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गौ वंश को रखने व खाने का स्थायी व अस्थायी प्रबन्ध सुनिश्चत

..जिलाधिकारी अजय शंकर पाण्डेय ने आज कैम्प कार्यालय पर निराश्रित/ बेसहारा गौवंश हेतु स्थायी/अस्थायी गौवंश आश्रय स्थल की प्रगति की समीक्षा करते हुए खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि विकास खण्डवार अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल हेतु चयनित स्थानों के नाम, विकास खण्डवार स्थापित अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल का स्थान, अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल हेतु जमीन की उपलब्धता तथा निर्माण की स्थिति, संचालित गोवंश आश्रय स्थल पर संरक्षित किये गये पशुआंे की संख्या, संरक्षित गोवंश के लिए चारा एवं पानी की क्या व्यवस्था है उसकी सूचना उपलब्ध कराई जाये। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल का निर्माण किस निधि से किया गया जैसे ग्राम पंचायत निधि, मनरेगा, अथवा अन्य किस योजना से किया गया। संचालन समिति द्वारा आगामी एक माह तक पशुओं के खाने के लिए चारे की क्या व्यवस्था की गयी है। अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल पर पशुओं की देखरेख के लिए कौन तैनात है। जिलाधिकारी ने कहा कि भरण पोषण तथा पशुओं की पकडने की क्या व्यवस्था है पर गहन समीक्षा करते हुए चैक लिस्ट बनाने के निर्देश देते हुए आख्या प्रस्तुत करें। 
जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत को निर्देश दिये कि कान्हा गौशाला के लिए कुल स्वीकृत धनराशि, स्वीकृति स्वीकृति की तिथि, स्वीकृति धनराशि के सापेक्ष प्राप्त धनराशि एवं अब तक व्यय की गई धनराशि का विवरण एवं निर्माण की स्थिति, कान्हा गौशाला हेतु जमीन चिन्हित कर ली गयी है अथवा नही तथा उपलब्धता का विवरण, कान्हा गौशाला के निर्माण कार्य के पूर्ण होने का क्या लक्ष्य था, लक्ष्य के सापेक्ष कार्य पूर्ण हुआ अथवा नही, यदि नही तो निर्माण कार्य पूर्ण न होने का क्या कारण रहे स्पष्ट आख्या दी जाये।
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नगर पालिका, नगर पंचायत व न्याय पंचायत गौवंश आश्रय स्थल विहीन नही होनी चाहिए— जिलाधिकारी
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गौवंश आश्रय स्थल की प्रगति धीमी होने पर अधिशासी अधिकारी भौकरहेडी से 3 दिन में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश———जिलाधिकारी
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चरथावल नगर पंचायत द्वारा बनाये गये गौवंश आश्रय स्थल की जांच के दिये आदेश —- जिलाधिकारी
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जिलाधिकारी ने कहा कि कान्हा गौशाला हेतु उपलब्ध जमीन का विवरण एवं संरक्षित किये जाने वाले पशुओ की क्षमता, कान्हा गौशाला में संरक्षित किये गये पशुओ की संख्या का विवरण दिया जाये। उन्होने कहा कि कान्हा गौशाला में संरक्षित किये गये गोवंश के लिए चारे एवं पानी की क्या व्यवस्था है। कान्हा गौशाला में पशुओं की देखरेख के लिए कौन तैनात है। संचालन समिति द्वारा आगामी एवं माह तक पशुओं के खाने के लिए चारे की क्या व्यवस्था की गयी है। भरण पोषण के लिए प्राप्त तथा व्यय धनराशि एवं वर्ष 2019-20 के लिए धनराशि की मांग तथा पशुओ को पकडने की क्या व्यवस्था हैं। इस चैक लिस्ट पर पूर्ण आख्या प्रस्तुत की जाये। जिलाधिकारी ने गौवंश आश्रय स्थल की प्रगति की समीक्षा में चरथावल नगर पंचायत द्वारा बनाये गये आश्रय स्थल की निर्माण कार्यो की जांच के आदेश मुख्य विकास अधिकारी को दिये। उनहोने कहा कि टीम गठित कर गौवंश आश्रय स्थल की पूर्ण जांच कराई जाये। जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी भौकरहेडी द्वारा गौवंश आश्रय स्थल की धीमी प्रगति पर स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि 03 दिन में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करे कि कितनी धनराशि कब प्राप्त हुई, कितना व्यय हुआ,ठेकेदार केा कितना भुगतान किया गया आदि।

जिलाधिकारी ने अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत से सम्बन्धित जिला पंचायत द्वारा स्थापित कांजी हाउस के स्थान, कांजी हाउस के लिए कुल स्वीकृत धनराशि, स्वीकृति की तिथि, स्वीकृति धनराशि के सापेक्ष प्राप्त धनराशि एवं अब तक व्यय की गयी धनराशि का विवरण एवं निर्माण की स्थिति, कांजी हाउस के निर्माण कार्य के पूर्ण होने का क्या लक्ष्य था, लक्ष्य के सापेक्ष कार्य पूर्ण हुआ अथवा नही, यदि नही तो निर्माण कार्य पूर्ण न होने का क्या कारण रहा है। उन्होने कहा कि कांजी हाउस हेतु उपलब्ध जमीन का विवरण एव संरक्षित किये जाने वाले पशुओं की क्षमता, कांजी हाउस में संरक्षित किये गये पशुओं का स्थलवार विवरण, कांजी हाउस में संरक्षित किये गये गोवंश के लिए चारे एवं पानी की क्या व्यवस्था है। उन्होने कहा कि कांजी हाउस में पशुओं की देखरेख के लिए कौन तैनात हैं, संचालन समिति द्वारा आगामी एक माह तक पशुओं के खाने के लिए चारे की क्या व्यवस्था की गयी है तथा भरण पोषण के लिए प्राप्त तथा व्यय धनराशि एवं वर्ष 2019-20 के लिए धनराशि की मांग का विवरण प्रस्तुत किया जाये।ं 
जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि प्रत्यके नगर पालिका, नगर पंचायत व न्याय पंचायत में गौवंश आश्रय स्थल प्रत्येक दशा में बनाया जाये। उन्होने कहा कि उनके रहने खाने की व्यवस्था प्रबन्ध सुनिश्चत कराया जायें। उन्होने कहा कि गौवंश आश्रय स्थलो का एक दूसरे से लिकेंज बनाया जाये।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि खण्ड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी व अपर मुख्य अधिकारी माह में कितने पशु पकडे तिथिवार प्रत्येक पाक्षिक रूप से सूचना उपलब्ध करायेगे। सूचना में गौ वंश का प्रकार कि उसमे कितनी गाय, कितने सांड, कितने बछडे व कितनी बछिया थी उनका पूर्ण विवरण उपलब्ध कराया जाये। उन्होने निेर्दश दिये कि उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी/पशुचिकित्साधिकारी प्रत्येक अस्थायी आश्रय स्थल/कान्हा गौशाला/कांली हाउस पर पशुओं के उपचार के लिए तैनात अधिकारी का नाम एवं पदनाम तथा उनके द्वारा कब-कब इन आश्रय स्थलों का भ्रमण किया गया तथा कितने पशुओं का उपचार किया गया इसकी सूचना उपलबध करायेगे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अर्चना वर्मा, एसडीमए खतौली, पशु चिकित्साधिकारी, पीडी, अधिशासी अधिकारी व खण्ड विकास अधिकारी उपस्थित थे।

News Desk

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