सामूहिक नकल प्रकरणः अब हिंदी में 320 विद्यार्थियों को मिले एक समान 75-75 अंक
मुजफ्फरनगर। जनता इंटर कॉलेज बाढ़ परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के फिजिक्स, गणित के बाद अब हिंदी में भी 320 छात्र-छात्राओं को 75-75 समान अंक मिले हैं। अपनी रिपोर्ट में प्रशासन इसका आंकलन करना चूक गया है। हालांकि बाढ़ परीक्षा केंद्र के सभी 623 विद्यार्थियों की मार्कशीट शासन को भेज दी गई है। जनता इंटर कॉलेज बाढ़ में जीआईसी मुथरा और रोनी हरजीपुर के गैर राज्य, गैर बोर्ड के छात्रों का परीक्षा सेंटर था। शिक्षा माफिया ने योजनाबद्ध तरीके से इन स्कूलों से फार्म भरवाए थे। शिकायत के बाद उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के आदेश पर एसटीएफ ने 22 फरवरी को इंटरमीडिएट के फिजिक्स के पेपर के दौरान इस सेंटर पर छापा मारकर सामूहिक नकल पकड़ी थी। मौके से नकल माफिया के साथ फर्जी कक्ष निरीक्षक और साल्वर भी पकड़े गए थे।
जिला प्रशासन ने सामूहिक नकल पकड़े जाने के बाद फिजिक्स के पेपर को रद्द कर दिया था। दोबारा आठ मार्च को यह परीक्षा जीआईसी मुजफ्फरनगर में हुई। इंटरमीडिएट का रिजल्ट आया तो सभी को चौंका दिया। बताया जाता है कि जिस पेपर में सामूहिक नकल पकड़ी गई और दोबारा पेपर हुआ, इसमें 478 छात्रों के एक समान 82-82 अंक आए। इसमें थ्योरी में 52-52 और प्रयोगात्मक में पूरे 30 अंक थे। गणित में 180 छात्रों के समान 33-33 अंक आए। नकल माफिया के खेल की परतें लगातार खुल रही है। अब हिंदी विषय में 623 परीक्षार्थियों में से 320 छात्रों के एक समान 75-75 अंक मिले हैं। जीआईसी रोनी हरजीपुर, मुथरा के साथ जीआईसी जंधेड़ी के सेंटर पर 303 में से 161 छात्रों के हिंदी में समान अंक 75 आने पर शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है।
डीएम अजय शंकर पांडेय ने बताया कि हमने जनता इंटर कॉलेज बाढ़ की सभी मार्कशीट शासन को भेज दी है। 1482 का रोका है रिजल्ट-पत्राचार के माध्यम से परीक्षा फार्म भरने वाले 1482 छात्रों का परीक्षा परिणाम बोर्ड ने रोक लिया है। इन छात्रों ने फार्म अधूरे भरे हैं। जांच में यह खुलासा हुआ है। नकल माफिया का खेल इसमें भी सामने आया है। चालान फार्म किसी के नाम से है और परीक्षा फार्म किसी का है। हाईस्कूल और इंटर के पत्राचार के ये फार्म जनता इंटर गंगधाडी और एसडी मीरापुर से भरे गए थे।
न्याय के लिए लड़ाई जारी रहेगी-नकल माफिया के खेल को उजागर करने वाले रविंद्र सिंह का कहना है कि शिक्षा में सुधार प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। नकल माफिया की शिकायत कर सरकार का सहयोग किया है और विद्यार्थियों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ को जनता के सामने लाने का काम किया है। लखनऊ में डेरा डाले हैं माफिया-बोर्ड परीक्षा में समान अंक का खेल उजागर होने के बाद नकल माफिया पूरे प्रकरण को दबाने में लगे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नकल माफिया लखनऊ में ही डेरा जमाए हुए हैं। सामूहिक नकल में एसटीएफ द्वारा की गई गिरफ्तारी के मामले में जमानत हो चुकी है। जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए गैंगस्टर पर स्टे आ चुका है। ऐसे हालात में नकल माफिया पूरी तरह हावी होते दिखाई दे रहे हैं।
