की ओर से लोगों से भी अपील की जा रही है कि वे भीड़ में सावधानी बरतें और किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल सुरक्षाकर्मियों को दें।
झूलों ने बच्चों से लेकर बड़ों तक को खींचा
मेले में मनोरंजन के लिए लगाए गए विभिन्न प्रकार के झूले लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं।
महिलाएं और बच्चे झूलों का जमकर आनंद ले रहे हैं। परिवारों के साथ आने वाले लोगों के लिए मेले की यह व्यवस्था धार्मिक वातावरण के साथ मनोरंजन का अवसर भी उपलब्ध करा रही है।
शाम होते ही झूलों के आसपास लोगों की भीड़ और बढ़ जाती है, जिससे मेले का दृश्य और अधिक जीवंत हो उठता है।
खिलौनों से लेकर ज्वेलरी तक, बाजार में खूब रौनक
छड़ियान मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानों ने भी अपनी जगह बनाई है। खेल-खिलौने, ज्वेलरी, चश्मे और अन्य सामान की दुकानें लोगों को आकर्षित कर रही हैं।
महिलाओं और बच्चों के लिए अलग-अलग प्रकार की वस्तुएं उपलब्ध हैं। मेले में घूमने आने वाले लोग खरीदारी भी कर रहे हैं।
स्थानीय दुकानदारों के लिए भी ऐसे मेले व्यापार का अवसर लेकर आते हैं। धार्मिक आयोजन के साथ अस्थायी बाजार की रौनक मेले के वातावरण को और रंगीन बना रही है।
चीनी के बर्तन और पारंपरिक सामान भी आकर्षण का केंद्र
मेले में चीनी के बर्तनों की दुकानें भी लोगों का ध्यान खींच रही हैं। पारंपरिक मेलों में दिखाई देने वाली कई वस्तुएं यहां एक साथ उपलब्ध हैं।
इसके अलावा चश्मे, पान और खाने-पीने के स्टॉल भी लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
मेला परिसर में अलग-अलग स्वाद और जरूरत के हिसाब से दुकानों की विविधता लोगों को लंबे समय तक वहां रुकने का मौका देती है।
खाने-पीने के स्टॉल पर भी भीड़
मेले में खाने-पीने के विभिन्न स्टॉल लगाए गए हैं। स्वादिष्ट व्यंजनों और स्थानीय पसंद के खाद्य पदार्थों की दुकानें भी लोगों को आकर्षित कर रही हैं।
परिवारों के साथ आने वाले लोग खरीदारी और झूलों का आनंद लेने के बाद खाने-पीने के स्टॉल पर भी रुक रहे हैं।
मेले की यही विविधता इसे केवल धार्मिक आयोजन न बनाकर एक बड़े पारिवारिक और सामाजिक आयोजन का स्वरूप देती है।
24 सितंबर को निकलेगी बाबा जाहवीर की भव्य शोभायात्रा
मेले के प्रमुख आयोजनों में बाबा जाहवीर गोगाजी महाराज की भव्य शोभायात्रा सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल है।
मेला समिति के अनुसार 24 सितंबर को शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा चमन लाल पंवार के खटिकों वाले कुएं से प्रारंभ होगी।
इसके बाद शोभायात्रा भूमिया खेड़ा होते हुए बुढ़ाना कस्बे के मुख्य मार्गों से गुजरेगी।
इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह है। शोभायात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।
शोभायात्रा को लेकर प्रशासन के सामने भी बड़ी जिम्मेदारी
किसी भी धार्मिक शोभायात्रा में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी होती है। ऐसे में सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन महत्वपूर्ण हो जाता है।
बुढ़ाना पुलिस और मेला समिति पहले से ही सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं। सीसीटीवी निगरानी और सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी इसी व्यवस्था का हिस्सा है।
शोभायात्रा के दौरान भीड़ को व्यवस्थित रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की भूमिका अहम रहेगी।
25 सितंबर को बाबा की मेढ़ी पर चढ़ाया जाएगा निशान और प्रसाद
मेला समिति ने 25 सितंबर के कार्यक्रम की भी जानकारी दी है। इस दिन बाबा की मेढ़ी पर निशान और प्रसाद चढ़ाया जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन धार्मिक रूप से विशेष महत्व रखता है। बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम में शामिल होकर अपनी श्रद्धा अर्पित करेंगे।
मेला समिति की ओर से आयोजन की तैयारियों को लेकर लगातार व्यवस्थाओं पर नजर रखी जा रही है।
26 सितंबर को होगा विशाल भंडारा
मेले के कार्यक्रमों की श्रृंखला में 26 सितंबर को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
भंडारा धार्मिक आयोजनों में सामुदायिक सहभागिता का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
मेला समिति को भंडारे के दौरान भीड़ और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखना होगा, ताकि सभी श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से प्रसाद उपलब्ध कराया जा सके।
डॉ. फल कुमार पंवार के नेतृत्व में समिति संभाल रही व्यवस्थाएं
मेला समिति के अध्यक्ष डॉ. फल कुमार पंवार के नेतृत्व में समिति के पदाधिकारी आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, दुकानों की व्यवस्था, कार्यक्रमों का संचालन और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर समिति की ओर से निगरानी की जा रही है।
समिति का प्रयास है कि कई दिनों तक चलने वाला यह आयोजन व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
आस्था के साथ सामाजिक सौहार्द का संदेश
बुढ़ाना का छड़ियान मेला लंबे समय से आस्था के साथ सामाजिक सौहार्द और भाईचारे से जुड़े आयोजन के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है।
ऐसे स्थानीय मेले लोगों को धार्मिक गतिविधियों के साथ एक-दूसरे से मिलने-जुलने का अवसर भी देते हैं। अलग-अलग परिवारों और आसपास के क्षेत्रों से लोग यहां पहुंचते हैं, जिससे मेले का सामाजिक दायरा बढ़ता है।
इसी वजह से 28 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा यह मेला क्षेत्र की स्थानीय पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
बढ़ती भीड़ के बीच लोगों से सावधानी बरतने की अपील
मेले में भीड़ लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों के साथ आने वाले परिवारों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
भीड़ के दौरान बच्चों पर नजर रखना, जरूरी सामान सुरक्षित रखना और किसी समस्या की स्थिति में पुलिस या मेला समिति के कर्मचारियों से संपर्क करना उपयोगी रहेगा।
सुरक्षा व्यवस्था में प्रशासन और आयोजकों के साथ आम श्रद्धालुओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है।
मेला केवल मनोरंजन नहीं, स्थानीय कारोबार का भी अवसर
ऐतिहासिक मेलों का स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ता है। अस्थायी दुकानदारों और छोटे व्यापारियों को अपनी वस्तुएं बेचने का अवसर मिलता है।
खिलौने, ज्वेलरी, चश्मे, चीनी के बर्तन, खान-पान और अन्य सामान की दुकानें मेले में आने वाले लोगों की जरूरत पूरी करने के साथ स्थानीय कारोबार को भी गति देती हैं।
ऐसे आयोजनों में आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लोगों के कारण बाजार में गतिविधियां बढ़ती हैं और छोटे व्यापारियों को अतिरिक्त ग्राहक मिलते हैं।
शोभायात्रा, निशान और भंडारा—आने वाले दिनों में बढ़ेगी रौनक
24 सितंबर की शोभायात्रा, 25 सितंबर को बाबा की मेढ़ी पर निशान और प्रसाद चढ़ाने का कार्यक्रम तथा 26 सितंबर का विशाल भंडारा मेले के प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
इन कार्यक्रमों के कारण आने वाले दिनों में मेले में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है।
मेला समिति और पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती बढ़ती भीड़ के बीच सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना होगी।
बुढ़ाना में मेले की रौनक ने बढ़ाई चहल-पहल
बुढ़ाना कस्बे में छड़ियान मेले के कारण इन दिनों विशेष चहल-पहल दिखाई दे रही है। धार्मिक आस्था, झूले, खरीदारी और खान-पान के स्टॉल लोगों को लगातार अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।
बच्चों के लिए मनोरंजन, महिलाओं के लिए खरीदारी और श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक कार्यक्रम—मेले में अलग-अलग वर्गों की रुचि के अनुसार गतिविधियां मौजूद हैं।
यही विविधता इस आयोजन को स्थानीय स्तर पर खास बनाती है।
पुलिस और मेला समिति अलर्ट, अब प्रमुख आयोजनों पर नजर
जैसे-जैसे मेले के मुख्य कार्यक्रम नजदीक आ रहे हैं, सुरक्षा व्यवस्था का महत्व और बढ़ गया है। पुलिस और मेला समिति की ओर से पहले ही सतर्कता बरती जा रही है।
सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, सिविल ड्रेस में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती तथा महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान जैसे कदम भीड़ प्रबंधन में मददगार साबित हो सकते हैं।
आने वाले दिनों में 24 सितंबर की शोभायात्रा और 26 सितंबर के भंडारे के दौरान विशेष भीड़ की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर खास नजर रहेगी।
ऐतिहासिक परंपरा के साथ आगे बढ़ रहा छड़ियान मेला
28 वर्षों की यात्रा पूरी कर चुका बुढ़ाना का छड़ियान मेला आज भी लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। बाबा जाहवीर गोगाजी महाराज के प्रति श्रद्धा इस आयोजन का केंद्र है, जबकि मेला परिसर की रौनक इसे एक बड़े सामाजिक और पारिवारिक आयोजन का स्वरूप देती है।
अगले कुछ दिनों में शोभायात्रा, निशान-प्रसाद और विशाल भंडारे के साथ मेले की गतिविधियां और तेज होंगी। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच आयोजकों और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी, ताकि आस्था का यह आयोजन सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण माहौल में आगे बढ़ सके।

