Aligarh में महिला सिपाही हेमलता की रहस्यमयी मौत: परिवार ने उठाए गंभीर सवाल, ‘voter list revision’ नहीं—पूरी पुलिस फोर्स में हलचल
Aligarh महानगर के रोरावर थाना क्षेत्र में तैनात महिला सिपाही हेमलता की मौत ने पूरे पुलिस महकमे से लेकर शहरवासियों तक हर किसी को झकझोर दिया है। शनिवार दोपहर बन्ना देवी थाना क्षेत्र की जवाहर नगर कॉलोनी के एक किराए के घर में वह फंदे से लटकी हुई मिलीं, और प्राथमिक रूप से इसे आत्महत्या माना गया।
लेकिन अब Aligarh woman constable suicide केस पर नए सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि हेमलता के परिवार ने साफ शब्दों में कहा है कि “यह आत्महत्या नहीं हो सकती, इसके पीछे किसी का दबाव या मजबूरी जरूर रही होगी।”
हेमलता के पिता कर्मवीर सिंह सहित कई रिश्तेदार मौके पर पहुंचे और उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी बेटी मानसिक रूप से मजबूत थी, खुश रहती थी और कभी भी ऐसा कदम नहीं उठा सकती। इस पूरे मामले में पुलिस पर भी कई प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
घटना से पहले पिता से हुई थी बातचीत—सब कुछ सामान्य, कोई तनाव नहीं दिखा
हेमलता के पिता ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि घटना से सिर्फ आधा घंटा पहले उनकी बेटी ने उन्हें फ़ोन किया था।
उस बातचीत में हेमलता ने बताया—
उसकी छुट्टी मंजूर हो गई है
वह रिश्तेदारी में होने वाली शादी में शामिल होने के लिए गांव आ रही है
वह तैयार थी और निकलने वाली थी
पिता ने भावुक होते हुए कहा, “अगर वह सामान्य थी, खुश थी, छुट्टी की बात कर रही थी… फिर अचानक ऐसा कैसे हो गया?”
उन्होंने कहा कि यह Aligarh woman constable suicide जैसा सीधा मामला बिल्कुल नहीं लगता।
परिजनों का आरोप—‘दबाव था’, पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कराए बिना सच सामने नहीं आएगा
हेमलता के पिता ने स्पष्ट कहा कि वह पुलिस से कॉल डिटेल्स, मोबाइल बातचीत, और सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग करते हैं।
परिजनों का कहना है—
हेमलता हमेशा मजबूत दिल की थी
वह अपने करियर को लेकर बहुत गंभीर थी
उसने कभी किसी तनाव या डर का जिक्र नहीं किया
अचानक आत्महत्या का फैसला संभव नहीं
परिजनों और मोहल्लेवालों के अनुसार हेमलता मानसिक रूप से बिल्कुल सामान्य और संतुलित थी।
घटना के समय घर में अकेली थी—दरवाजा तोड़कर पुलिस ने अंदर जाकर देखा
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार—
घटना के समय हेमलता घर में अकेली थी
सूचना मिलते ही पुलिस टीम पहुंची
एक सिपाही को बाउंड्री फांदकर अंदर भेजा गया
घर के मेन दरवाजे पर अंदर से लगी कुंडी तोड़ी गई
अंदर पहुंचकर देखा तो हेमलता फंदे से लटकी मिली
हालाँकि, परिवार का कहना है कि केवल यह दृश्य देखने से सब कुछ तय नहीं माना जा सकता।
आख़िरी बार बाहर टहलते हुए फोन पर बात करती देखी गई—एसएचओ ने दी जानकारी
एसएचओ बन्नादेवी एसपी सिंह ने बताया कि मोहल्ले के निवासियों से पूछताछ में पता चला कि—
हेमलता घटना से कुछ देर पहले तक बाहर आ-जा रही थी
वह किसी से फोन पर लगातार बात कर रही थी
उसने 29 नवंबर को शादी में जाने के लिए छुट्टी ली थी
30 नवंबर को उसे ड्यूटी पर लौटना था
वह ड्यूटी पर नहीं गई क्योंकि वह गांव जाने वाली थी
ऐसे में अचानक गायब होना और फिर आत्महत्या जैसा कदम उठाना कई सवाल खड़े करता है।
महिला सिपाहियों में भी शोक और सन्नाटा—जिला अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस पर भारी भीड़
जैसे ही खबर फैली, पुलिस विभाग में भी सदमे का माहौल बन गया।
हेमलता की बैचमेट और साथी सिपाही बड़ी संख्या में जिला अस्पताल और पोस्टमार्टम केंद्र पहुंचीं।
कई महिला सिपाही देर तक वहां खड़ी रहीं और अपने बीच हेमलता से संबंधित चर्चाएँ करती रहीं।
सभी का कहना था कि हेमलता मिलनसार, सकारात्मक सोच वाली और काम में तेज थी।
शादी की तैयारी चल रही थी—परिवार ने कभी नहीं देखा था कोई तनाव
हेमलता के परिवार में उसके बड़े भाई और बहन की शादी पहले ही हो चुकी है।
परिजन अब उसकी शादी की भी योजना बना रहे थे।
इस मुद्दे पर वह अपनी बहनों और सहेलियों से भी बात करती थी।
परिवार, रिश्तेदार और साथी सिपाही सबका कहना है कि—
वह सशक्त स्वभाव की थी
भावनात्मक रूप से कमजोर नहीं थी
वह जीवन में आगे बढ़ने को लेकर उत्साहित रहती थी
इससे Aligarh woman constable suicide मामले में संदेह और बढ़ गया है।
आत्महत्या से थोड़ा पहले किसी पुलिस स्टिकर लगी बाइक वाले के आने की चर्चा
हालाँकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन मोहल्ले से मिली जानकारी चौंकाने वाली है।
स्थानीय लोगों के अनुसार—
आत्महत्या से कुछ देर पहले एक बाइक पर कोई व्यक्ति आया था
बाइक पर पुलिस का स्टिकर लगा था
वह कुछ मिनट घर के पास रुका और फिर चला गया
उसके जाने के तुरंत बाद हेमलता घर में अकेली रह गई
अब यह कौन था? क्यों आया था?
परिवार का कहना है कि यह जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।
हाथरस से पहुंचे मामा बोले—‘हेमलता खुशमिजाज थी, यह आत्महत्या नहीं है’
हाथरस से पहुंचे मामा राजेंद्र सिंह, जो भाजपा में सक्रिय हैं, ने कहा कि भांजी बेहद खुश मिजाज और साहसी थी।
उन्होंने कहा—
“कभी नाराज़ होने पर भी उसने किसी से बात बंद नहीं की। वह मजबूत दिल की लड़की थी, यह आत्महत्या नहीं हो सकती। इस घटना में जरूर कोई रहस्य है।”
राजेंद्र सिंह के बयान ने मामले की संवेदनशीलता और बढ़ा दी है।
परिजनों की पुकार—“बेटी पर दबाव था… जिसने भी उसे मजबूर किया, उसका नाम सामने आए”
पोस्टमार्टम हाउस में पिता लगातार बिलखते रहे और बार-बार कहते रहे—
“मेरी बेटी मरी नहीं है… उसे मारा गया है… वह खुद ऐसा नहीं कर सकती…”
परिजनों का यह भी सवाल है कि—
फोन पर कौन से नंबर से लगातार संपर्क हो रहा था?
आख़िरी कॉल किसे किया गया?
वह बातचीत में क्यों टहल रही थी?
बाइक पर आने वाला कौन था?
परिवार ने साफ कहा है कि वे निष्पक्ष और पारदर्शी जांच चाहते हैं।

