दस कालेजों की मान्यता समाप्त
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश आर्युवेदिक यूनानी एवं तिब्बी बोर्ड लखनऊ के अध्यक्ष डा. सुभाष चंद शर्मा ने कार्यभार सम्भालने के बाद जहां पैरा मैडिकल कालेजों के मामलें में सख्ती दिखाई है वहीं पर आयुष चिकित्सकों के रजिस्ट्रेशन मे भी पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है महावीर चौक स्थित एक होटल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए अध्यक्ष डा. सुभाष शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनके निजी अथक प्रयासों से 31 पैरा मैडिकल कालेज प्रशिक्षण केंद्रों को मान्यता मिली है जिनमें 18 नये है। इसके अतिरिक्त दस पैरा मैडिकल कालेज जो दो दो कमरों में ही चल रहे थे कि मान्यता निरस्त करा दी गयी है। उन्होंने बताया कि विगत दिनों उन्होंने सहारनपुर जिले का सघन भ्रमण किया और कालेजों का भौतिक सत्यापन कराया। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि लखनऊ में बोर्ड का कार्यालय जीर्ण क्षीर्ण अवस्था में पडा है और इस बार विजय दशमी के अवसर पर उसके भूमि पूजन का कार्यक्रम विधिवत आयोजित किया जायेगा।
डा. सुभाष शर्मा ने बताया कि उनके व्यक्तिगत प्रयासों से आर्युवेद भास्कर का चार वर्श वाला कोर्स जो शासन की लाल फीताशाही के चक्कर में लम्बित पड़ा था उसे बहाल करा दिया गया है और 1987 तक के 465 चिकित्सकों को इसका सीधा लाभ मिल गया है और अब ऐसे सभी चिकित्सकों के रजिस्ट्रेशन शुरू करा दिये है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में योग, नैच्रोपैथी, आर्युवेद और पंचकर्म पर जोर दे रहे है शासन से इनकी मान्यता शीघ्र ही मिलने की उम्मीद है। सरकार आयुष को बढावा दे रही है उन्होंने बताया कि इस वर्ष 26 मार्च को उन्हेंने बोर्ड के अध्यक्ष का पदभार सम्भाला था।
