बिल जमा नहीं होने से स्कूलों की विद्युत आपूर्ति पर संकट
मुजफ्फरनगर। परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का बिजली बिल जमा नहीं होने के कारण स्कूलों की विद्युत आपूर्ति पर संकट छाया है। विद्युत निगम के अधिकारी कभी भी स्कूलों का कनेक्शन कटवा देते हैं। फिर शिक्षकों के अनुरोध और गर्मी में बच्चों की परेशानी को देखते हुए आपूर्ति चालू करा देते हैं। वर्तमान में बहुत से स्कूलों का बिजली कनेक्शन कटा हुआ और छात्र-छात्राओं को बिना पंखे के भीषण गर्मी में बैठना पड़ता है।
जिल के सभी परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बिजली कनेक्शन हैं। इनका बिल बेसिक शिक्षा विभाग जमा करता है। मगर, एक साल से भी ज्यादा समय से बिजली बिल के मद में धनराशि नहीं मिली। इससे स्कूलों पर बिजली विभाग का 1,58,06,307 रुपये बकाया चल रहा है। विभाग की ओर से लगातार शासन को पत्र लिखे जा रहे हैं, लेकिन बिजली बिल जमा करने के लिए धनराशि आवंटित नहीं हो रही। इसका परिणाम यह है कि विद्युत निगम कभी भी स्कूलों के कनेक्शन काट देता है। इस समय भी कई स्कूलों के कनेक्शन कटे हुए हैं।
ऐसे में छात्र-छात्राओं को भीषण गर्मी में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। कभी छात्र और शिक्षक स्कूल परिसर में खड़े पेड़ों के नीचे बैठते हैं तो कभी स्कूल के बरामदे में बैठे रहते हैं। बिना बिजली के भीषण गर्मी में कमरों में बैठना मुश्किल हो जाता है। बकाया होने पर स्कूलों के कनेक्शन काटने का यह क्रम चलता रहता है। शिक्षकों के अनुरोध और गर्मी में बच्चों की परेशानी को देखते हुए कुछ दिन कनेक्शन काटे रखने के बाद आपूर्ति शुरू कर दी जाती है। कुल मिलाकर विद्युत निगम के रहमोकरम पर ही स्कूलों में विद्युत की आपूर्ति चल रही है। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी इस बात को स्वीकारते हैं लेकिन शासन से बजट नहीं मिलने के कारण चुप्पी साध जाते हैं।
बिजली बिल भुगतान के लिए शासन को डिमांड भेजी गई है। धनराशि प्राप्त होने पर बकाया जमा करा दिया जाएगा। स्कूलों के कनेक्शन कटने की जानकारी नहीं है। – योगेश शर्मा, बीएसए।

