Aligarh में वारंटी हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने पहुंची पुलिस पर पथराव, दारोगा समेत 2 घायल; 3 गिरफ्तार, 6 पर केस
News-Desk
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Ahroura, aligarh, Aligarh news, Aligarh Police, crime news, History-sheeter, Khair News, Khair Police, police attack, stone pelting, uttar pradesh newsAligarh। खैर क्षेत्र के गांव अहरौला में एक वारंटी हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर अचानक पथराव कर दिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी के परिजनों और उसके साथ मौजूद अन्य लोगों ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और इसके बाद पथराव शुरू कर दिया।
अचानक हुए हमले में उपनिरीक्षक अंकुर कुशवाहा और कांस्टेबल आकाश घायल हो गए। पथराव में पुलिस की लेपर्ड बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने मामले में छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, जिनमें से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया है।
फरार तीन आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गांव में फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है।
वारंटी हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने पहुंची थी पुलिस टीम
क्राइम इंस्पेक्टर इफ्तिखार अली के अनुसार बुधवार शाम शिवाला चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अंकुर कुशवाहा पुलिस टीम के साथ अहरौला गांव पहुंचे थे। टीम में कांस्टेबल मुकेश बाबू, अनुज कुमार और आकाश भी शामिल थे।
पुलिस टीम गांव निवासी महावीर पुत्र लख्मीचंद को गिरफ्तार करने पहुंची थी। पुलिस के मुताबिक महावीर थाना स्तर का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ मुकदमा संख्या 547/11 में वारंट जारी था।
इसी वारंट के अनुपालन में पुलिस टीम उसे पकड़ने के लिए उसके घर पहुंची थी। पुलिस के अनुसार टीम ने जब महावीर को गिरफ्तार करने का प्रयास किया तो मौके पर मौजूद लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।
गिरफ्तारी का विरोध करते हुए शुरू हुई धक्का-मुक्की
पुलिस के मुताबिक महावीर की गिरफ्तारी का विरोध करने वालों में आकाश पुत्र रमेश चंद्र, बनी सिंह पुत्र रोशन, पवन, विकास पुत्र बनी सिंह, अरुण पुत्र केसरी राम और महावीर शामिल थे।
आरोप है कि इन लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने के बाद आरोपियों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया।
अचानक हुए पथराव से पुलिसकर्मियों को संभलने का मौका नहीं मिला। हमले में उपनिरीक्षक अंकुर कुशवाहा के हाथ में चोट आई, जबकि कांस्टेबल आकाश भी घायल हो गए।
पथराव के दौरान पुलिस की लेपर्ड बाइक को भी नुकसान पहुंचा। स्थिति बिगड़ती देखकर पुलिसकर्मियों ने मौके से निकलकर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और अतिरिक्त पुलिस बल की मदद मांगी।
अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचा तो भागने लगे आरोपी
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल गांव में पहुंचा। पुलिस के पहुंचते ही आरोपियों ने वहां से भागने का प्रयास किया।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौके से आकाश, पवन और बनी सिंह को पकड़ लिया। वहीं पुलिस के मुताबिक महावीर, विकास और अरुण मौके से फरार होने में सफल रहे।
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी की और उन्हें बृहस्पतिवार को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय से तीनों को जेल भेज दिया गया।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों द्वारा संभावित ठिकानों पर दबिश दिए जाने की जानकारी दी गई है।
छह लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस के अनुसार मामले में कुल छह आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इनमें महावीर, आकाश, बनी सिंह, पवन, विकास और अरुण के नाम शामिल हैं।
मामले में पुलिस टीम पर हमला, पथराव और सरकारी कार्य में बाधा डालने से जुड़े आरोपों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब घटना के दौरान मौजूद लोगों और परिस्थितियों से संबंधित अन्य तथ्यों की भी जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के मुताबिक घटना में घायल दोनों पुलिसकर्मियों का उपचार कराया गया है।
महावीर पहले से पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर
इस पूरे मामले में पुलिस जिस व्यक्ति को गिरफ्तार करने गई थी, वह पहले से पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर बताया गया है। पुलिस के अनुसार महावीर थाना स्तर का हिस्ट्रीशीटर है।
उसके खिलाफ मुकदमा संख्या 547/11 में वारंट होने के कारण पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची थी। हालांकि गिरफ्तारी की कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद लोगों द्वारा विरोध और पथराव किए जाने के बाद मामला और गंभीर हो गया।
पुलिस अब महावीर के साथ-साथ उन लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिन पर पुलिस टीम के साथ कथित तौर पर मारपीट और पथराव करने का आरोप है।
आकाश की भी खुलेगी हिस्ट्रीशीट
पुलिस की कार्रवाई अब केवल इस घटना में दर्ज मुकदमे तक सीमित रहने के संकेत नहीं हैं। क्षेत्राधिकारी खैर अभिषेक पटेल के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपी आकाश को महावीर का सहयोगी बताया गया है।
पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों के अनुसार रिकॉर्ड की जांच के बाद आकाश की हिस्ट्रीशीट खोलने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
इससे स्पष्ट है कि पुलिस घटना के दौरान उसकी भूमिका के साथ-साथ उसके पिछले आपराधिक रिकॉर्ड को भी जांच के दायरे में ले रही है।
फरार आरोपियों की तलाश में दबिश
घटना के बाद पुलिस ने महावीर, विकास और अरुण की तलाश तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
क्षेत्राधिकारी खैर अभिषेक पटेल ने बताया कि मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है और फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस गांव में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी नजर रख रही है। अधिकारियों के अनुसार अहरौला गांव में फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है।
पुलिस टीम पर हमले के बाद बढ़ी सख्ती
पुलिस टीम पर उस समय पथराव हुआ जब वह वारंट के आधार पर एक हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार करने पहुंची थी। ऐसे में घटना ने पुलिस कार्रवाई के दौरान सामने आए प्रतिरोध को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी का विरोध करने के बाद धक्का-मुक्की और पथराव किया गया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए और सरकारी वाहन/लेपर्ड बाइक को नुकसान पहुंचा।
अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद घटना में उनकी कथित भूमिका भी जांच के दायरे में आएगी।
गांव में पुलिस की निगरानी जारी
घटना के बाद पुलिस ने गांव में स्थिति पर नजर बनाए रखी है। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल किसी तरह के नए विवाद या तनाव की सूचना नहीं है।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश जारी है और मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आकाश के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच के बाद उसकी हिस्ट्रीशीट खोलने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

