Tamannaah Bhatia बोलीं- सनातन संस्कृति आध्यात्मिक ही नहीं, वैज्ञानिक भी; ‘हनुमान अंश’ ने 56 दिनों में कमाए 414 करोड़
News-Desk
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bollywood news, Hanuman Ansh, Hanuman Ansh Box Office, Indian cinema, Indian mythology, Sanatan culture, Sanatan Films, Spirituality and Science, Tamannaah Bhatia, Tamannaah Bhatia Interviewमुंबई। भारतीय सिनेमा में इन दिनों सनातन संस्कृति, पौराणिक कथाओं और धार्मिक विषयों पर आधारित कहानियों को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसी बीच एक्ट्रेस Tamannaah Bhatia ने ऐसी फिल्मों की बढ़ती लोकप्रियता और भारतीय संस्कृति के प्रति दर्शकों की दिलचस्पी पर अपनी राय रखी है।
तमन्ना का कहना है कि सनातन संस्कृति जितनी आध्यात्मिक है, उतनी ही वैज्ञानिक भी है। उनके मुताबिक आज का दर्शक अपनी जड़ों और संस्कृति को समझने में पहले से ज्यादा रुचि दिखा रहा है। इसी बढ़ती मांग के कारण फिल्म निर्माता भी इस तरह की कहानियों को बड़े पर्दे पर ला रहे हैं।
इस बीच सनातन थीम पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर भी बड़ा आंकड़ा हासिल किया है। फिल्म के दिए गए आंकड़ों के मुताबिक रिलीज के 56 दिनों में इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 414.06 करोड़ रुपये पहुंच गया है।
तमन्ना बोलीं- अपनी जड़ों और संस्कृति को समझना जरूरी
तमन्ना भाटिया ने कहा कि खासकर शहरी भारत के लोगों के लिए अपनी जड़ों और संस्कृति को समझना जरूरी है। उनका मानना है कि आज के दौर में लोग अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानने की इच्छा रखते हैं।
उन्होंने कहा कि दर्शकों की इसी रुचि के कारण सनातन और पौराणिक विषयों पर फिल्में बन रही हैं और उन्हें दर्शकों का समर्थन मिल रहा है।
तमन्ना के अनुसार किसी संस्कृति को समझने का तरीका केवल तर्क और प्रमाण तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने आध्यात्मिक अनुभव को भी इसके साथ जोड़ते हुए अपनी बात रखी।
‘पहले सबूत मांगते हैं, लेकिन अध्यात्म में अनुभव खुद मिलता है’
तमन्ना ने कहा कि आम तौर पर लोग किसी बात को स्वीकार करने से पहले उसका सबूत तलाशते हैं। उनके मुताबिक अध्यात्म का नजरिया कुछ अलग है, जहां विश्वास के बाद अनुभव प्राप्त होने की बात कही जाती है।
उन्होंने अपनी फिल्म ‘वन’ में निभाए किरदार का संदर्भ देते हुए विज्ञान और आध्यात्मिकता के बीच संबंध की बात भी की। तमन्ना ने कहा कि उनके नजरिए से साइंस और स्पिरिचुअलिटी एक-दूसरे से अलग नहीं हैं, बल्कि एक ही बात को समझने के दो अलग तरीके हो सकते हैं।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारतीय सिनेमा में धार्मिक और पौराणिक विषयों वाली फिल्मों की संख्या और दर्शकों की दिलचस्पी दोनों चर्चा में हैं।
‘हनुमान अंश’ की प्रोड्यूसर से पब्लिक वॉशरूम में हुई मुलाकात
तमन्ना ने ‘हनुमान अंश’ से जुड़ा एक दिलचस्प अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले एक पब्लिक वॉशरूम में उनकी मुलाकात फिल्म की महिला प्रोड्यूसर से हो गई थी।
मुलाकात के दौरान दोनों के बीच बातचीत हुई और तमन्ना ने फिल्म की सफलता के लिए उन्हें बधाई दी। एक्ट्रेस ने कहा कि फिल्म को बनाने के दौरान मेकर्स को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।
तमन्ना के मुताबिक अब फिल्म को दर्शकों से जिस तरह का रिस्पॉन्स मिल रहा है, उससे निर्माता काफी खुश हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब कोई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़े आंकड़े हासिल करती है तो उसकी सफलता को नजरअंदाज करना मुश्किल होता है।
‘अच्छा प्रभाव पड़े तो धार्मिक फिल्मों का हिस्सा बनना चाहूंगी’
जब तमन्ना से पूछा गया कि क्या वह भविष्य में धार्मिक या पौराणिक विषयों पर आधारित फिल्मों में काम करना चाहेंगी, तो उन्होंने सकारात्मक रुख दिखाया।
एक्ट्रेस ने कहा कि अगर किसी कहानी का लोगों पर अच्छा प्रभाव पड़ता है तो वह ऐसी फिल्मों का हिस्सा बनना चाहेंगी। उनका मानना है कि भारतीय पौराणिक कथाओं में ऐसे कई किरदार मौजूद हैं, जिन्हें आधुनिक सिनेमा के माध्यम से दर्शकों के सामने पेश किया जा सकता है।
तमन्ना के मुताबिक भारतीय माइथोलॉजी में कहानी और किरदारों की इतनी बड़ी दुनिया है कि फिल्म निर्माताओं के पास पर्दे पर नए प्रयोग करने के लिए काफी संभावनाएं हैं।
छठी मैया के गाने से जुड़ा पुराना अनुभव भी किया साझा
तमन्ना ने अपने पुराने अनुभव का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने छठी मैया का गाना किया था, तब पटना के एक कॉलेज में किसी व्यक्ति ने उनसे कहा था कि ऊपर वाले ने इस काम के लिए उन्हें खुद चुना है।
तमन्ना ने इस अनुभव को याद करते हुए बताया कि इस तरह की घटनाएं उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी मायने रखती हैं। उनके मुताबिक धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों से जुड़े काम को लेकर दर्शकों की भावनात्मक प्रतिक्रिया अलग तरह की होती है।
‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 414 करोड़ के पार
तमन्ना भाटिया के बयानों के बीच फिल्म ‘हनुमान अंश’ की बॉक्स ऑफिस सफलता भी चर्चा में है। फिल्म के उपलब्ध कलेक्शन आंकड़ों के मुताबिक रिलीज के 56वें दिन इसे 4,345 शो मिले और इस दिन फिल्म ने भारत में 2.90 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया।
इसके साथ भारत में फिल्म की कुल नेट कमाई 317.38 करोड़ रुपये बताई गई है। वहीं फिल्म का भारत में कुल ग्रॉस कलेक्शन 374.86 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
फिल्म ने विदेशी बाजार यानी ओवरसीज में भी कमाई जारी रखी। 56वें दिन ओवरसीज मार्केट से फिल्म ने 0.10 करोड़ रुपये जोड़े, जिसके बाद इसकी कुल ओवरसीज कमाई 39.20 करोड़ रुपये बताई गई।
भारत और विदेशों की कमाई को मिलाने पर फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 414.06 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
सनातन थीम वाली फिल्मों की बढ़ती चर्चा
‘हनुमान अंश’ के बॉक्स ऑफिस आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं जब भारतीय दर्शकों के बीच पौराणिक और सांस्कृतिक कहानियों को लेकर चर्चा बढ़ी हुई है। धार्मिक पात्रों और भारतीय परंपराओं से जुड़ी कहानियों को आधुनिक तकनीक और बड़े बजट के साथ पर्दे पर पेश करने की कोशिशें भी बढ़ी हैं।
तमन्ना भाटिया ने इसी बदलाव को दर्शकों की बदलती पसंद से जोड़कर देखा है। उनका कहना है कि लोग अब अपनी संस्कृति और परंपराओं के बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं और फिल्में इस रुचि को सामने लाने का एक माध्यम बन रही हैं।
साइंस और स्पिरिचुअलिटी पर तमन्ना का नजरिया
तमन्ना की बातों का एक प्रमुख हिस्सा विज्ञान और आध्यात्मिकता के बीच संबंध को लेकर रहा। उन्होंने दोनों को विरोधी मानने के बजाय एक ही विषय को देखने के अलग-अलग नजरिए के रूप में पेश किया।
उनका कहना है कि भारतीय संस्कृति में आध्यात्मिक विचारों के साथ-साथ ऐसे कई पहलू हैं जिन्हें आज के संदर्भ में नए तरीके से समझा जा सकता है। ‘वन’ में निभाए अपने किरदार का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि इस अनुभव ने उनके नजरिए को भी प्रभावित किया।
हालांकि विज्ञान और आध्यात्मिकता की अपनी-अपनी पद्धतियां और दावे हैं, तमन्ना की टिप्पणी मुख्य रूप से उनके व्यक्तिगत विचार और अभिनय अनुभव के संदर्भ में सामने आई है।
क्या आगे भी पौराणिक किरदार निभाएंगी तमन्ना?
तमन्ना के बयान से यह संकेत जरूर मिलता है कि अगर उन्हें कोई ऐसी कहानी मिलती है जिसका दर्शकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता हो, तो वह धार्मिक या पौराणिक विषय पर काम करने से पीछे नहीं हटेंगी।
भारतीय पौराणिक कथाओं में रामायण, महाभारत और विभिन्न देवी-देवताओं से जुड़ी असंख्य कहानियां मौजूद हैं। इन कहानियों को अलग-अलग नजरिए से पर्दे पर पेश करने की संभावनाएं भी काफी व्यापक हैं।
ऐसे में आने वाले समय में तमन्ना भाटिया को किसी पौराणिक या सांस्कृतिक प्रोजेक्ट में देखने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि उन्होंने किसी विशेष आगामी प्रोजेक्ट की घोषणा नहीं की है।
414 करोड़ की कमाई के बीच चर्चा में आया तमन्ना का बयान
एक तरफ ‘हनुमान अंश’ के 414.06 करोड़ रुपये के वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन ने फिल्म को चर्चा में रखा है, तो दूसरी तरफ तमन्ना भाटिया की सनातन संस्कृति, विज्ञान और आध्यात्मिकता पर टिप्पणी ने इस चर्चा को नया संदर्भ दिया है।
एक्ट्रेस का कहना है कि दर्शकों की मांग के कारण ऐसी कहानियां बन रही हैं। वहीं फिल्म के कलेक्शन के आंकड़े बताते हैं कि कम से कम इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों का उल्लेखनीय कारोबार मिला है।
सनातन और पौराणिक विषयों वाली फिल्मों के प्रति दर्शकों की रुचि आने वाले समय में किस तरह आगे बढ़ती है, यह भारतीय सिनेमा में बनने वाली अगली फिल्मों और उनके बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन से और स्पष्ट होगा।

