Yuzvendra Chahal ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट को कहा अलविदा, टेस्ट कैप का सपना रह गया अधूरा; अब वनडे-टी20 में वापसी का लक्ष्य
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के स्टार लेग स्पिनर Yuzvendra Chahal ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। 36 वर्षीय चहल ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया है। उनके करियर में भारत के लिए टेस्ट मैच खेलना हमेशा एक बड़ा सपना रहा, लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका।
चहल ने साफ किया है कि फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास का मतलब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास नहीं है। उनकी नजर अब भी वनडे और टी-20 इंटरनेशनल में भारत के लिए वापसी पर है। उनका कहना है कि उनके अंदर अभी क्रिकेट बाकी है और देश के लिए खेलने की भूख खत्म नहीं हुई है।
चहल का रेड-बॉल करियर 49 फर्स्ट क्लास मैचों में 148 विकेट के साथ खत्म हुआ। उनका आखिरी फर्स्ट क्लास मैच नॉर्थम्प्टनशायर की ओर से लॉर्ड्स में खेला गया। 2026 काउंटी चैंपियनशिप में उन्होंने 21 विकेट लेकर रेड-बॉल क्रिकेट को शानदार प्रदर्शन के साथ अलविदा कहा।
टेस्ट कैप का सपना था, लेकिन कभी मौका नहीं मिला
चहल ने अपने रिटायरमेंट संदेश में बताया कि रेड-बॉल क्रिकेट उनके लिए कभी महज एक फॉर्मेट नहीं रहा। उन्होंने इसी क्रिकेट से धैर्य, संघर्ष, चरित्र और लंबे समय तक मैदान पर टिके रहने की सीख ली।
उन्होंने बताया कि उनका आखिरी फर्स्ट क्लास मुकाबला लॉर्ड्स में हुआ। इसी वजह से उस मैच के साथ रेड-बॉल क्रिकेट को अलविदा कहना उनके लिए भावुक पल रहा। चहल ने माना कि टेस्ट कैप हमेशा उनका सपना रही, लेकिन कई सालों तक इंतजार करने के बावजूद वह भारत के लिए टेस्ट नहीं खेल सके।
भारत के लिए चहल ने सीमित ओवरों में शानदार पहचान बनाई, लेकिन टेस्ट टीम में उन्हें स्थायी जगह नहीं मिल सकी। अब फर्स्ट क्लास क्रिकेट से विदाई के साथ टेस्ट खेलने की उनकी उम्मीद भी व्यावहारिक रूप से खत्म हो गई है।
‘अभी सब खत्म नहीं हुआ’, वनडे-टी20 में वापसी की कोशिश करेंगे
चहल ने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि उनका क्रिकेट करियर खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलने की उनकी भूख अभी भी बरकरार है।
उनका अगला लक्ष्य वनडे और टी-20 क्रिकेट में भारत की टीम में वापसी करना है। चहल का कहना है कि वह एक और मौका हासिल करने के लिए अपना सबकुछ लगाएंगे।
यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि चहल ने भारत के लिए आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच अगस्त 2023 में खेला था। इसके बाद से वह राष्ट्रीय टीम से बाहर हैं। फिर भी घरेलू क्रिकेट और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में उन्होंने अपनी उपयोगिता बनाए रखी है।
49 फर्स्ट क्लास मैच, 148 विकेट
चहल ने साल 2009 में हरियाणा के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कदम रखा था। करीब 17 साल लंबे रेड-बॉल करियर में उन्होंने 49 मैच खेले और 32.27 की गेंदबाजी औसत से 148 विकेट हासिल किए।
उनके नाम फर्स्ट क्लास क्रिकेट में छह बार पांच विकेट और आठ बार चार विकेट लेने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6/25 रहा।
रेड-बॉल क्रिकेट में चहल को हमेशा भारत के टेस्ट सेटअप में जगह बनाने के लिए चुनौती का सामना करना पड़ा। हालांकि सीमित ओवरों में उनकी कलाई की स्पिन, गुगली और फ्लाइट ने उन्हें अलग पहचान दी।
लॉर्ड्स में खेला आखिरी फर्स्ट क्लास मैच
चहल के फर्स्ट क्लास करियर का अंतिम अध्याय इंग्लैंड में लिखा गया। उन्होंने नॉर्थम्प्टनशायर के लिए काउंटी क्रिकेट खेला और अपना आखिरी फर्स्ट क्लास मुकाबला ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेला।
2026 काउंटी चैंपियनशिप के डिविजन-2 में चहल ने 21 विकेट हासिल किए। इस प्रदर्शन ने यह दिखाया कि रेड-बॉल क्रिकेट छोड़ने का फैसला किसी खराब प्रदर्शन के बाद अचानक लिया गया कदम नहीं था, बल्कि उनके टेस्ट अवसर को लेकर लंबे समय से चली आ रही स्थिति के बीच लिया गया फैसला है।
भारत के लिए 72 वनडे और 80 टी-20 इंटरनेशनल
चहल ने भारत के लिए 72 वनडे और 80 टी-20 इंटरनेशनल खेले हैं। वनडे में उनके नाम 121 विकेट, जबकि टी-20 इंटरनेशनल में 96 विकेट हैं। इस तरह भारत के लिए सीमित ओवरों में वह 200 से ज्यादा विकेट लेने वाले प्रमुख स्पिनरों में शामिल रहे हैं।
उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला अगस्त 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 इंटरनेशनल था। इसके बाद से राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी नहीं हो सकी।
फिर भी चहल ने सफेद गेंद वाले क्रिकेट से अपना नाता नहीं तोड़ा है। उनका कहना है कि वह अभी भी भारत के लिए खेलने का सपना देखते हैं।
आईपीएल में भी चहल का बड़ा रिकॉर्ड
युजवेंद्र चहल की पहचान सिर्फ भारतीय टीम के गेंदबाज के रूप में नहीं है। आईपीएल इतिहास में भी उनका रिकॉर्ड बेहद महत्वपूर्ण है। वह लीग के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं और 2026 तक उनके नाम 233 आईपीएल विकेट दर्ज हैं। वह आईपीएल में 200 विकेट का आंकड़ा पार करने वाले पहले गेंदबाज भी बने थे।
चहल ने आईपीएल में मुंबई इंडियंस के साथ शुरुआत की थी, लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ बनी। इसके बाद उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए भी शानदार गेंदबाजी की और 2022 में पर्पल कैप जीती।
2025 से वह पंजाब किंग्स के साथ जुड़े और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में लगातार अपनी उपयोगिता साबित करते रहे।
क्रिकेट से पहले चेस में भी आजमाया हाथ
युजवेंद्र चहल की कहानी क्रिकेट तक सीमित नहीं है। क्रिकेट में पूरी तरह करियर बनाने से पहले वह चेस यानी शतरंज में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। युवा स्तर पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया था।
शतरंज ने उनकी रणनीतिक सोच को विकसित करने में भूमिका निभाई और बाद में क्रिकेट में भी उनकी गेंदबाजी में बल्लेबाज को पढ़ने और अगली चाल का अनुमान लगाने की क्षमता दिखाई दी। यही वजह है कि उन्हें कई बार क्रिकेट के मैदान पर ‘चेस प्लेयर’ जैसी सोच रखने वाला स्पिनर कहा गया।
धनश्री वर्मा से शादी और फिर तलाक
चहल की क्रिकेट उपलब्धियों के साथ उनकी निजी जिंदगी भी पिछले कुछ वर्षों में काफी चर्चा में रही। उन्होंने डांसर और कोरियोग्राफर धनश्री वर्मा से 2020 में शादी की थी। दोनों की मुलाकात चहल द्वारा डांस सीखने के दौरान हुई थी और बाद में दोनों ने शादी कर ली।
हालांकि शादी के कुछ वर्षों बाद दोनों के रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर अटकलें शुरू हुईं। 2025 की शुरुआत में दोनों के अलग होने की खबरें काफी चर्चा में रहीं। उस समय चहल और धनश्री दोनों ने सोशल मीडिया पर चल रही कई अटकलों पर आपत्ति जताई थी और निजी जिंदगी को लेकर अटकलें न लगाने की बात कही थी।
बाद में दोनों का तलाक 2025 में हो गया। अदालत से जुड़े विवरणों के अनुसार दोनों कुछ समय से अलग रह रहे थे और तलाक की कानूनी प्रक्रिया पूरी हुई।
क्या धनश्री से रिश्ते में धोखे की वजह थी?
चहल और धनश्री के अलग होने के दौरान सोशल मीडिया पर कई तरह की कहानियां और आरोप सामने आए। कुछ लोगों ने रिश्ते में धोखे और किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका तक के दावे किए। लेकिन इन अटकलों को तथ्य के तौर पर पेश करना सही नहीं होगा।
चहल ने बाद में अपने तलाक और उससे जुड़े cheating allegations पर सार्वजनिक रूप से बात की थी। उन्होंने बताया कि इस तरह की अटकलों और आरोपों का उन पर काफी असर पड़ा था। इसलिए उनकी निजी जिंदगी को लेकर सोशल मीडिया पर चलने वाले दावों और उनके द्वारा सार्वजनिक रूप से कही गई बातों के बीच अंतर रखना जरूरी है।
RJ Mahvash के साथ नाम जुड़ा, चहल ने अफेयर से किया इनकार
धनश्री से तलाक के दौरान और उसके बाद चहल का नाम RJ Mahvash के साथ जोड़ा गया। दोनों की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिसके बाद डेटिंग और अफेयर की चर्चाएं तेज हो गईं।
लेकिन चहल ने बाद में खुद इन खबरों पर सफाई दी। 2025 में राज शमानी के पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि Mahvash के साथ उनका कोई रोमांटिक रिश्ता नहीं है और वह मुश्किल समय में उनकी दोस्त के तौर पर उनके साथ थीं। चहल ने यह भी बताया कि Mahvash को सोशल मीडिया पर ‘homewrecker’ जैसे शब्दों से निशाना बनाया गया, जिससे उन्हें काफी बुरा लगा।
Mahvash ने भी डेटिंग की अफवाहों को खारिज किया था और अप्रैल 2025 में खुद को ‘very single’ बताया था। इसलिए चहल और Mahvash के बीच अफेयर की बात को प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं लिखा जा सकता।
चहल की निजी जिंदगी सोशल मीडिया की वजह से भी चर्चा में रही
चहल की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण उनका सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना भी है। उनकी मजाकिया शैली, टीम के साथियों के साथ दोस्ताना अंदाज और मैदान के बाहर की तस्वीरों ने उन्हें क्रिकेट के अलावा भी बड़ी फैन फॉलोइंग दिलाई।
लेकिन इसी लोकप्रियता के कारण उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी छोटी-छोटी घटनाएं भी तेजी से वायरल होती रही हैं। धनश्री के साथ रिश्ते की खबरों से लेकर तलाक और बाद में Mahvash के साथ तस्वीरों तक, सोशल मीडिया ने उनकी निजी जिंदगी को लगातार सार्वजनिक चर्चा का विषय बनाए रखा।
चहल ने कई मौकों पर ऐसी अटकलों से परिवार को होने वाले असर की बात भी कही।
चहल की कहानी में अभी एक अध्याय बाकी है
फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास के बाद चहल के करियर की दिशा अब और स्पष्ट हो गई है। टेस्ट क्रिकेट का सपना पूरा नहीं हुआ, लेकिन सीमित ओवरों में उनकी उपलब्धियां कम नहीं हैं।
भारत के लिए 72 वनडे में 121 विकेट और 80 टी-20 इंटरनेशनल में 96 विकेट, आईपीएल में 233 विकेट और घरेलू फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 148 विकेट—ये आंकड़े उनके लंबे क्रिकेट करियर की कहानी बताते हैं।
अब चहल की नजर सफेद गेंद वाले क्रिकेट पर है। उनका कहना है कि वह अभी खत्म नहीं हुए हैं और भारत के लिए एक और मौका हासिल करने की कोशिश जारी रखेंगे।
टेस्ट कैप नहीं मिली, लेकिन सफेद गेंद में विरासत बड़ी
युजवेंद्र चहल कभी भारत के टेस्ट क्रिकेटर नहीं बन सके। रेड-बॉल क्रिकेट में 148 विकेट लेने के बावजूद उन्हें टेस्ट टीम में खेलने का अवसर नहीं मिला। यही उनके करियर का वह अधूरा सपना है, जिसका जिक्र उन्होंने संन्यास लेते समय सबसे भावुक अंदाज में किया।
लेकिन दूसरी तरफ सफेद गेंद में उन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए एक अलग पहचान बनाई। खासकर टी-20 क्रिकेट में लेग स्पिन और गुगली का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने कई बड़े बल्लेबाजों को परेशान किया और आईपीएल में रिकॉर्ड विकेट अपने नाम किए।
अब फर्स्ट क्लास क्रिकेट से विदाई के बाद सवाल टेस्ट का नहीं, बल्कि यही है कि क्या चहल फिर से भारत की वनडे या टी-20 जर्सी पहन पाएंगे? इस सवाल का जवाब आने वाला समय और उनका प्रदर्शन देगा।

