India-A vs Australia-A: पडिक्कल की 59 रन की पारी के बावजूद टीम 199 पर ढेर, ऑस्ट्रेलिया-A को 363 रन का लक्ष्य; तीसरे दिन 2 विकेट भी गंवाए
News-Desk
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इंडिया-A ने पहली पारी में 334 रन बनाए थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया-A की पूरी टीम 171 रन पर सिमट गई। इस तरह भारत को पहली पारी के आधार पर 163 रन की बढ़त मिली। दूसरी पारी में 199 रन जोड़ने के बाद इंडिया-A ने ऑस्ट्रेलिया-A के सामने मैच जीतने के लिए 363 रन का लक्ष्य रखा।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया-A की टीम ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक दूसरी पारी में 2 विकेट गंवाकर 55 रन बना लिए थे। यानी अब ऑस्ट्रेलिया-A को मुकाबला जीतने के लिए 308 रन और बनाने होंगे, जबकि उसके हाथ में 8 विकेट बाकी हैं।
पडिक्कल ने खेली 59 रन की अहम पारी
इंडिया-A की दूसरी पारी में देवदत्त पडिक्कल सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने 59 रन बनाए और अपनी पारी के दौरान 7 चौके लगाए।
पडिक्कल ने शुरुआत से ही स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाने की कोशिश की। भारतीय टीम के विकेट लगातार गिरने के बीच उनकी पारी ने पारी को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पडिक्कल ने अपनी पारी में आक्रामक और नियंत्रित बल्लेबाजी का मिश्रण दिखाया। उनकी 59 रन की पारी उस समय आई जब इंडिया-A को दूसरी पारी में एक मजबूत स्कोर खड़ा करने की जरूरत थी।
हालांकि वह टीम को 200 रन के पार नहीं ले जा सके और पूरी टीम 57.4 ओवर में 199 रन पर सिमट गई।
कुमार कुशाग्र ने बनाए 46 रन
देवदत्त पडिक्कल के अलावा कुमार कुशाग्र ने भी उपयोगी पारी खेली। उन्होंने 46 रन बनाए और टीम के स्कोर को आगे बढ़ाने में पडिक्कल का साथ दिया।
कुशाग्र का प्रदर्शन इस मुकाबले में पहले भी चर्चा में रहा था। पहली पारी में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 82 रन बनाए थे और बाद में रिटायर्ड हर्ट हुए थे।
पहली पारी में उनके प्रदर्शन ने इंडिया-A को 334 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। दूसरी पारी में भी 46 रन बनाकर उन्होंने टीम को ऑस्ट्रेलिया-A के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य देने में योगदान दिया।
57.4 ओवर में 199 रन पर ऑलआउट हुई इंडिया-A
इंडिया-A की दूसरी पारी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी। पूरी टीम 57.4 ओवर में 199 रन बनाकर पवेलियन लौट गई।
भारतीय बल्लेबाजी के दौरान ऑस्ट्रेलिया-A के स्पिनर टॉड मर्फी ने शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने चार महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए और इंडिया-A के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा।
ब्रेंडन डॉगेट और लियम स्कॉट ने भी 2-2 विकेट हासिल किए। जेसन संघा को एक विकेट मिला, जबकि प्रफुल हिंगे रन आउट होकर पवेलियन लौटे।
ऑस्ट्रेलिया-A के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट निकालते हुए भारतीय बल्लेबाजी को बड़ी साझेदारी बनाने से रोके रखा।
टॉड मर्फी की स्पिन के सामने भारतीय बल्लेबाज परेशान
ऑस्ट्रेलिया-A की ओर से टॉड मर्फी सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दूसरी पारी में 4 विकेट अपने नाम किए।
मर्फी ने भारतीय बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ी, भारत के विकेट गिरते गए और आखिरकार टीम 199 रन पर सिमट गई।
मर्फी का प्रदर्शन इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया-A के लिए महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि इंडिया-A पहली पारी में 334 रन बना चुकी थी और दूसरी पारी में भी उसे रोकना जरूरी था।
उनके अलावा ब्रेंडन डॉगेट और लियम स्कॉट ने दो-दो विकेट लेकर मर्फी का अच्छा साथ दिया।
ऑस्ट्रेलिया-A को 363 रन का लक्ष्य
पहली पारी में 163 रन से पिछड़ने के बाद दूसरी पारी में इंडिया-A ने 199 रन बनाए। दोनों पारियों के स्कोर को मिलाकर भारत ने ऑस्ट्रेलिया-A के सामने 363 रन का लक्ष्य रखा।
चार दिवसीय मुकाबले में 363 रन का लक्ष्य आसान नहीं माना जा सकता, खासकर तब जब चौथी पारी में बल्लेबाजी करनी हो और पिच पर गेंदबाजों को कुछ मदद मिल रही हो।
हालांकि ऑस्ट्रेलिया-A ने तीसरे दिन के अंत तक 55 रन बनाकर लक्ष्य की ओर शुरुआती कदम बढ़ा दिए थे। उसके दो विकेट जरूर गिर चुके हैं, लेकिन अभी उसके पास 8 विकेट सुरक्षित हैं।
ऑस्ट्रेलिया-A की दूसरी पारी में दो विकेट गिरे
363 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया-A की शुरुआत पूरी तरह सहज नहीं रही। टीम ने 36 रन के स्कोर पर अपना पहला विकेट गंवाया और इसके बाद 55 रन के स्कोर पर दूसरा विकेट भी गिर गया।
सैम कॉन्स्टास 20 रन बनाकर आउट हुए, जबकि कैंपबेल केलावे खाता भी नहीं खोल सके।
दिन का खेल खत्म होने पर नाथन मैकस्वीनी 23 रन बनाकर नाबाद थे। उनके साथ पीटर हैंड्सकॉम्ब बिना खाता खोले क्रीज पर मौजूद थे।
इस तरह तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक ऑस्ट्रेलिया-A ने 2 विकेट पर 55 रन बनाए।
मुलानी और कोटियन को एक-एक सफलता
भारत की ओर से दूसरी पारी में शम्स मुलानी और तनुष कोटियन ने एक-एक विकेट हासिल किया।
दोनों स्पिन गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलिया-A की दूसरी पारी में दबाव बनाने की कोशिश की। शुरुआती दो विकेट मिलने के बाद भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि चौथे दिन उसके गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया-A के बल्लेबाजों को जल्दी-जल्दी आउट करने में सफल रहें।
फिलहाल ऑस्ट्रेलिया-A के खाते में 55 रन हैं और लक्ष्य उससे 308 रन दूर है।
पहली पारी में भारत ने बनाए थे 334 रन
मुकाबले की शुरुआत में इंडिया-A ने शानदार बल्लेबाजी की थी। पहली पारी में टीम ने 334 रन बनाए।
इस पारी में कुमार कुशाग्र, साई सुदर्शन और तनुष कोटियन जैसे बल्लेबाजों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया था। कुशाग्र 82 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हुए थे, जबकि साई सुदर्शन ने 57 रन की पारी खेली।
तनुष कोटियन ने भी अर्धशतक लगाया और 68 रन बनाकर टीम के स्कोर को मजबूत किया।
पहले दिन का खेल समाप्त होने तक इंडिया-A ने 5 विकेट पर 257 रन बना लिए थे।
साई सुदर्शन की फिफ्टी ने संभाली थी पारी
पहली पारी में साई सुदर्शन ने 57 रन की पारी खेली थी। उनकी बल्लेबाजी ने इंडिया-A को शुरुआती झटकों के बाद संभालने में मदद की।
सुदर्शन के अलावा कुमार कुशाग्र ने 82 रन बनाकर शानदार योगदान दिया। कुशाग्र के रिटायर्ड हर्ट होने के बावजूद भारत का स्कोर लगातार आगे बढ़ता रहा।
पहली पारी में तनुष कोटियन ने भी 68 रन बनाए। इन पारियों की मदद से इंडिया-A 300 रन का आंकड़ा पार करने में सफल रही।
कुशाग्र का ऑलराउंड योगदान चर्चा में
कुमार कुशाग्र ने इस मुकाबले में बल्लेबाजी के दोनों चरणों में भारत के लिए योगदान दिया। पहली पारी में उनके 82 रन और दूसरी पारी में 46 रन टीम के लिए उपयोगी रहे।
पहली पारी में रिटायर्ड हर्ट होने के बाद उनकी दूसरी पारी में वापसी भी महत्वपूर्ण रही। दूसरी पारी में 46 रन बनाने के बावजूद भारत की पूरी टीम बड़ा स्कोर नहीं बना सकी।
फिर भी उनके दोनों पारियों के प्रदर्शन ने इस मैच में उनकी बल्लेबाजी क्षमता को सामने रखा।
ऑस्ट्रेलिया-A की पहली पारी सिर्फ 171 रन पर खत्म
भारत की पहली पारी के जवाब में ऑस्ट्रेलिया-A की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई थी। टीम सिर्फ 171 रन पर ऑलआउट हो गई।
ऑस्ट्रेलिया-A की इस पारी के जल्दी खत्म होने से इंडिया-A को पहली पारी में 163 रन की बड़ी बढ़त हासिल हुई।
यही बढ़त बाद में भारत के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई, क्योंकि दूसरी पारी में 199 रन बनाने के बाद भारत ने कुल लक्ष्य को 363 रन तक पहुंचा दिया।
दूसरे दिन भारतीय गेंदबाजों का दबदबा
दूसरे दिन इंडिया-A के गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलिया-A के बल्लेबाजों पर दबाव बनाया। ऑस्ट्रेलियाई टीम 55.3 ओवर ही बल्लेबाजी कर सकी और 171 रन पर पूरी टीम पवेलियन लौट गई।
भारतीय गेंदबाजों की लगातार सफलता के कारण ऑस्ट्रेलिया-A बड़ी साझेदारी बनाने में सफल नहीं हो सकी।
इससे भारत को पहली पारी में 163 रन की बढ़त हासिल हुई और मैच पर उसकी पकड़ मजबूत हुई।
पहले दिन भारत की बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन
मुकाबले के पहले दिन इंडिया-A ने 5 विकेट खोकर 257 रन बना लिए थे। साई सुदर्शन ने 57 रन और कुमार कुशाग्र ने 82 रन बनाए थे।
तनुष कोटियन ने 68 रन की पारी खेली थी, जबकि दिन का खेल खत्म होने पर शम्स मुलानी 10 रन बनाकर खेल रहे थे।
ऑस्ट्रेलिया-A की ओर से कोरी रोचिसियोली सबसे सफल गेंदबाज रहे थे। उन्होंने तीन विकेट हासिल किए थे।
पहले दिन की स्थिति से ही यह स्पष्ट हो गया था कि भारत की बल्लेबाजी ऑस्ट्रेलिया-A के लिए चुनौती बनने वाली है।
तीसरे दिन तस्वीर क्यों बदली?
तीसरे दिन भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती दूसरी पारी में तेजी से रन बनाना और ऑस्ट्रेलिया-A के सामने बड़ा लक्ष्य रखना था। पडिक्कल और कुशाग्र ने रन बनाए, लेकिन ऑस्ट्रेलिया-A के गेंदबाजों ने लगातार विकेट लेकर भारतीय पारी को नियंत्रित रखा।
टॉड मर्फी की स्पिन गेंदबाजी ने भारत की रन गति को प्रभावित किया और टीम 199 रन पर सिमट गई।
हालांकि पहली पारी की 163 रन की बढ़त के कारण भारत फिर भी ऑस्ट्रेलिया-A के सामने 363 रन का लक्ष्य रखने में सफल रहा।
अब चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया-A के सामने बड़ी चुनौती
तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद ऑस्ट्रेलिया-A के सामने 363 रन का लक्ष्य है। टीम ने 55 रन बना लिए हैं और उसके आठ विकेट सुरक्षित हैं।
यानी मैच अभी पूरी तरह खुला हुआ है। ऑस्ट्रेलिया-A को चौथे दिन लंबी बल्लेबाजी करनी होगी और भारतीय गेंदबाजों के दबाव को झेलना होगा।
भारत के लिए शुरुआती लक्ष्य होगा कि वह जल्दी विकेट हासिल करे और ऑस्ट्रेलिया-A को बड़े लक्ष्य के करीब पहुंचने से रोके।
वहीं ऑस्ट्रेलिया-A की नजर मजबूत साझेदारियों पर होगी। अगर उसके बल्लेबाज लंबे समय तक क्रीज पर टिकते हैं तो लक्ष्य का पीछा करने की संभावना बनी रहेगी।
मैकस्वीनी पर ऑस्ट्रेलिया-A की नजर
दिन का खेल खत्म होने तक नाथन मैकस्वीनी 23 रन बनाकर नाबाद थे। चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया-A की पारी में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
उनके साथ पीटर हैंड्सकॉम्ब बिना खाता खोले नाबाद लौटे हैं। दोनों को चौथे दिन भारतीय गेंदबाजों का सामना करना होगा।
भारत की कोशिश होगी कि वह शुरुआती सत्र में विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया-A पर दबाव बनाए।
पडिक्कल की 59 रन की पारी ने दिया भारत को सहारा
दूसरी पारी में भले ही इंडिया-A बड़ा स्कोर नहीं बना सकी, लेकिन देवदत्त पडिक्कल की 59 रन की पारी टीम के लिए महत्वपूर्ण रही।
उनकी पारी में सात चौके शामिल थे और उन्होंने भारतीय पारी को उस समय सहारा दिया जब विकेट नियमित अंतराल पर गिर रहे थे।
कुमार कुशाग्र के 46 रन ने भी टीम को लक्ष्य को 300 रन से ऊपर पहुंचाने में मदद की। पहली पारी की बढ़त के साथ मिलकर यही स्कोर अब ऑस्ट्रेलिया-A के सामने 363 रन का लक्ष्य बन गया है।
मैच में अभी रोमांच बाकी
तीन दिन का खेल पूरा होने के बाद मुकाबला निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। भारत पहली पारी में 163 रन की बढ़त हासिल कर चुका था और दूसरी पारी में 199 रन बनाने के बाद उसने ऑस्ट्रेलिया-A के सामने बड़ा लक्ष्य रखा।
लेकिन ऑस्ट्रेलिया-A ने दिन खत्म होने तक 55 रन बना लिए हैं। दो विकेट गिर चुके हैं, मगर आठ विकेट अभी सुरक्षित हैं।
चौथे दिन भारतीय गेंदबाजों और ऑस्ट्रेलिया-A के बल्लेबाजों के बीच मुकाबला इस मैच की दिशा तय करेगा।
भारत को जीत के लिए ऑस्ट्रेलिया-A के बाकी आठ विकेट लेने होंगे, जबकि ऑस्ट्रेलिया-A को जीत के लिए 308 रन और चाहिए।

