भारत ने श्रीलंका को 124 रन से रौंदकर एशियन गेम्स फाइनल में बनाई जगह, Ishan Kishan का रिकॉर्ड टूटा; 8 बड़े रिकॉर्ड और 2 यादगार मोमेंट्स
News-Desk
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Asian Games Semi-Final, cricket news, India Biggest Win, india cricket, India vs Sri Lanka, Ishan Kishan, Ravi Bishnoi, sri lanka cricket, t20 international records, Vaibhav Suryavanshiभारत ने एशियन गेम्स के सेमीफाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 124 रन के बड़े अंतर से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। मुकाबले में भारतीय टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में शानदार प्रदर्शन किया और श्रीलंका की पूरी टीम को महज 45 रन पर समेट दिया।
इस जीत के साथ भारत ने न सिर्फ फाइनल का टिकट कटाया, बल्कि टी-20 इंटरनेशनल में कई बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। खास बात यह रही कि श्रीलंका के खिलाफ 124 रन की जीत भारत की इस फॉर्मेट में उसके खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी रन-अंतर वाली जीत बन गई।
मुकाबले में Ishan Kishan ने नाबाद 80 रन की शानदार पारी खेली। इसके साथ ही उन्होंने भारत के लिए नंबर-5 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
मैच में रिकॉर्ड्स की लंबी सूची के अलावा कुछ ऐसे पल भी रहे, जिन्होंने मुकाबले को और यादगार बना दिया। वैभव सूर्यवंशी के हेलमेट पर गेंद लगना और रवि बिश्नोई का शानदार डायरेक्ट हिट इनमें प्रमुख रहे।
भारत ने बनाया 100+ रन से जीत का नया रिकॉर्ड
श्रीलंका के खिलाफ 124 रन की जीत के साथ भारत ने टी-20 इंटरनेशनल में 100 या उससे अधिक रन के अंतर से अपनी 11वीं जीत दर्ज की। इसके साथ ही भारतीय टीम इस मामले में सबसे आगे निकल गई है।
भारत अब पुरुष टी-20 इंटरनेशनल में 100+ रन के अंतर से सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टीम बन गई है। कनाडा के नाम ऐसी 10 जीत दर्ज हैं, जबकि ऑस्ट्रिया ने 9 बार 100 या उससे अधिक रन के अंतर से मुकाबला जीता है।
भारत के लिए यह रिकॉर्ड इस लिहाज से भी खास रहा कि टीम ने सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में यह उपलब्धि हासिल की।
श्रीलंका के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी T20I जीत
भारत ने श्रीलंका को 124 रन से हराया। यह टी-20 इंटरनेशनल में श्रीलंका के खिलाफ भारत की रन के अंतर से सबसे बड़ी जीत है।
इससे पहले भारत का श्रीलंका के खिलाफ सबसे बड़ा जीत अंतर 93 रन था। भारत ने 2017 में कटक में खेले गए टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले में श्रीलंका को 93 रन से हराया था।
यानी एशियन गेम्स के इस सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने अपने पुराने रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ दिया।
श्रीलंका की 124 रन की हार दूसरी सबसे बड़ी हार
श्रीलंका के लिए यह मुकाबला बेहद निराशाजनक रहा। 124 रन की हार टी-20 इंटरनेशनल में रन के अंतर से उसकी दूसरी सबसे बड़ी हार है।
श्रीलंका को इससे भी बड़ी हार 2019 में एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली थी। उस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका को 134 रन के अंतर से हराया था।
भारत के खिलाफ इस मैच में श्रीलंकाई बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और टीम 45 रन के स्कोर पर ऑलआउट हो गई।
ईशान किशन ने तोड़ा मनीष पांडे का रिकॉर्ड
भारतीय बल्लेबाजी में ईशान किशन सबसे बड़े आकर्षण रहे। उन्होंने नाबाद 80 रन की पारी खेली और टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
ईशान का यह स्कोर टी-20 इंटरनेशनल में भारत के लिए नंबर-5 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए किसी बल्लेबाज का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बन गया।
उन्होंने इस मामले में मनीष पांडे का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा। मनीष पांडे ने 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन में नंबर-5 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 79 रन बनाए थे।
ईशान ने नाबाद 80 रन बनाकर इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया।
श्रीलंका ने 17 ओवर स्पिन से कराए, रिकॉर्ड में दर्ज हुआ मैच
मुकाबले में श्रीलंका की गेंदबाजी रणनीति भी चर्चा में रही। श्रीलंकाई टीम ने भारतीय पारी के दौरान कुल 17 ओवर स्पिन गेंदबाजों से करवाए।
टी-20 इंटरनेशनल में यह केवल तीसरी बार है, जब किसी टीम ने एक पारी में 17 ओवर स्पिन गेंदबाजी की है।
इससे ज्यादा 18 ओवर स्पिन गेंदबाजी कराने का रिकॉर्ड जिम्बाब्वे के नाम है, जिसने 2010 में वेस्टइंडीज के खिलाफ एक पारी में 18 ओवर स्पिन गेंदबाजों से कराए थे।
18 रन पर श्रीलंका के 5 विकेट, भारत के खिलाफ दूसरा सबसे कम स्कोर
भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका की शुरुआत ही बिगाड़ दी। श्रीलंका ने अपने शुरुआती पांच विकेट महज 18 रन के स्कोर पर गंवा दिए।
टी-20 इंटरनेशनल में भारत के खिलाफ किसी टीम के पांच विकेट गिरने के मामले में यह दूसरा सबसे कम स्कोर है।
इस रिकॉर्ड में दक्षिण अफ्रीका सबसे ऊपर है। 2022 में तिरुवनंतपुरम में भारत के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका के पांच विकेट महज 9 रन के स्कोर पर गिर गए थे।
श्रीलंका के लिए इस मैच में शुरुआती झटकों से उबरना मुश्किल हो गया और पूरी पारी दबाव में बिखरती चली गई।
45 रन पर ऑलआउट, श्रीलंका ने बराबर किया वेस्टइंडीज का रिकॉर्ड
श्रीलंका की पूरी टीम केवल 45 रन पर ऑलआउट हो गई। फुल मेंबर टीमों के बीच टी-20 इंटरनेशनल में यह संयुक्त रूप से सबसे कम ऑलआउट स्कोर है।
श्रीलंका ने इस मामले में वेस्टइंडीज की बराबरी की है। वेस्टइंडीज भी 2019 में इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले में 45 रन पर ऑलआउट हो गया था।
इस तरह भारत के खिलाफ श्रीलंका की पारी रिकॉर्ड बुक में एक ऐसे आंकड़े के साथ दर्ज हो गई, जिसे टीम शायद याद नहीं रखना चाहेगी।
श्रीलंका की पारी में 5 बल्लेबाज बिना खाता खोले लौटे
श्रीलंकाई पारी की स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसके पांच बल्लेबाज बिना खाता खोले आउट हो गए।
फुल मेंबर टीमों के बीच टी-20 इंटरनेशनल की किसी एक पारी में सबसे ज्यादा डक के मामले में यह संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर है।
इससे पहले 2010 में वेस्टइंडीज के खिलाफ जिम्बाब्वे की पारी में छह बल्लेबाज बिना खाता खोले आउट हुए थे।
भारत के खिलाफ सेमीफाइनल में श्रीलंका के पांच बल्लेबाजों का शून्य पर आउट होना उसकी बल्लेबाजी की मुश्किलों को साफ तौर पर दिखाता है।
मैच का पहला बड़ा मोमेंट: वैभव सूर्यवंशी के हेलमेट पर लगी गेंद
मुकाबले में एक ऐसा पल भी आया जब भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के हेलमेट पर गेंद लग गई। भारतीय पारी के पांचवें ओवर की दूसरी गेंद पर श्रीलंका के थारिंदु रत्नायके गेंदबाजी कर रहे थे।
उन्होंने लेग स्टंप की दिशा में फुलर गेंद डाली। वैभव ने गेंद को हवा में खेलने की कोशिश की, लेकिन शॉट ठीक से नहीं लगा और गेंद उनके हेलमेट से जा टकराई।
गेंद लगते ही भारतीय टीम का फिजियो तुरंत मैदान पर पहुंचा और वैभव की जांच की। कुछ समय बाद वैभव ने खुद को ठीक बताया और बल्लेबाजी जारी रखी।
इस घटना के बाद भी उन्होंने अपनी पारी को आगे बढ़ाया और 21 गेंदों पर 38 रन की तेजतर्रार पारी खेली।
युवा बल्लेबाज की इस पारी ने भारतीय पारी की शुरुआत को गति देने में योगदान दिया।
दूसरा बड़ा मोमेंट: बिश्नोई के डायरेक्ट हिट ने पलट दिया खेल
श्रीलंका की पारी के दौरान रवि बिश्नोई ने अपने शानदार फील्डिंग प्रयास से लसिथ क्रूसपुल्ले को रन आउट कर दिया।
श्रीलंकाई पारी के दूसरे ओवर की पहली गेंद पर अक्षर पटेल गेंदबाजी कर रहे थे। नुवानिदु फर्नांडो ने गेंद को बैकवर्ड पॉइंट की दिशा में हल्के हाथों से खेला और रन लेने के लिए दौड़ पड़े।
बैकवर्ड पॉइंट पर तैनात बिश्नोई ने तेजी से गेंद को पकड़ा और बिना समय गंवाए सीधे स्टंप पर थ्रो कर दिया। नॉन-स्ट्राइकर एंड पर मौजूद लसिथ क्रूसपुल्ले क्रीज तक नहीं पहुंच सके और रन आउट हो गए।
खास बात यह रही कि क्रूसपुल्ले ने इस दौरान एक भी गेंद का सामना नहीं किया।
सेमीफाइनल में भारतीय गेंदबाजों का दबदबा
भारतीय टीम की इस बड़ी जीत की सबसे बड़ी वजहों में उसकी गेंदबाजी भी रही। श्रीलंका के बल्लेबाज शुरुआत से ही दबाव में नजर आए और लगातार विकेट गिरने के कारण टीम संभल नहीं सकी।
पहले पांच विकेट केवल 18 रन पर गिरने के बाद श्रीलंका की पारी पर दबाव और बढ़ गया। भारतीय गेंदबाजों और फील्डरों ने मौके बनाए रखे और श्रीलंका को साझेदारी बनाने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया।
आखिरकार पूरी श्रीलंकाई टीम 45 रन पर सिमट गई और भारत ने मुकाबला 124 रन के बड़े अंतर से अपने नाम कर लिया।
एक ही मैच में रिकॉर्ड्स की झड़ी
भारत और श्रीलंका के इस सेमीफाइनल में केवल फाइनल का टिकट ही दांव पर नहीं था, बल्कि मुकाबले के दौरान कई रिकॉर्ड भी बने। भारत ने 100+ रन के अंतर से अपनी 11वीं टी-20 इंटरनेशनल जीत दर्ज की। श्रीलंका के खिलाफ जीत का अंतर 124 रन रहा, जो दोनों टीमों के बीच नया भारतीय रिकॉर्ड है।
ईशान किशन ने नंबर-5 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए 80 रन बनाकर मनीष पांडे के 79 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। दूसरी ओर श्रीलंका की 45 रन की पारी फुल मेंबर टीमों के बीच संयुक्त रूप से सबसे कम ऑलआउट स्कोर में शामिल हो गई।
इसके अलावा 17 ओवर स्पिन से कराना, 18 रन पर पांच विकेट गंवाना और पांच बल्लेबाजों का डक पर आउट होना भी इस मुकाबले को रिकॉर्ड्स से भरा हुआ बना गया।
अब फाइनल में भारत की नजर खिताब पर
सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रन से हराने के बाद भारतीय टीम ने एशियन गेम्स के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। सेमीफाइनल की जीत से टीम का आत्मविश्वास निश्चित रूप से मजबूत हुआ होगा, लेकिन अब फोकस फाइनल मुकाबले पर रहेगा।
भारतीय टीम के लिए ईशान किशन की नाबाद 80 रन की पारी, वैभव सूर्यवंशी की 21 गेंदों पर 38 रन की पारी और गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन इस मुकाबले की बड़ी उपलब्धियां रहीं।
श्रीलंका के खिलाफ यह जीत भारतीय टी-20 क्रिकेट के रिकॉर्ड्स में भी कई नए आंकड़े जोड़ गई। एक तरफ भारत ने अपनी 100+ रन वाली जीतों का आंकड़ा 11 तक पहुंचाया, तो दूसरी तरफ श्रीलंका को 45 रन पर समेटकर 124 रन की जीत दर्ज की। अब एशियन गेम्स के फाइनल में भारतीय टीम के सामने खिताब की चुनौती होगी।

