Ayodhya: राम मंदिर अभिषेक के लिए 155 देशों के पवित्र नदियों का जल पहुंचा
Ayodhya में पहली बार 155 देशों की पवित्र नदियों के जल से रामलला का जलाभिषेक हुआ.आयोजकों का दावा है कि 23 अप्रैल को देश की हस्तियों की मौजूदगी में निर्माणाधीन मंदिर समेत भगवान रामलला का जलाभिषेक किया जाएगा. 155 देशों के जल को कलश में रखकर अयोध्या लाया गया है. 23 अप्रैल को विधि-विधान पूर्वक मणिराम छावनी पर पूजा अर्चना होगी. जिसके बाद निर्माणाधीन मंदिर पर जलाभिषेक किया गया.
इस जल में खास बात यह भी है कि कई मुस्लिम देशों से नदियों के जल भी एकत्रित किए गए हैं. इतना ही नहीं, बाबर के जन्मस्थान से लाए गए जल से भी रामलला का जलाभिषेक किया जाएगा. इसके अलावा चीन, पाकिस्तान, दुबई, इंडोनेशिया, नाइजीरिया, यूक्रेन, रूस, पोलैंड की नदियों से भी जल लाया गया है.
दिल्ली के स्टडी ग्रुप के अध्यक्ष विजय जौली ने 2020 में एक अभियान चलाया था. जिसमें उन्होंने अभी तक विश्व के 155 देशों की पवित्र नदियों के जल को एकत्रित किया है. इसमें कई मुस्लिम देश भी शामिल हैं. इतना ही नहीं जिस बाबर ने राम मंदिर को ध्वस्त कर वहां पर मस्जिद का निर्माण कराया, उसके जन्म स्थान से जल लाया गया है. उज्बेकिस्तान स्थित अंदीजान की पवित्र नदी कश्क दरिया के जल से निर्माणाधीन मंदिर का जलाभिषेक किया गया.
विश्व के 155 देशों के पवित्र नदियों के जल से निर्माणाधीन मंदिर का 23 अप्रैल को जलाभिषेक किया गया. इसमें चाइना और पाकिस्तान का जल भी है. आपस में युद्ध ग्रस्त यूक्रेन और रूस का जल भी है. इतना ही नहीं बाबर की जन्मस्थली उज्बेकिस्तान की प्रसिद्ध नदी का भी जल अर्पण हेतु अयोध्या लाया गया है, जो रामलला के मंदिर में जलाभिषेक किया गया.

