US Iran War के बीच न्यूयॉर्क पहुंचेंगे पजशकियान-अराघची, लेकिन क्या अमेरिकी धरती पर गिरफ्तार हो सकते हैं? जानिए कानून क्या कहता है
News-Desk
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Abbas Araghchi, america iran war, Donald Trump, international law, iran, mahmoud abbas, Masoud Pezeshkian, new york, UNGA 2026, United Nations, United States, US-Iran War, West Asia, ईरान अमेरिका युद्धUS Iran War के सातवें महीने में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कानून पर भी चर्चा तेज कर दी है। अमेरिका ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची को अगले सप्ताह न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा यानी UNGA की उच्चस्तरीय बैठक में शामिल होने के लिए वीजा देने की मंजूरी दे दी है।
युद्ध के दौरान यह पहली बार होगा जब ईरान के शीर्ष नेतृत्व के ये प्रमुख सदस्य अमेरिका पहुंचेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने ईरान के एक सीमित यानी ‘कोर डेलीगेशन’ को UNGA में शामिल होने की अनुमति दी है। हालांकि, न्यूयॉर्क पहुंचने के बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध रहेंगे और कुछ खरीदारी पर भी रोक होगी।
इस फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अगर ईरान और अमेरिका युद्ध में हैं, तो क्या अमेरिकी धरती पर पहुंचने के बाद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान को गिरफ्तार किया जा सकता है?
क्या पजशकियान को अमेरिका में गिरफ्तार किया जा सकता है?
इस सवाल का सीधा जवाब यह है कि किसी मौजूदा विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को सामान्य परिस्थितियों में दूसरे देश की आपराधिक न्याय व्यवस्था के तहत गिरफ्तार करना अंतरराष्ट्रीय कानून में बेहद असाधारण कदम होगा। मौजूदा राष्ट्राध्यक्षों को विदेशी अदालतों की आपराधिक कार्रवाई से व्यापक व्यक्तिगत प्रतिरक्षा यानी immunity प्राप्त होती है।
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय यानी ICJ ने भी विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और कुछ अन्य शीर्ष पदाधिकारियों की विदेश में कानूनी प्रतिरक्षा के सिद्धांत को मान्यता दी है। यह प्रतिरक्षा व्यक्ति को व्यक्तिगत लाभ देने के लिए नहीं, बल्कि राज्य के आधिकारिक कार्यों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को बाधित होने से बचाने के लिए मानी जाती है।
इसलिए केवल यह तथ्य कि पजशकियान अमेरिकी जमीन पर मौजूद होंगे, अपने आप में उनकी गिरफ्तारी का आधार नहीं बन जाता।
राष्ट्राध्यक्ष को मिलती है खास कानूनी सुरक्षा
अंतरराष्ट्रीय कानून में किसी मौजूदा विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को सामान्य तौर पर immunity ratione personae यानी पद के आधार पर व्यक्तिगत प्रतिरक्षा हासिल होती है। इसका दायरा व्यापक होता है और पद पर रहते हुए विदेशी राज्य की अदालतों द्वारा आपराधिक अधिकार क्षेत्र से सुरक्षा प्रदान करता है।
ICJ ने अलग-अलग मामलों में यह स्पष्ट किया है कि विदेशी राष्ट्राध्यक्ष और सरकार के कुछ शीर्ष पदाधिकारी दूसरे देशों में अपने पद के कारण विशेष प्रतिरक्षा का लाभ उठाते हैं। यही सिद्धांत किसी मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष को विदेश में गिरफ्तारी या आपराधिक प्रक्रिया से सामान्य तौर पर सुरक्षा देता है।
हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि किसी राष्ट्राध्यक्ष के खिलाफ कभी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकती। प्रतिरक्षा और अपराध के लिए जिम्मेदारी दो अलग-अलग कानूनी प्रश्न हैं। ICJ ने भी स्पष्ट किया है कि immunity का अर्थ impunity यानी अपराध से स्थायी छूट नहीं होता।
निकोलस मादुरो के मामले से क्यों की जाती है तुलना?
ऐसे मामलों में वेनेजुएला के निकोलस मादुरो का उदाहरण अक्सर सामने आता है। लेकिन इस उदाहरण को पजशकियान के मामले पर सीधे लागू करना सही नहीं होगा।
मादुरो के मामले में अमेरिका की कार्रवाई के समय उनकी स्थिति और अमेरिकी सरकार द्वारा उनकी वैधता को मानने का सवाल अलग था। इसलिए इसे किसी मौजूदा और अमेरिका द्वारा आधिकारिक रूप से दूसरे देश के राष्ट्राध्यक्ष के रूप में व्यवहार किए जा रहे व्यक्ति की सामान्य स्थिति के समान नहीं माना जा सकता।
यानी केवल मादुरो का उदाहरण देकर यह निष्कर्ष निकालना कि अमेरिका पजशकियान को भी गिरफ्तार कर सकता है, कानूनी स्थिति को बहुत सरल बना देना होगा।
UNGA के लिए अमेरिकी वीजा क्यों मिला?
यहां दूसरा महत्वपूर्ण पहलू संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय है। UN का मुख्यालय न्यूयॉर्क में है और अमेरिका संयुक्त राष्ट्र का मेजबान देश है। इसलिए UN की आधिकारिक बैठकों में भाग लेने आने वाले प्रतिनिधियों की आवाजाही को लेकर अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय दायित्व भी लागू होते हैं।
1947 के UN Headquarters Agreement में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय आने-जाने वाले सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के आवागमन में बाधा न डालने से संबंधित प्रावधान हैं। समझौते की धारा 11 में मुख्यालय क्षेत्र तक आने-जाने वाले सदस्य देशों के प्रतिनिधियों और कुछ अन्य अधिकृत लोगों के संबंध में अमेरिकी अधिकारियों द्वारा बाधा नहीं डालने का प्रावधान है।
इसी पृष्ठभूमि में अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि ईरान के ‘कोर डेलीगेशन’ को UNGA में भाग लेने की अनुमति मेजबान देश के दायित्वों के अनुरूप दी जा रही है।
लेकिन इसका मतलब पूरे अमेरिका में खुली आवाजाही नहीं है
UNGA में शामिल होने के लिए वीजा मिलने का अर्थ यह नहीं है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका में जहां चाहे वहां जा सकता है। अमेरिकी सरकार ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल के लिए यात्रा संबंधी प्रतिबंध बनाए रखे हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल की आवाजाही न्यूयॉर्क में UN परिसर, ईरान के UN मिशन और कुछ निर्धारित क्षेत्रों तक सीमित रहेगी। इसके अलावा ईरानी अधिकारियों और उनके साथ आने वाले कुछ लोगों पर लग्जरी सामान खरीदने जैसी गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लागू रहेगा।
इस तरह अमेरिका ने एक तरफ UNGA में ईरानी नेतृत्व की मौजूदगी की अनुमति दी है, वहीं दूसरी तरफ उनकी अमेरिका में गतिविधियों पर नियंत्रण बनाए रखा है।
पजशकियान पहले भी UNGA में कर चुके हैं भाषण
मसूद पजशकियान के लिए न्यूयॉर्क में UNGA को संबोधित करना नया अनुभव नहीं है। उन्होंने 24 सितंबर 2025 को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में UNGA के 80वें सत्र को संबोधित किया था।
इस बार हालांकि परिस्थितियां बिल्कुल अलग हैं। पिछले वर्ष के UNGA के मुकाबले अमेरिका और ईरान के संबंधों में बड़ा बदलाव आया है और दोनों देश लंबे सैन्य संघर्ष में हैं। इसी वजह से इस वर्ष पजशकियान की न्यूयॉर्क यात्रा को विशेष राजनयिक महत्व दिया जा रहा है।
क्या न्यूयॉर्क में ट्रंप और पजशकियान की मुलाकात होगी?
UNGA के दौरान एक और बड़ा सवाल यह रहेगा कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी नेतृत्व के बीच किसी तरह की बातचीत होती है।
अमेरिकी प्रशासन की ओर से ईरान के साथ संघर्ष खत्म करने के उद्देश्य से बातचीत के प्रयासों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच बातचीत को लेकर अलग-अलग सार्वजनिक दावे सामने आते रहे हैं। ईरान ने अमेरिकी पक्ष की ओर से बताए गए कुछ संपर्कों से इनकार भी किया है।
ऐसे में UNGA का मंच दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष राजनयिक संपर्क की संभावना के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा।
युद्ध के बीच ईरानी प्रतिनिधिमंडल छोटा रखा गया
अमेरिका ने ईरान के पूरे बड़े प्रतिनिधिमंडल को न्यूयॉर्क आने की खुली अनुमति नहीं दी है। इस बार केवल आवश्यक अधिकारियों और स्टाफ वाले सीमित प्रतिनिधिमंडल को अनुमति दी गई है।
इसका अर्थ है कि वीजा देने का फैसला अमेरिका-ईरान संबंधों में सामान्य स्थिति लौटने का संकेत नहीं है। इसके विपरीत, अमेरिकी सरकार ने अनुमति के साथ कई प्रतिबंध भी लगाए हैं।
ईरानी अधिकारियों पर खरीदारी की भी पाबंदी
अमेरिका में ईरानी UN मिशन के अधिकारियों, दौरे पर आने वाले अधिकारियों और उनके आश्रितों पर कुछ प्रकार की खरीदारी संबंधी पाबंदियां जारी रहेंगी। इनमें लग्जरी सामान खरीदने और कुछ विशेष प्रकार की सदस्यता लेने पर प्रतिबंध शामिल है।
इसका उद्देश्य अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, UNGA यात्रा को सामान्य व्यावसायिक या व्यक्तिगत यात्रा में बदलने से रोकना है।
ईरान को वीजा, लेकिन महमूद अब्बास को नहीं
इसी समय अमेरिका ने फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास को लगातार दूसरे वर्ष UNGA में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने के लिए वीजा देने से इनकार किया है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने फिलिस्तीनी नेतृत्व की कुछ नीतियों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में इजराइल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई से जुड़े कदमों को वीजा प्रतिबंधों का कारण बताया है। फिलिस्तीनी पक्ष ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा है कि इससे राजनीतिक और कूटनीतिक प्रयासों को नुकसान पहुंचता है।
इस बार भी अब्बास को वीडियो के जरिए UNGA को संबोधित करने की अनुमति दी गई है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 17 सितंबर को उन्हें वीडियो के माध्यम से संबोधित करने की अनुमति देने के पक्ष में 152-3 के मत से प्रस्ताव पारित किया।
एक ही UNGA, लेकिन ईरान और फिलिस्तीन के लिए अलग स्थिति
इस घटनाक्रम ने UNGA में अमेरिकी वीजा नीति को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है। एक तरफ अमेरिका और ईरान युद्ध में होने के बावजूद पजशकियान और अराघची को न्यूयॉर्क आने की अनुमति देता है, जबकि दूसरी तरफ महमूद अब्बास और कई फिलिस्तीनी अधिकारियों को वीजा नहीं दिया गया है।
अमेरिका ने दोनों मामलों में अलग-अलग कानूनी और नीतिगत आधार बताए हैं। इसलिए दोनों फैसलों को एक ही कानूनी स्थिति के रूप में देखना उचित नहीं होगा। UN Headquarters Agreement के तहत अमेरिका के दायित्व और उसके सुरक्षा तथा विदेश नीति संबंधी अधिकारों के बीच संतुलन का सवाल यहां महत्वपूर्ण है।
क्या वीजा मिलने का मतलब गिरफ्तारी का खतरा खत्म हो गया?
वीजा मिलना और गिरफ्तारी से कानूनी सुरक्षा—ये दो अलग-अलग चीजें हैं। वीजा यह अनुमति देता है कि व्यक्ति अमेरिकी क्षेत्र में प्रवेश कर सके। वहीं किसी मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष की विदेशी आपराधिक अदालतों से प्रतिरक्षा अंतरराष्ट्रीय कानून के अलग सिद्धांत से जुड़ी है।
पजशकियान को ईरान का मौजूदा राष्ट्रपति मानते हुए सामान्य अंतरराष्ट्रीय कानूनी सिद्धांत यही है कि उन्हें विदेशी राज्य की आपराधिक प्रक्रिया से व्यापक व्यक्तिगत प्रतिरक्षा प्राप्त होगी। लेकिन किसी विशिष्ट परिस्थिति में क्या अमेरिकी कानून या किसी अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया का कोई अलग प्रावधान लागू हो सकता है, यह उस मामले के सटीक कानूनी तथ्यों पर निर्भर करेगा।
इसलिए यह कहना अधिक सटीक होगा कि UNGA यात्रा के दौरान पजशकियान की गिरफ्तारी सामान्य परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत गंभीर कानूनी बाधाओं से घिरी होगी, न कि यह कि किसी भी परिस्थिति में गिरफ्तारी कानूनी रूप से असंभव है।
अंतरराष्ट्रीय कानून में गिरफ्तारी और जवाबदेही अलग-अलग मुद्दे हैं
किसी राष्ट्राध्यक्ष को प्रतिरक्षा मिलना यह तय नहीं करता कि उस व्यक्ति के खिलाफ कोई आरोप सही हैं या गलत। प्रतिरक्षा मुख्य रूप से यह तय करती है कि किसी दूसरे देश की अदालत उस व्यक्ति के खिलाफ किस समय और किस तरह की कानूनी प्रक्रिया चला सकती है।
ICJ ने भी इस अंतर को स्पष्ट किया है कि jurisdiction यानी अदालत का अधिकार और immunity यानी उस अधिकार से अस्थायी या प्रक्रियात्मक सुरक्षा अलग-अलग प्रश्न हैं। किसी पदाधिकारी को प्रतिरक्षा मिलने का मतलब यह नहीं कि उसके खिलाफ आरोपों पर कभी कोई कार्रवाई नहीं हो सकती।
UNGA में इस बार युद्ध, तेल और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नजर
इस साल UNGA ऐसे समय हो रही है जब पश्चिम एशिया में संघर्ष का असर अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। अमेरिका-ईरान युद्ध के अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी तनाव भी विश्व नेताओं की चर्चाओं में प्रमुख मुद्दे रहेंगे।
ईरान से जुड़ा संघर्ष ऊर्जा बाजार के लिए भी महत्वपूर्ण है। क्षेत्र में सैन्य तनाव और समुद्री मार्गों पर खतरे ने तेल और गैस बाजारों को प्रभावित किया है। रिपोर्टों के अनुसार, संघर्ष के कारण वैश्विक तेल कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
UNGA में पजशकियान की मौजूदगी का कूटनीतिक महत्व
पजशकियान और अराघची का न्यूयॉर्क पहुंचना केवल एक सामान्य UNGA यात्रा नहीं होगी। दोनों देशों के बीच युद्ध के बावजूद ईरानी शीर्ष नेतृत्व का संयुक्त राष्ट्र के सबसे बड़े वार्षिक कूटनीतिक मंच पर पहुंचना बातचीत और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिए महत्वपूर्ण अवसर पैदा करता है।
हालांकि, इससे यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि अमेरिका और ईरान के बीच संबंध सामान्य होने जा रहे हैं। अमेरिकी सरकार ने वीजा के साथ यात्रा और खरीदारी पर प्रतिबंध बनाए रखे हैं और दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष भी जारी है।
तो आखिर क्या पजशकियान की गिरफ्तारी होगी?
मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचे को देखते हुए, किसी विदेशी मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष की अमेरिकी धरती पर गिरफ्तारी सामान्य आपराधिक मामले जैसी स्थिति नहीं है। राष्ट्राध्यक्ष को पद के कारण मिलने वाली व्यक्तिगत प्रतिरक्षा एक बड़ी कानूनी बाधा है। इसके अलावा UNGA में भाग लेने के लिए आने वाले प्रतिनिधियों की आवाजाही को लेकर अमेरिका के मेजबान देश के दायित्व भी महत्वपूर्ण हैं।
इसलिए न्यूयॉर्क में पजशकियान की मौजूदगी का सबसे बड़ा महत्व गिरफ्तारी से ज्यादा इस बात में है कि एक ओर अमेरिका और ईरान युद्ध में हैं, लेकिन दूसरी ओर दोनों देशों के शीर्ष अधिकारी उसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर मौजूद होंगे जहां कूटनीतिक बातचीत के रास्ते खुले रहते हैं।
अमेरिका ने पजशकियान और अराघची को UNGA में आने की अनुमति देकर अपने मेजबान देश के दायित्वों का हवाला दिया है, लेकिन उनके लिए प्रतिबंधित आवाजाही और खरीदारी नियम यह भी दिखाते हैं कि वाशिंगटन ने इस यात्रा को सामान्य द्विपक्षीय संबंधों की वापसी के रूप में नहीं माना है।

