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Muzaffarnagar में महिला से लॉकेट लूटने वाले गिरोह से मुठभेड़, एक बदमाश को लगी गोली; तीन गिरफ्तार, हथियार और बाइक बरामद

Muzaffarnagar थाना रामराज क्षेत्र में महिला से लॉकेट छीनने की वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचते हुए बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। सोमवार 14 सितंबर को रामराज पुलिस और एसओजी देहात की संयुक्त टीम की संदिग्धों से मुठभेड़ हो गई। पुलिस के मुताबिक, चेकिंग के दौरान बाइक सवार तीन युवकों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गया। दो अन्य आरोपियों को पुलिस ने मौके से पकड़ लिया।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में काफी चर्चा रही। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से महिला से छीना गया पीली धातु का लॉकेट, दो अवैध तमंचे, कारतूस, एक चाकू और बिना नंबर की टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल बरामद होने की बात पुलिस ने कही है। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

10 सितंबर की वारदात के बाद सक्रिय हुई थी पुलिस

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 10 सितंबर को हुई एक लूट की वारदात से जुड़ी है। आरोप है कि महमूदपुर मंगूर के जंगल में प्राथमिक स्कूल के पास एक महिला से लॉकेट छीन लिया गया था। घटना के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी और संभावित संदिग्धों पर नजर रखी जा रही थी।

14 सितंबर को रामराज पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि इस वारदात में शामिल बताए जा रहे गिरोह के सदस्य रामराज की तरफ आने वाले हैं। सूचना मिलते ही थाना रामराज पुलिस ने एसओजी देहात को भी साथ लिया और संदिग्धों की धरपकड़ के लिए चेकिंग अभियान शुरू कर दिया।

थानाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र सिरोही के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहमदवाला तिराहे पर सघन चेकिंग शुरू की। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान बिना नंबर प्लेट वाली एक मोटरसाइकिल पर तीन संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए।

पुलिस को देखते ही बाइक सवारों ने की फायरिंग: पुलिस

पुलिस के मुताबिक, टीम ने मोटरसाइकिल सवारों को रुकने का इशारा किया। आरोप है कि पुलिस को देखते ही तीनों संदिग्धों ने भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने बताया कि गोलीबारी में टीम के सदस्य बाल-बाल बच गए।

इसके बाद पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। पुलिस के अनुसार, इस दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर गया। दूसरी तरफ उसके साथ मौजूद दो अन्य आरोपियों को पुलिस टीम ने आवश्यक बल प्रयोग करते हुए मौके पर ही पकड़ लिया।

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल और पकड़े गए आरोपियों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान लूट से संबंधित सामान और हथियार बरामद होने का दावा किया गया है।

एक बदमाश घायल, दो आरोपी मौके से गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में घायल आरोपी की पहचान शहिद पुत्र शौकीन अहमद के रूप में हुई है। वह मोहल्ला कुंदन कॉलोनी, गोहर अली खां, थाना कोतवाली अफजलगढ़, जिला बिजनौर का निवासी बताया गया है। गोली पैर में लगने के बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

पकड़े गए दूसरे आरोपी की पहचान राशिद पुत्र मो. तारिक, निवासी कस्बा एवं थाना अफजलगढ़, जिला बिजनौर के रूप में हुई है।

तीसरे आरोपी का नाम मो. फिरोज पुत्र महमूद बताया गया है। वह भी कस्बा एवं थाना अफजलगढ़, जिला बिजनौर का रहने वाला बताया गया है।

पुलिस ने तीनों को 10 सितंबर को हुई महिला से लॉकेट छीनने की वारदात से जोड़ते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?

रामराज पुलिस और एसओजी देहात की संयुक्त टीम ने आरोपियों के पास से कई सामान बरामद किए हैं। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक बरामदगी में एक पीली धातु का लूटा गया लॉकेट, दो अवैध तमंचे 315 बोर, तीन जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस 315 बोर, एक अवैध चाकू और बिना नंबर की टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल शामिल है।

लॉकेट की बरामदगी को पुलिस इस मामले की जांच में अहम कड़ी मान रही है। वहीं बिना नंबर की मोटरसाइकिल और हथियारों की बरामदगी को लेकर भी पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

हालांकि, किसी भी आरोपी के खिलाफ आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है।

अफजलगढ़ से जुड़े हैं तीनों आरोपी

इस कार्रवाई में एक बात विशेष रूप से सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी जिला बिजनौर के अफजलगढ़ क्षेत्र से संबंधित बताए गए हैं। घायल आरोपी शहिद का पता मोहल्ला कुंदन कॉलोनी, गोहर अली खां, थाना कोतवाली अफजलगढ़ बताया गया है, जबकि राशिद और मो. फिरोज भी अफजलगढ़ कस्बे के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तीनों आरोपी आपस में किस तरह जुड़े हुए थे और क्या इनका किसी अन्य वारदात में भी हाथ रहा है।

यही वजह है कि पुलिस ने आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास की जानकारी भी जुटानी शुरू कर दी है। जांच में यदि इनके खिलाफ पहले से कोई मुकदमे या अन्य आपराधिक मामले सामने आते हैं तो उन्हें भी रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा।

रामराज और SOG देहात की संयुक्त टीम ने संभाला मोर्चा

इस पूरी कार्रवाई को थाना रामराज पुलिस और एसओजी देहात की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक अभियान का नेतृत्व थानाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र सिरोही और एसओजी देहात प्रभारी उपनिरीक्षक मोहित चौधरी ने किया।

संयुक्त टीम में उपनिरीक्षक ऋषभ रंधावा, हेड कांस्टेबल रोहताश कुमार, दीपक कुमार, कालूराम (सर्विलांस सेल) तथा कांस्टेबल गौरव कुमार, राजकुमार, नरेंद्र कुमार, धर्वेंद्र, ललित मोरल, अशफाक और प्रशांत सिरोही शामिल रहे।

सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के जरिए संदिग्धों तक पहुंचने के बाद चेकिंग के दौरान गिरफ्तारी की गई। पुलिस का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के पर्यवेक्षण में आगे की कार्रवाई जारी है।

10 सितंबर की लूट से लेकर 14 सितंबर की गिरफ्तारी तक ऐसे आगे बढ़ी कार्रवाई

मामले की टाइमलाइन पर नजर डालें तो 10 सितंबर को महमूदपुर मंगूर के जंगल में प्राथमिक स्कूल के पास महिला से लॉकेट छीनने की वारदात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की।

14 सितंबर को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वारदात में शामिल बताए जा रहे सदस्य रामराज की ओर आने वाले हैं। सूचना के आधार पर अहमदवाला तिराहे पर चेकिंग लगाई गई।

इसी दौरान तीन युवक बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर आते दिखाई दिए। पुलिस के अनुसार, रोकने का प्रयास किए जाने पर आरोपियों ने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी घायल हुआ, जबकि दो अन्य को पुलिस ने पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद बरामद सामान की जांच की गई और पुलिस ने लॉकेट की पहचान 10 सितंबर की वारदात से संबंधित सामान के रूप में की।

हथियारों की बरामदगी से भी पुलिस की जांच को मिली दिशा

पुलिस कार्रवाई में सिर्फ लूट का सामान ही नहीं बल्कि दो तमंचे, कारतूस और एक चाकू बरामद होने की बात सामने आई है। बरामद हथियारों को लेकर भी पुलिस ने अलग से कानूनी कार्रवाई शुरू की है।

मुठभेड़ के दौरान फायर किए गए खोखे और बरामद जिंदा कारतूस भी जांच का हिस्सा होंगे। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद हथियार आरोपियों तक कैसे पहुंचे और उनका इस्तेमाल पहले किसी अन्य वारदात में तो नहीं हुआ।

बिना नंबर की टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल भी पुलिस की जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है। पुलिस वाहन के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है कि वह किसके नाम पर है और आरोपियों के पास तक कैसे पहुंची।

आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी होगी जांच

गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच अब केवल 10 सितंबर की लूट तक सीमित नहीं रहने वाली है। पुलिस के अनुसार आरोपियों का अन्य आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।

इस तरह की जांच में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करती है कि गिरफ्तार आरोपी पहले किसी मुकदमे में नामजद रहे हैं या नहीं, उनके खिलाफ किसी दूसरे थाने में मामला दर्ज है या नहीं और क्या वे किसी गिरोह या अन्य अपराधियों के संपर्क में रहे हैं।

यदि जांच में कोई अतिरिक्त जानकारी सामने आती है तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुठभेड़ के बाद इलाके में बढ़ी पुलिस की सक्रियता

रामराज क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस की सक्रियता भी चर्चा में है। खासकर ग्रामीण और जंगल से जुड़े इलाकों में चेकिंग के दौरान संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों पर निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि अपराध की घटनाओं पर नियंत्रण और वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी रहेगा। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने की बात भी पुलिस अधिकारियों ने कही है।

इस मामले में पुलिस की कार्रवाई का अगला महत्वपूर्ण चरण आरोपियों से पूछताछ और बरामद सामान व हथियारों से संबंधित जांच होगा।

पुलिस की कहानी में अब कई सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे

तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जांचकर्ताओं के सामने कई सवाल हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि महिला से लॉकेट छीनने की योजना कैसे बनाई गई थी, वारदात में और कौन लोग शामिल थे और क्या इससे पहले भी इसी तरीके से कोई वारदात की गई थी।

इसके अलावा यह भी जांच का विषय होगा कि आरोपियों ने बिना नंबर वाली मोटरसाइकिल का इस्तेमाल क्यों किया और क्या वाहन का संबंध किसी अन्य आपराधिक घटना से है।

बरामद लॉकेट की पहचान और वारदात से उसका संबंध भी जांच प्रक्रिया का अहम हिस्सा रहेगा। पुलिस के अनुसार, इन सभी बिंदुओं पर आगे पूछताछ की जा रही है।

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जारी है कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार और घायल आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घायल शहिद का अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है, जबकि अन्य दोनों आरोपियों के संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाने के साथ-साथ बरामद हथियारों, कारतूस, मोटरसाइकिल और लॉकेट को जांच के दायरे में रखा गया है।

फिलहाल रामराज पुलिस और एसओजी देहात की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटे गए लॉकेट की बरामदगी पुलिस के लिए इस मामले में बड़ी प्रगति मानी जा रही है। आगे की जांच में यह स्पष्ट होगा कि आरोपी केवल इसी वारदात में शामिल थे या उनके खिलाफ अन्य घटनाओं के भी तार जुड़ते हैं।

मुजफ्फरनगर के रामराज क्षेत्र में महिला से लॉकेट छीनने के मामले में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान एक आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हुआ, जबकि दो अन्य को मौके से पकड़ा गया। आरोपियों के कब्जे से लूटा गया लॉकेट, दो तमंचे, कारतूस, चाकू और बिना नंबर की टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास और अन्य संभावित वारदातों में उनकी भूमिका की जांच कर रही है।

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