Agra: चिप्स और प्लास्टिक गिलास के बहाने बुलाकर मासूम की हत्या, आरोपी ने आटे के ड्रम में छिपाया शव
Agra के थाना Tajganj क्षेत्र में 8 वर्षीय प्रज्ञा की हत्या के मामले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि किरायेदार सुनील ने बच्ची को बहाने से अपने कमरे में बुलाकर बेरहमी से हत्या कर दी और शव को आटे के ड्रम में ठूंसकर छिपा दिया। घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और लोगों में गहरा आक्रोश है। 🚨
हत्या के बाद कमरे का खून पानी से धोकर मिटाने की कोशिश
Agra News के अनुसार आरोपी ने हत्या के बाद कमरे में फैले खून के निशानों को मिटाने के लिए पानी से सफाई की। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वह शव को ड्रम सहित कहीं और ले जाने की योजना बना रहा था, लेकिन पुलिस की सक्रियता के कारण ऐसा नहीं कर सका।
जांच के दौरान कमरे में मौजूद खून के अवशेषों की पुष्टि के लिए वैज्ञानिक परीक्षण भी किया गया, जिससे हत्या के सबूत मजबूत हुए।
घटना से पहले आरोपी ने मांगा था चाकू
परिजनों के अनुसार घटना से कुछ समय पहले आरोपी सुनील घर के आसपास घूमता देखा गया था। उसने हत्या से ठीक पहले परिवार से चाकू भी मांगा था, जिससे पुलिस को उसकी योजना पर गंभीर संदेह हुआ।
बताया गया कि बच्ची ट्यूशन जाने की तैयारी कर रही थी, तभी आरोपी ने उसे 50 रुपये देकर चिप्स और प्लास्टिक के गिलास लाने के लिए भेजा। बच्ची दुकान तक गई और वापस लौटते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
दुकानदार ने भी पुष्टि की कि बच्ची चिप्स और गिलास खरीदकर लौट गई थी।
गिलास देने पहुंची बच्ची, वहीं कर दी हत्या
पुलिस की आशंका है कि जब बच्ची सामान लेकर आरोपी के कमरे में पहुंची, तभी उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को करीब दो फीट ऊंचे आटे के ड्रम में उल्टा ठूंसकर छिपा दिया गया।
घटना के बाद आरोपी सामान्य व्यवहार करता रहा और परिवार के साथ बच्ची की तलाश का नाटक भी करता रहा।
मां ने आरोपी को कमरे की सफाई करते देखा था
परिजनों के मुताबिक बच्ची की मां ने आरोपी को कमरे की सफाई करते हुए देखा था। पूछने पर उसने बताया कि कमरे में गंदगी ज्यादा थी, इसलिए सफाई कर रहा था।
उसी दौरान बच्ची की चप्पल छत पर पड़ी मिली, जिससे परिवार को लगा कि वह कहीं बाहर चली गई होगी। आरोपी लगातार सामान्य व्यवहार करता रहा, जिससे किसी को उस पर संदेह नहीं हुआ।
तांत्रिक बहन के पास ले जाने का दिया झांसा
जब बच्ची की तलाश तेज हुई तो आरोपी सुनील परिवार के साथ खोजबीन में शामिल हो गया। उसने पोस्टर लगाने और आसपास खोजने की बात कहकर सहयोग का दिखावा किया।
यहां तक कि उसने यह भी कहा कि शाहगंज में उसकी बहन रहती है, जो तांत्रिक है और वह बता सकती है कि बच्ची कहां है। उसने परिवार को वहां ले जाने का प्रस्ताव भी दिया।
बाद में जब वह घर पहुंचा तो पुलिस को देखकर मौके से फरार हो गया।
पहले से विवादित रहा आरोपी का व्यवहार
स्थानीय लोगों के अनुसार आरोपी सुनील का व्यवहार पहले से संदिग्ध था। उसकी नशे की आदतों के कारण पत्नी उसे छोड़कर जा चुकी थी और माता-पिता भी उससे दूरी बना चुके थे।
मोहल्ले के लोग भी उसकी गतिविधियों से परेशान रहते थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता है।
कमरे में किया गया बेंजिडीन टेस्ट, खून की मौजूदगी की पुष्टि
जांच के दौरान फॉरेंसिक टीम ने आरोपी के कमरे में बेंजिडीन टेस्ट किया। यह परीक्षण फर्श पर खून के निशानों की पहचान करने के लिए किया जाता है।
विधि विज्ञान प्रयोगशाला के डिप्टी डायरेक्टर अशोक कुमार के अनुसार इस टेस्ट में संदिग्ध स्थान पर केमिकल डालने पर नीला-हरा रंग आने से रक्त की मौजूदगी की पुष्टि होती है। जरूरत पड़ने पर स्पेक्ट्रोफोटोमीटर जांच भी की जाती है।
इस वैज्ञानिक जांच से पुलिस को मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
50 से अधिक घरों की तलाशी और सीसीटीवी जांच से खुला मामला
बच्ची की तलाश में पुलिस ने आसपास के 50 से अधिक घरों की तलाशी ली। खोजी कुत्तों की मदद भी ली गई और कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।
लगातार जांच के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंची और मामले की परतें खुलती चली गईं। अब आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
इलाके में आक्रोश, आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग तेज
मासूम बच्ची की हत्या से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों और परिजनों ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और कठोर सजा की मांग की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

