राज बब्बर-स्मिता पाटिल के रिश्ते पर बेटे Arya Babbar का बड़ा खुलासा, बोले- ‘जिसके लिए पापा ने परिवार छोड़ा, आज वही बेटा उन्हें पिता नहीं मानता’
News-Desk
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Arya Babbar, Bollywood Controversy, Celebrity Family News, Entertainment news, Hindi Film industry, Prateik Babbar, आर्य बब्बर, प्रतीक बब्बर, बॉलीवुड न्यूज़, राज बब्बर, स्मिता पाटिलहिंदी फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित परिवारों में शामिल Raj Babbar, Smita Patil और उनके परिवार से जुड़ा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। अभिनेता Arya Babbar ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अपने पिता राज बब्बर और दिवंगत अभिनेत्री स्मिता पाटिल के रिश्ते को लेकर खुलकर बात की है।
आर्य बब्बर ने कहा कि बचपन में परिवार के भीतर जो कुछ हुआ, उसका असर उन पर और उनके रिश्तों पर लंबे समय तक रहा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके और Prateik Babbar के बीच अब शायद कभी रिश्ते सामान्य नहीं हो पाएंगे।
‘पापा का अफेयर किसी बच्चे को अच्छा नहीं लगेगा’
इंटरव्यू के दौरान आर्य बब्बर ने अपने बचपन की भावनाओं को साझा करते हुए कहा कि जब उनके पिता का अफेयर हुआ, तब वह बहुत छोटे थे, लेकिन उस घटना का असर परिवार पर गहरा पड़ा।
उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे को यह अच्छा नहीं लगता कि उसके पिता का किसी और के साथ रिश्ता हो। आर्य ने कहा कि उनके पिता ने एक रिश्ते को सम्मान दिया और उसके साथ खड़े रहे, लेकिन वही बात परिवार के भीतर एक बड़ा मुद्दा बन गई।
आर्य के मुताबिक, समय के साथ परिवार के लोग आगे बढ़ गए, लेकिन उन घटनाओं की यादें आज भी कहीं न कहीं रिश्तों में मौजूद हैं।
जब राज बब्बर ने परिवार छोड़ स्मिता पाटिल का साथ चुना
Raj Babbar ने अभिनेत्री Nadira Babbar से शादी की थी। इस शादी से उनके दो बच्चे हुए— आर्य बब्बर और जूही बब्बर।
बताया जाता है कि जब आर्य बहुत छोटे थे, तभी राज बब्बर और Smita Patil के रिश्ते की चर्चा शुरू हुई। बाद में राज बब्बर ने स्मिता पाटिल के साथ जीवन बिताने का फैसला किया और परिवार से अलग रहने लगे।
आर्य ने इंटरव्यू में कहा कि उनके पिता ने स्मिता पाटिल के लिए घर खरीदा था और उसी घर में जाकर रहने लगे थे। फिलहाल उसी घर में Prateik Babbar अपनी पत्नी के साथ रहते हैं।
स्मिता पाटिल की मौत के बाद बदले रिश्ते
स्मिता पाटिल और राज बब्बर के बेटे प्रतीक बब्बर के जन्म के कुछ समय बाद ही डिलीवरी से जुड़ी जटिलताओं के कारण स्मिता पाटिल का निधन हो गया था।
उसके बाद राज बब्बर फिर से अपनी पहली पत्नी और बच्चों के साथ रहने लगे। हालांकि परिवार के भीतर भावनात्मक तनाव और रिश्तों की जटिलता बनी रही।
बॉलीवुड जगत में यह रिश्ता लंबे समय तक चर्चा का विषय रहा और कई बार सार्वजनिक विवादों में भी सामने आया।
‘मैं स्मिता मां कहता हूं’ – आर्य बब्बर
इंटरव्यू में आर्य बब्बर ने यह भी कहा कि वह स्मिता पाटिल को “स्मिता मां” कहकर बुलाते हैं।
उन्होंने बताया कि उनकी मां Nadira Babbar ने उन्हें हमेशा यह सिखाया कि चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों, प्रतीक के साथ उनका व्यवहार गलत नहीं होना चाहिए।
आर्य ने कहा कि जब उन्होंने देखा कि प्रतीक उनकी मां को “मां” कहकर बुलाते हैं, तब उन्होंने भी स्मिता पाटिल के लिए “स्मिता मां” शब्द का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
उन्होंने अपनी मां की परवरिश और समझदारी की तारीफ करते हुए कहा कि परिवार को संभालने का संस्कार उन्हें मां से मिला, पिता से नहीं।
प्रतीक बब्बर और पिता के रिश्तों में बढ़ी दूरी
हाल के समय में Prateik Babbar और उनके पिता राज बब्बर के रिश्ते भी चर्चा में रहे हैं।
प्रतीक ने अपनी शादी में पिता को आमंत्रित नहीं किया था। इसके अलावा उन्होंने अपने नाम से “बब्बर” सरनेम हटाकर अपनी मां स्मिता पाटिल का नाम जोड़ लिया, जिसे लेकर भी काफी चर्चा हुई।
आर्य बब्बर ने इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस महिला के लिए उनके पिता ने परिवार छोड़ा, आज उसी महिला का बेटा उन्हें पिता के रूप में स्वीकार नहीं कर रहा।
‘अब रिश्ते शायद कभी ठीक नहीं होंगे’
आर्य बब्बर ने साफ कहा कि अब उनके और प्रतीक के रिश्ते शायद पहले जैसे नहीं हो पाएंगे।
हालांकि उन्होंने यह भी माना कि परिवार की परिस्थितियां बेहद जटिल रही हैं और हर व्यक्ति ने अपने-अपने तरीके से उन हालातों को जिया है।
उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कई लोग पारिवारिक रिश्तों की जटिलता और सेलिब्रिटी परिवारों के निजी संघर्षों पर अपनी राय दे रहे हैं।
बॉलीवुड के चर्चित रिश्तों में शामिल रहा यह परिवार
Raj Babbar और Smita Patil का रिश्ता हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे चर्चित रिश्तों में गिना जाता है।
स्मिता पाटिल भारतीय सिनेमा की सबसे सम्मानित अभिनेत्रियों में मानी जाती हैं, जबकि राज बब्बर ने अभिनय और राजनीति दोनों क्षेत्रों में पहचान बनाई।
वहीं आज उनके बच्चों के बयान एक बार फिर उस दौर की निजी और भावनात्मक जटिलताओं को सामने ला रहे हैं।

