Pakistan क्रिकेट टीम को बड़ा झटका! बॉलिंग कोच Ashley Noffke ने छोड़ा पद, अब नीदरलैंड्स की टीम को देंगे कोचिंग; PCB ने शुरू की नए कोच की तलाश
News-Desk
15 min read
2027 ODI World Cup, 2028 T20 World Cup, Ashley Noffke, Asian Games 2026, Babar Azam, cricket news, KNCB, Mike Hesson, Netherlands Cricket, Netherlands cricket team, Pakistan bowling coach, Pakistan Cricket, Pakistan Cricket news, Pakistan cricket team, PCB, Umar GulPakistan क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में एक और बड़ा बदलाव सामने आया है। पाकिस्तान के बॉलिंग कोच Ashley Noffke ने अपने पद से हटने का फैसला किया है। एशियन गेम्स 2026 पाकिस्तान टीम के साथ उनका आखिरी असाइनमेंट होगा। इसके बाद वह नीदरलैंड्स पुरुष क्रिकेट टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे।
रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन यानी KNCB ने नॉफ्के को दो साल के अनुबंध पर नियुक्त किया है। उनका करार 2028 के अंत तक रहेगा। नीदरलैंड्स क्रिकेट के लिए यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब टीम के सामने अगले कुछ वर्षों में कई अहम क्वालिफिकेशन चुनौतियां हैं।
नॉफ्के की प्राथमिक जिम्मेदारियों में नीदरलैंड्स को 2027 वनडे वर्ल्ड कप और 2028 टी-20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफिकेशन की दिशा में तैयार करना शामिल होगा। वह रयान कुक की जगह लेंगे। कुक ने परिवार को अधिक समय देने के लिए हेड कोच के पद से हटने का फैसला किया है।
एशियन गेम्स 2026 होंगे पाकिस्तान के साथ नॉफ्के का आखिरी अभियान
Ashley Noffke अभी पाकिस्तान के साथ एशियन गेम्स 2026 के अभियान में शामिल हैं। पाकिस्तान की पुरुष क्रिकेट टीम 28 सितंबर से टूर्नामेंट में अपने अभियान की शुरुआत करेगी और उसे सीधे क्वार्टरफाइनल चरण से खेलना है।
इसके बाद नॉफ्के पाकिस्तान क्रिकेट टीम के साथ आगे नहीं रहेंगे और नीदरलैंड्स के पुरुष क्रिकेट सेटअप की कमान संभालेंगे।
पाकिस्तान के लिए उनका कार्यकाल बहुत लंबा नहीं रहा, लेकिन इस दौरान उन्होंने टीम के बॉलिंग विभाग के साथ काम किया और अलग-अलग परिस्थितियों में खिलाड़ियों के साथ अपनी विशेषज्ञता साझा की।
मई 2025 में पाकिस्तान के सपोर्ट स्टाफ से जुड़े थे नॉफ्के
Ashley Noffke मई 2025 में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा बने थे। उस समय माइक हेसन को पाकिस्तान की व्हाइट-बॉल टीम का हेड कोच नियुक्त किया गया था और नॉफ्के को बॉलिंग कोच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
नॉफ्के को गेंदबाजी से जुड़ी तकनीकी तैयारियों, खिलाड़ियों के साथ काम करने और मैच परिस्थितियों के अनुसार बॉलिंग रणनीति तैयार करने में अनुभव हासिल है। ऑस्ट्रेलिया में घरेलू क्रिकेट से लेकर अंतरराष्ट्रीय और फ्रेंचाइजी क्रिकेट तक उनका कोचिंग अनुभव काफी व्यापक रहा है।
पाकिस्तान में भी उनकी भूमिका केवल गेंदबाजों के साथ अभ्यास तक सीमित नहीं रही। अलग-अलग दौरे और प्रारूपों में टीम की जरूरत के अनुसार उनके कार्यक्षेत्र में बदलाव भी हुआ।
PCB ने शुरू कर दी नए बॉलिंग कोच की तलाश
नॉफ्के के पाकिस्तान से अलग होने की पुष्टि के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने नए बॉलिंग कोच की तलाश शुरू कर दी है। PCB ने इस पद के लिए आवेदन आमंत्रित करते हुए विज्ञापन जारी किया है।
बोर्ड द्वारा निर्धारित पात्रता के अनुसार उम्मीदवार के पास कम से कम लेवल-3 क्रिकेट कोचिंग एक्रेडिटेशन होना चाहिए। इसके अलावा एलीट क्रिकेटरों या राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय टीम के साथ समान भूमिका में कम से कम पांच साल का अनुभव भी मांगा गया है।
नए बॉलिंग कोच के सामने पाकिस्तान के गेंदबाजी विभाग को संभालने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। आवेदन की अंतिम तारीख 8 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
इस नियुक्ति के बाद पाकिस्तान के कोचिंग ढांचे में एक और बदलाव देखने को मिलेगा। हाल के महीनों में टीम के सपोर्ट स्टाफ के कई महत्वपूर्ण सदस्यों की भूमिकाओं में बदलाव हुआ है या उन्होंने टीम से अलग होने का फैसला किया है।
इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट टीम की भी संभाली थी जिम्मेदारी
Ashley Noffke की पाकिस्तान में भूमिका व्हाइट-बॉल क्रिकेट तक ही सीमित नहीं रही। सितंबर 2026 में इंग्लैंड दौरे के दौरान उन्हें पाकिस्तान की टेस्ट टीम के लिए अंतरिम बॉलिंग कोच की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई थी।
इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती दो टेस्ट मैचों में पाकिस्तान को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद PCB ने टेस्ट बॉलिंग कोच उमर गुल को हटाया और बाकी सीरीज के लिए नॉफ्के को बॉलिंग विभाग की जिम्मेदारी दी।
हालांकि नॉफ्के के अंतरिम कार्यकाल में पाकिस्तान की स्थिति नहीं बदल सकी और टीम तीसरे टेस्ट में भी हार गई। इंग्लैंड ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 3-0 से अपने नाम की।
यह नॉफ्के के लिए पाकिस्तान के साथ एक अतिरिक्त जिम्मेदारी थी, क्योंकि वह मूल रूप से व्हाइट-बॉल सेटअप में बॉलिंग कोच की भूमिका निभा रहे थे।
ऑस्ट्रेलिया के लिए खेल चुके हैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट
49 वर्षीय Ashley Noffke का क्रिकेट करियर केवल कोचिंग तक सीमित नहीं रहा है। वह खुद ऑस्ट्रेलिया के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके हैं।
उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की ओर से एक वनडे इंटरनेशनल और दो टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका खेलने का करियर लंबा नहीं रहा, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उन्होंने काफी लंबा और प्रभावशाली करियर बनाया।
नॉफ्के ने क्वींसलैंड और वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के लिए घरेलू क्रिकेट खेला। इसके अलावा इंग्लैंड में उन्होंने डरहम, मिडिलसेक्स, ग्लॉस्टरशायर और वॉर्सेस्टरशायर जैसी काउंटी टीमों का प्रतिनिधित्व किया।
इस तरह उनका क्रिकेट अनुभव ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के घरेलू ढांचे से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला रहा।
IPL के पहले मैच में भी नजर आए थे नॉफ्के
Ashley Noffke का नाम इंडियन प्रीमियर लीग के शुरुआती दौर से भी जुड़ा रहा है। वह 2008 में IPL के पहले मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से मैदान पर उतरे थे।
IPL के पहले संस्करण का शुरुआती मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेला गया था। उस समय नॉफ्के भी RCB के दल का हिस्सा थे।
आज वह जिस स्तर पर कोचिंग कर रहे हैं, वहां पहुंचने से पहले उन्होंने खिलाड़ी के रूप में कई अलग-अलग क्रिकेट परिस्थितियों का अनुभव किया। यही कारण है कि उनका कोचिंग करियर भी विभिन्न देशों और फ्रेंचाइजी तक फैला।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 3,766 रन और 386 विकेट
नॉफ्के के फर्स्ट क्लास क्रिकेट आंकड़े उनके ऑलराउंड क्रिकेट अनुभव को दर्शाते हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके नाम 3,766 रन और 386 विकेट दर्ज हैं।
वह एक ऐसे ऑलराउंडर रहे हैं जिन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से योगदान दिया। एक सीजन में 500 से अधिक रन और 50 विकेट हासिल करने वाले ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के सीमित समूह में भी उनका नाम शामिल रहा है।
खिलाड़ी के रूप में हासिल किया गया यह अनुभव बाद में उनकी कोचिंग शैली में भी उपयोगी रहा। खास तौर पर गेंदबाजों के साथ काम करते समय खुद पेशेवर क्रिकेट खेलने का अनुभव कोच के लिए अतिरिक्त दृष्टिकोण प्रदान करता है।
2010 के बाद शुरू हुआ कोचिंग का सफर
Ashley Noffke ने 2010 के बाद कोचिंग करियर की दिशा में कदम बढ़ाया। शुरुआत में वह वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया में बॉलिंग कोचिंग से जुड़े।
इसके बाद उन्होंने क्वींसलैंड बुल्स और ब्रिस्बेन हीट के साथ काम किया। घरेलू क्रिकेट के वातावरण में खिलाड़ियों के साथ लगातार काम करने से उन्हें कोच के तौर पर अनुभव हासिल हुआ।
धीरे-धीरे उनका कोचिंग अनुभव राज्य स्तर से फ्रेंचाइजी क्रिकेट और फिर अंतरराष्ट्रीय टीमों तक पहुंचता गया।
ब्रिस्बेन हीट और क्वींसलैंड फायर में मिली बड़ी जिम्मेदारी
2019 में नॉफ्के को ब्रिस्बेन हीट और क्वींसलैंड फायर की हेड कोचिंग जिम्मेदारी मिली। यह उनके कोचिंग करियर का महत्वपूर्ण चरण था।
अपने पहले ही सीजन में उन्होंने ब्रिस्बेन हीट को महिला बिग बैश लीग यानी WBBL का खिताब दिलाया। महिला क्रिकेट में उनकी कोचिंग भूमिका ने उनके अनुभव का दायरा और व्यापक कर दिया।
उन्हें दो बार WBBL कोच ऑफ द ईयर भी चुना गया। यह उनके महिला क्रिकेट में कोचिंग अनुभव की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।
नॉफ्के की खासियत यह रही कि उन्होंने अपने करियर में केवल पुरुष क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित नहीं किया। उन्होंने महिला और पुरुष दोनों क्रिकेट टीमों के साथ काम किया।
द हंड्रेड में भी कोचिंग का अनुभव
नॉफ्के का कोचिंग करियर ऑस्ट्रेलिया तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने इंग्लैंड की द हंड्रेड प्रतियोगिता में लंदन स्पिरिट की महिला टीम के साथ भी काम किया।
उनकी कोचिंग में लंदन स्पिरिट ने 2024 में पहली बार द हंड्रेड का खिताब जीता। यह उनके कोचिंग करियर की एक और उल्लेखनीय उपलब्धि रही।
द हंड्रेड जैसी प्रतियोगिता में अलग प्रारूप, तेज मुकाबले और अलग-अलग देशों के खिलाड़ियों के साथ काम करने का अनुभव उन्हें मिला। इससे उनके अंतरराष्ट्रीय कोचिंग प्रोफाइल को और विस्तार मिला।
भारत में WPL का भी हिस्सा रहे Ashley Noffke
भारत में होने वाली महिला प्रीमियर लीग यानी WPL में भी नॉफ्के कोचिंग भूमिका निभा चुके हैं। वह यूपी वारियर्स के साथ असिस्टेंट कोच और बॉलिंग लीड के रूप में काम कर चुके हैं।
WPL में दुनिया की अलग-अलग क्रिकेट संस्कृतियों और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ काम करने का अवसर मिलता है। नॉफ्के के करियर में यह अनुभव भी महत्वपूर्ण रहा।
ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, भारत, न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के क्रिकेट सेटअप से जुड़ने के कारण उनका कोचिंग अनुभव काफी अंतरराष्ट्रीय स्वरूप ले चुका है।
पाकिस्तान जाने से पहले ओटागो वोल्ट्स के हेड कोच थे
पाकिस्तान के सपोर्ट स्टाफ में शामिल होने से ठीक पहले Ashley Noffke न्यूजीलैंड की घरेलू पुरुष टीम ओटागो वोल्ट्स के हेड कोच थे।
जून 2024 में उन्हें ओटागो वोल्ट्स की जिम्मेदारी मिली थी। इसके बाद मई 2025 में उन्होंने पाकिस्तान के सपोर्ट स्टाफ में बॉलिंग कोच के रूप में प्रवेश किया।
इस तरह पाकिस्तान में आने से पहले भी उन्हें घरेलू पुरुष क्रिकेट में हेड कोच के तौर पर काम करने का अनुभव हासिल था।
अब नीदरलैंड्स ने उन्हें सीधे पुरुष टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी दी है।
नीदरलैंड्स के सामने 2027 और 2028 के बड़े लक्ष्य
KNCB के साथ Ashley Noffke का नया कार्यकाल नीदरलैंड्स क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण समय में शुरू होगा। उनका अनुबंध 2028 के अंत तक है और इस दौरान टीम के सामने दो बड़े ICC टूर्नामेंटों से जुड़े लक्ष्य होंगे।
सबसे पहले नीदरलैंड्स को 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफिकेशन की दिशा में तैयारी करनी होगी। इसके बाद 2028 टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भी टीम को मजबूत करना होगा।
नॉफ्के के सामने केवल गेंदबाजी विभाग संभालने की जिम्मेदारी नहीं होगी। हेड कोच के रूप में उन्हें पूरी टीम की रणनीति, खिलाड़ियों के विकास, चयन संबंधी योजनाओं और बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी से जुड़े व्यापक काम देखने होंगे।
रयान कुक की जगह संभालेंगे जिम्मेदारी
नीदरलैंड्स के हेड कोच के रूप में नॉफ्के रयान कुक की जगह लेंगे। कुक ने परिवार को अधिक समय देने के लिए अपने पद से हटने का निर्णय लिया है।
नए कोच के रूप में नॉफ्के के सामने नीदरलैंड्स की मौजूदा क्रिकेट संरचना को समझने और उसके अनुसार अपनी कार्ययोजना बनाने की चुनौती होगी।
उनके पास ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, भारत और पाकिस्तान जैसे अलग-अलग क्रिकेट वातावरण में काम करने का अनुभव है। नीदरलैंड्स क्रिकेट अब इस अंतरराष्ट्रीय अनुभव का उपयोग अपनी राष्ट्रीय टीम की तैयारियों में करना चाहेगा।
पाकिस्तान के सपोर्ट स्टाफ में लगातार बदलाव
Ashley Noffke का जाना पाकिस्तान क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में हाल के महीनों में हुआ एक और बड़ा बदलाव है।
जुलाई 2026 में फील्डिंग कोच शेन मैकडरमॉट ने पाकिस्तान का साथ छोड़ा और अफगानिस्तान के सेटअप से जुड़ गए थे।
इससे पहले मई 2026 में बैटिंग कोच हनीफ मलिक और लंबे समय से टीम के फिजियो रहे क्लिफ डीकोन भी पाकिस्तान के सपोर्ट स्टाफ से अलग हो गए थे।
अब नॉफ्के के जाने के बाद पाकिस्तान को बॉलिंग विभाग के लिए भी नया चेहरा तलाशना होगा।
लगातार हो रहे इन बदलावों के कारण पाकिस्तान के सपोर्ट स्टाफ की संरचना में आने वाले समय में और परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं।
माइक हेसन के साथ मौजूदा व्हाइट-बॉल ढांचा
पाकिस्तान की मौजूदा व्हाइट-बॉल व्यवस्था में माइक हेसन हेड कोच की भूमिका निभा रहे हैं। एशियन गेम्स के अभियान में नॉफ्के के साथ फील्डिंग कोच मंसूर अमजद, फिजियो मुहम्मद ताहिर, ट्रेनर इमरान उल्लाह और एनालिस्ट-कम-टीम ऑपरेशंस कोऑर्डिनेटर उस्मान हाशमी भी शामिल हैं।
नॉफ्के के हटने के बाद इस ढांचे में बॉलिंग कोच की जगह खाली होगी, जिसके लिए PCB ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नए उम्मीदवार के सामने पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों के साथ काम करने के अलावा टीम के मौजूदा कोचिंग ढांचे में तालमेल बैठाने की जिम्मेदारी भी होगी।
पाकिस्तान के लिए अब अगला सवाल नया बॉलिंग कोच कौन?
PCB द्वारा आवेदन आमंत्रित किए जाने के बाद अब पाकिस्तान क्रिकेट में निगाहें नए बॉलिंग कोच की नियुक्ति पर रहेंगी। बोर्ड ने स्पष्ट पात्रता मानदंड रखे हैं, जिसमें लेवल-3 कोचिंग एक्रेडिटेशन और कम से कम पांच वर्ष का संबंधित अनुभव प्रमुख है।
अंतरराष्ट्रीय या एलीट क्रिकेट के साथ काम कर चुके अनुभवी उम्मीदवारों को इस पद के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा।
नए कोच की नियुक्ति ऐसे समय में होगी जब पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए आने वाले महीनों में कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुकाबले और टूर्नामेंट मौजूद हैं। इसलिए गेंदबाजी विभाग में निरंतरता बनाए रखना टीम प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण विषय रहेगा।
एक खिलाड़ी से अंतरराष्ट्रीय कोच तक का लंबा सफर
Ashley Noffke की कहानी केवल पाकिस्तान से नीदरलैंड्स जाने की खबर तक सीमित नहीं है। एक क्रिकेटर के रूप में ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने से लेकर काउंटी क्रिकेट, IPL, ऑस्ट्रेलियाई घरेलू क्रिकेट, महिला क्रिकेट, द हंड्रेड, WPL, न्यूजीलैंड की घरेलू क्रिकेट और पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम तक उनका सफर काफी विविध रहा है।
अब उनके करियर का अगला अध्याय नीदरलैंड्स के साथ शुरू होगा। वहां उन्हें गेंदबाजी कोच की भूमिका नहीं, बल्कि पूरी पुरुष राष्ट्रीय टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी संभालनी है।
उनका पहला बड़ा लक्ष्य टीम को 2027 वनडे वर्ल्ड कप और 2028 टी-20 वर्ल्ड कप की क्वालिफिकेशन प्रक्रिया के लिए तैयार करना होगा।
एशियन गेम्स के बाद बदलेगा नॉफ्के का क्रिकेट ठिकाना
फिलहाल नॉफ्के का ध्यान पाकिस्तान के साथ एशियन गेम्स 2026 पर रहेगा। पाकिस्तान की पुरुष टीम 28 सितंबर से टूर्नामेंट में उतरेगी और क्वार्टरफाइनल चरण से अभियान शुरू करेगी।
एशियन गेम्स के बाद नॉफ्के पाकिस्तान क्रिकेट टीम से अलग हो जाएंगे। इसके बाद वह नीदरलैंड्स क्रिकेट के साथ अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
पाकिस्तान के लिए यह बदलाव बॉलिंग कोच के पद पर नई नियुक्ति का रास्ता खोलेगा, जबकि नीदरलैंड्स को एक ऐसे कोच का अनुभव मिलेगा जिसने कई देशों और अलग-अलग प्रारूपों में खिलाड़ियों के साथ काम किया है।
पाकिस्तान और नीदरलैंड्स दोनों के लिए नया दौर
नॉफ्के के पाकिस्तान से अलग होने और नीदरलैंड्स से जुड़ने की खबर दोनों टीमों के लिए अलग-अलग मायने रखती है। पाकिस्तान को अपने बॉलिंग कोचिंग विभाग में नया चेहरा तलाशना होगा, जबकि नीदरलैंड्स को अपनी पुरुष टीम के लिए नया हेड कोच मिल गया है।
एक तरफ PCB के सामने नए बॉलिंग कोच की नियुक्ति का काम है, वहीं दूसरी तरफ KNCB की नजर 2027 और 2028 के बड़े ICC टूर्नामेंटों की तैयारी पर होगी।
नॉफ्के के लिए भी यह करियर का एक नया चरण होगा। पाकिस्तान में बॉलिंग कोच की भूमिका के बाद अब उन्हें राष्ट्रीय टीम के हेड कोच के रूप में व्यापक जिम्मेदारी संभालनी होगी।
पाकिस्तान क्रिकेट में नॉफ्के का कार्यकाल खत्म होने की ओर
Ashley Noffke का पाकिस्तान के साथ कार्यकाल एशियन गेम्स 2026 के बाद समाप्त हो जाएगा। मई 2025 में बॉलिंग कोच के रूप में शुरू हुआ उनका सफर अब नीदरलैंड्स की राष्ट्रीय पुरुष टीम की कमान संभालने की दिशा में बढ़ रहा है।
इस दौरान उन्हें व्हाइट-बॉल टीम के साथ काम करने के अलावा इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट टीम के लिए अंतरिम बॉलिंग कोच की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी मिली। अब उनके जाने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के सामने गेंदबाजी विभाग के लिए नए कोच की नियुक्ति का काम है।
नीदरलैंड्स में नॉफ्के के सामने इससे भी व्यापक जिम्मेदारी होगी। दो साल के अनुबंध के दौरान उन्हें टीम को 2027 वनडे वर्ल्ड कप और 2028 टी-20 वर्ल्ड कप की क्वालिफिकेशन चुनौतियों के लिए तैयार करना होगा।

