Muzaffarnagar के शिव चौक पर 15 दिन से खुला सीवर, युवक का पैर फ्रैक्चर; नगर पालिका की लापरवाही पर लोगों में गुस्सा
Muzaffarnagar शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल शिव चौक के पास नगर पालिका प्रशासन की कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। सड़क के बीचों-बीच पिछले करीब 15 दिनों से सीवर का ढक्कन खुला पड़ा होने के कारण लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। अब यह लापरवाही एक युवक के लिए गंभीर चोट का कारण बन गई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक खुले सीवर की चपेट में आने से रामलीला टीला निवासी करण वर्मा का पैर फ्रैक्चर हो गया। घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों में नगर पालिका प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ गई है।
लोगों का कहना है कि जिस स्थान से रोजाना हजारों लोग और वाहन गुजरते हैं, वहां इतने लंबे समय तक सीवर का ढक्कन खुला रहना गंभीर चिंता का विषय है। लोगों को आशंका है कि यदि तत्काल इसे बंद नहीं कराया गया तो अगली घटना इससे भी ज्यादा गंभीर हो सकती है।
सड़क के बीच खुला पड़ा था सीवर का ढक्कन
स्थानीय लोगों के अनुसार शिव चौक के पास सड़क के बीचों-बीच सीवर का ढक्कन करीब 15 दिनों से खुला पड़ा हुआ है। व्यस्त सड़क होने के बावजूद इसे अब तक बंद नहीं कराया गया है।
खुले सीवर के कारण वाहन चालकों और पैदल चलने वाले लोगों के सामने लगातार खतरा बना हुआ है। खासकर भीड़भाड़ के समय जब लोगों का ध्यान आसपास की आवाजाही पर रहता है, तब सड़क के बीच मौजूद यह खुला गड्ढा दुर्घटना का कारण बन सकता है।
स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों का दावा है कि इस खुले सीवर के कारण पहले भी कई लोग चोटिल हो चुके हैं। हालांकि, सबसे गंभीर घटना बीते दिन सामने आई, जब करण वर्मा सीधे खुले सीवर में जा गिरे।
करण वर्मा का पैर हुआ फ्रैक्चर
जानकारी के अनुसार रामलीला टीला निवासी करण वर्मा शिव चौक के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान सड़क के बीच खुला पड़ा सीवर का ढक्कन उनकी नजर में नहीं आया।
अचानक वह खुले सीवर में जा गिरे। हादसे में उनके पैर में गंभीर चोट आई और उनका पैर फ्रैक्चर हो गया।
घटना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्काल मदद की। लोगों ने उन्हें खुले सीवर से बाहर निकाला और उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सीवर को ढक दिया जाता तो युवक के साथ यह हादसा नहीं होता।
शिव चौक पर रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही
शिव चौक मुजफ्फरनगर के प्रमुख और बेहद व्यस्त इलाकों में शामिल है। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार यहां दिनभर लोगों और वाहनों की भारी आवाजाही रहती है।
बाजार और आसपास के व्यावसायिक क्षेत्र होने के कारण पैदल राहगीरों के साथ बड़ी संख्या में दोपहिया और अन्य वाहन भी इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में सड़क के बीच खुला सीवर किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यस्त सड़क पर इस तरह का खुला गड्ढा केवल एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि हर राहगीर और वाहन चालक के लिए खतरा है।
15 दिन से समस्या, फिर भी नहीं हुआ समाधान
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि स्थानीय लोगों के अनुसार सीवर का ढक्कन करीब 15 दिनों से खुला है, तो इसे अब तक बंद क्यों नहीं कराया गया।
लोगों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन को इसकी जानकारी होने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। लगातार आवाजाही वाले क्षेत्र में इतने दिनों तक खुले सीवर का रहना प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है।
स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों का कहना है कि किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय ऐसी समस्याओं का समाधान पहले ही किया जाना चाहिए।
दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को सबसे ज्यादा खतरा
खुले सीवर से सबसे ज्यादा खतरा दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को बताया जा रहा है। अचानक सामने आए गड्ढे से बचने के लिए वाहन चालक संतुलन खो सकते हैं, जबकि पैदल चलने वाले लोग अंधेरे या भीड़ के दौरान इसकी चपेट में आ सकते हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक आए दिन दोपहिया वाहन चालक और राहगीर इसमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
करण वर्मा के साथ हुई घटना ने इस खतरे को एक बार फिर सामने ला दिया है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों में आक्रोश
हादसे के बाद शिव चौक और आसपास के क्षेत्र के दुकानदारों तथा नागरिकों में नगर पालिका के प्रति नाराजगी देखने को मिल रही है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए। यदि एक युवक का पैर फ्रैक्चर होने के बाद भी खुले सीवर की समस्या का समाधान नहीं होता है तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
नागरिकों की मांग है कि खुले सीवर को तत्काल बंद कराया जाए और भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो, इसके लिए संबंधित स्थानों की नियमित निगरानी की जाए।
लोगों ने जताई बड़े हादसे की आशंका
स्थानीय लोगों की चिंता केवल मौजूदा घटना तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही सीवर का ढक्कन बंद नहीं कराया गया तो कोई बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता है।
विशेषकर रात के समय या भीड़भाड़ के दौरान खुले सीवर को देख पाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में किसी वाहन चालक या राहगीर के सीधे उसमें गिरने की आशंका बनी रहती है।
शिव चौक जैसे व्यस्त स्थान पर सड़क के बीच खुले सीवर को लेकर लोगों की चिंता इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यहां लगातार लोगों की आवाजाही रहती है।
अब नगर पालिका की कार्रवाई पर नजर
करण वर्मा के घायल होने की घटना के बाद स्थानीय लोगों की नजर अब नगर पालिका प्रशासन की कार्रवाई पर है। लोगों की मांग है कि खुले सीवर को तत्काल सुरक्षित किया जाए, ताकि आगे किसी और व्यक्ति को चोट न लगे।
यह मामला शहर की बुनियादी नागरिक सुविधाओं और सार्वजनिक सुरक्षा से भी जुड़ा है। सड़क पर खुले मैनहोल जैसी समस्या का समय पर समाधान होना जरूरी है, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही किसी व्यक्ति के लिए गंभीर दुर्घटना में बदल सकती है।

