AMU छात्रसंघ चुनाव: 14 मुकदमों का रिकॉर्ड सामने आने के बाद फरहान जुबैरी का नामांकन निरस्त
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU ) के छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद की दौड़ से छात्र नेता फरहान जुबैरी बाहर हो गए हैं। उनका नामांकन निरस्त होने के बाद उनके खिलाफ दर्ज पुराने मुकदमों का रिकॉर्ड चर्चा में आ गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2017 से सितंबर 2023 के बीच फरहान के खिलाफ अलग-अलग मामलों में कुल 14 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनमें से 12 मुकदमे सिविल लाइंस थाने में दर्ज बताए जा रहे हैं। नामांकन की मुख्य सूची को अंतिम रूप दिए जाने के बाद चुनाव अधिकारी की टीम के संज्ञान में यह विवरण आया, जिसके बाद उनकी उम्मीदवारी समाप्त हो गई।
बदायूं के रहने वाले हैं फरहान जुबैरी
फरहान जुबैरी मूल रूप से बदायूं जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के निवासी बताए जाते हैं। वह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में मास्टर ऑफ सोशल वर्क (एमएसडब्ल्यू) की पढ़ाई कर रहे हैं। विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न विरोध-प्रदर्शनों और विवादों से जुड़े मामलों में उनका नाम पहले भी सामने आता रहा है। उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों में अलग-अलग घटनाओं और आरोपों से संबंधित मामले शामिल बताए जाते हैं।
सीएए विरोध प्रदर्शन से लेकर सुलेमान हॉल विवाद तक मामले
फरहान जुबैरी के खिलाफ दर्ज मुकदमों में दिसंबर 2019 में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा से जुड़े मामले भी शामिल बताए जाते हैं। इसके अलावा, नवंबर 2020 में फ्रांस में हुई घटना के बाद ईसाइयों के खिलाफ कथित आपत्तिजनक और भड़काऊ बयान देने के आरोप में भी उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
सितंबर 2023 में एएमयू के सुलेमान हॉल में एक हिंदू युवक के साथ मारपीट के प्रकरण में भी फरहान की गिरफ्तारी हुई थी। इस मामले में मारपीट सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इन घटनाओं और मुकदमों का विवरण अब छात्रसंघ चुनाव में उनकी उम्मीदवारी निरस्त होने के बाद फिर चर्चा में है।
नामांकन की जांच के बाद बदला चुनावी समीकरण
छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद फरहान जुबैरी की दावेदारी पर उस समय विराम लग गया, जब उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों का विवरण चुनाव अधिकारी की टीम के संज्ञान में आया। बताया जा रहा है कि मुख्य सूची को अंतिम रूप दिए जाने के बाद यह जानकारी सामने आई और इसके बाद उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया। इस घटनाक्रम ने चुनाव प्रक्रिया में उम्मीदवारों के रिकॉर्ड और नामांकन की जांच को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है।
हालांकि, नामांकन निरस्त किए जाने का सटीक आधिकारिक आधार, संबंधित चुनाव नियमों और चुनाव अधिकारी के आदेश की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, फरहान के खिलाफ दर्ज बताए जा रहे 14 मुकदमों का रिकॉर्ड और उनकी उम्मीदवारी समाप्त होने का घटनाक्रम एएमयू छात्रसंघ चुनाव में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।
नामांकन निरस्त होने के आधिकारिक कारणों और चुनाव अधिकारी के आदेश से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद चुनावी घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

