Muzaffarnagar में लार्ज स्केल इंडस्ट्रियल पार्क के नाम पर करोड़ों की कथित धोखाधड़ी, 25 लोगों पर आरोप
Muzaffarnagar । जनपद में बड़े औद्योगिक निवेश और हजारों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी योजना को उस समय झटका लगा, जब प्रस्तावित लार्ज स्केल इंडस्ट्रियल पार्क के लिए भूमि खरीदने के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया। महिला उद्यमी एवं एप्रो ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक अभिलाषा सिंह ने करीब 25 लोगों पर जमीन उपलब्ध कराने और कंपनी के नाम बैनामा कराने का भरोसा देकर करोड़ों रुपये लेने, लेकिन बाद में भूमि की रजिस्ट्री नहीं कराने का आरोप लगाया है। इस संबंध में हरिद्वार जनपद के मंगलौर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
माण्डला में प्रस्तावित था लार्ज स्केल इंडस्ट्रियल पार्क
पत्रकारों से वार्ता करते हुए अभिलाषा सिंह ने बताया कि एप्रो ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड, एप्रो ग्लोबल लिमिटेड की सहायक कंपनी है। कंपनी ने उत्तर प्रदेश की औद्योगिक विकास नीति से प्रेरित होकर मुजफ्फरनगर जनपद के मौजा माण्डला में लार्ज स्केल इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित करने की योजना तैयार की थी। कंपनी के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना था।
अभिलाषा सिंह ने दावा किया कि प्रस्तावित औद्योगिक पार्क के माध्यम से कम से कम पांच हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था। परियोजना के धरातल पर उतरने से क्षेत्र में निवेश, औद्योगिक विकास और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद थी।
जमीन दिलाने और रजिस्ट्री कराने के नाम पर रकम लेने का आरोप
कंपनी निदेशक के मुताबिक, परियोजना के लिए भूमि खरीदने के सिलसिले में जितेंद्र वर्मा और मुशीर आलम ने कंपनी को जमीन उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया था। आरोप है कि जमीन खरीदने, कंपनी के नाम बैनामा कराने और भूमि पर भराव कराने के आश्वासन के आधार पर अलग-अलग व्यक्तियों तथा उनके परिजनों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये की धनराशि स्थानांतरित कराई गई।
अभिलाषा सिंह का कहना है कि कंपनी की ओर से रकम का भुगतान किए जाने के बावजूद संबंधित लोगों ने उसके पक्ष में जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई। जब कंपनी ने भुगतान की गई धनराशि वापस मांगी अथवा जमीन का बैनामा कराने के लिए कहा, तो कथित तौर पर मामले को लगातार टालने का प्रयास किया गया। कंपनी निदेशक ने यह आरोप भी लगाया कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
शिकायत में कई लोगों के नाम शामिल
महिला उद्यमी की शिकायत में मुशीर आलम, जितेंद्र वर्मा, महकार सिंह, कटार सिंह, अजय, विजय, कुलवीर सिंह, विकास कुमार, बालकराम, बालेश, मामचंद, सिद्धगोपाल शर्मा, तिलकराम, जसवीर, बिजेंद्र, अमरेश और राजकुमार सहित कई लोगों के नाम शामिल बताए गए हैं। शिकायत के अनुसार, इन लोगों पर जमीन उपलब्ध कराने और कंपनी के नाम रजिस्ट्री कराने का भरोसा देकर धनराशि लेने तथा बाद में अपने वादे पूरे नहीं करने के आरोप लगाए गए हैं।
मंगलौर कोतवाली में दर्ज हुआ मुकदमा
इस मामले में एफआईआर संख्या 0505/2026 दिनांक 2 नवंबर 2026 को थाना कोतवाली मंगलौर, जनपद हरिद्वार में दर्ज कराई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत में धोखाधड़ी और धमकी से संबंधित आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
पांच हजार लोगों को रोजगार देने की योजना पर असर
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि प्रस्तावित लार्ज स्केल इंडस्ट्रियल पार्क से मुजफ्फरनगर में बड़े स्तर पर औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन की उम्मीद जताई गई थी। कंपनी का दावा है कि परियोजना के जरिए कम से कम पांच हजार लोगों को रोजगार मिल सकता था। ऐसे में भूमि खरीद से जुड़ा विवाद परियोजना की आगे की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि, फिलहाल कंपनी निदेशक की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और शिकायत में नामजद व्यक्तियों का पक्ष भी सामने नहीं आया है। इसलिए मामले में लगाए गए आरोपों को जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता। पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही पूरे प्रकरण की स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रेसवार्ता के दौरान सुधाकर सिंह, राहुल कुमार, अतुल कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
प्रस्तावित औद्योगिक पार्क के लिए भूमि खरीद से जुड़े इस विवाद में कंपनी ने करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। अब पुलिस जांच से यह स्पष्ट होगा कि धनराशि किन परिस्थितियों में ली गई और जमीन की रजिस्ट्री नहीं होने के पीछे क्या कारण रहे।

