जल निगम द्वारा कराये कार्यो की माॅनिटरिंग के लिए 6 अधिकारी लगाये गये
मुजफ्फरनगर- 09 मई 2019…जिलाधिकारी अजय शंकर पाण्डेय ने जल निगम द्वारा कराये जा रहे कार्यो पर सर्तक दृष्टि रखने के लिए शीर्ष अधिकारियों की टीम लगा दी है। जिलाधिकारी ने जल निगम के द्वारा कराये गये 6 कार्यो के लिए शीर्ष 6 अधिकारी जिनमें सचिव एमडीए, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0, नगर मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर व जिला विकास अधिकारी को टीम में रखा है। यह टीम प्रतिदिन की प्रगति से किये जा रहे कार्यो की प्रगति की रिपोर्ट देगी। और यह टीम यह भी सुनिश्चत करेगी कि कार्यो मे किसी भ्ीा प्रकार की गडबडी, अनियमितता न हो और कार्य की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि टीम द्वारा निरीक्षण/माॅनीटरिंग में अगर कही पर खामिया पाई गई तो सम्बन्धित के विरूद्व कार्यवाही करने मे किसी प्रकार का कोई संकोच नही करेगे।
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गडबडी पाई जाने पर सम्बन्धित के विरूद्व कार्यवाही करने में कोई संकोच नही करेगें— जिलाधिकारी
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जल निगम निर्धारित समय में अपने कार्यो केा गुणवत्ता पूर्ण कराना सुनिश्चत करें—–जिलाधिकारी
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मदीना चैक से रूडकी चुंगी तक होगा जल निकासी के लिए नाले का निर्माण— जिलाधिकारी
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जिलाधिकारी अजय शंकर पाण्डेय आज कैम्प कार्यालय पर जल निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। जिलाधिकारी ने कहा कि जल निगम द्वारा किये जा रहे कार्यो की जांच के लिए नगर मजिस्ट्रेट को लगाकर जांच कराई गई है जिनमें मीनीक्षा चैक से शिवचैक तक सीवर/नाले का कार्य, शिवचैक से नावल्टी चैक तक सीवर लाईन/नाले का कार्य, नावल्टी चैक से बकरा मार्किट होते हुए सीवर लाईन का कार्य और नावल्टी चैक से महामना मालवीय चैक तक के सीवर लाईन के कार्य है। जिसमें कही पर भी पूर्ण रूप से कार्य पूर्ण नही पाया गया। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जल निगम को कडे निर्देश दिये कि एक सप्ताह में कार्य प्रत्येक दशा में पूर्ण हो जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने मदीना कालोनी से रूडकी चुगी के बीच में जल भराव की समस्या के निस्तारण के एमडीए को नाले निर्माण का दायित्व सौपा। उन्होने जल निगम को तत्काल उसका एस्टीमेट बनाये जाने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि रोजेदारों को कोई समस्या नही होनी चाहिए इसके लिए अस्थाई तौर पर जल भराव वाले स्थान पर पम्प लगाकर या सैफ्टी टैकंर से पानी का निस्तारण कराया जाये ताकि जल भराव की समस्या को खत्म किया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि वे स्वयं भी जल निगम द्वारा कराये जा रहे कार्यो का निरीक्षण करेगे। उनहोने बैठक में ठेकेदारों को कडे निेर्देश देते हुए कहा कि गुणवतता से काई समझाौता नही होना चाहिए।
बैठक में सचिव एमडीए, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0, नगर मजिस्ट्रेट, अधिशासी अभिंयता जल निगम सहित एई व जेई उपस्थित थे।
