4 सूत्रीय मांगों को लेकर बहुजन एकता संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
मुज़फ्फरनगर। देश में दलितों पर बढ़ते अत्याचार, बेरोजगारी, निजी करण एवं महंगाई सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर बहुजन एकता संघर्ष समिति के संयोजक उपकार बावरा के नेतृत्व में बहुजन एकता के दर्जनों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा!
इस ज्ञापन के माध्यम से बहुजन एकता संघर्ष समिति ने चार सूत्रीय मांगों का उल्लेख किया है। बहुजन एकता के संस्थापक उपकार बावरा ने बताया कि देश में दलितों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं
हरियाणा में एक दलित को चाकू से गोदकर सिर्फ इसलिए मार दिया गया क्योंकि उसने एक १६ साल की बच्ची के साथ हो रहे छेड़छाड़ का विरोध किया था। कही दलितों को घोड़ी पर चढ़ने से रोका जाता है, तो कहीं मूछ रखने से रोका जाता है, आजादी के ७० साल बाद भी जातीय शोषण हो रहा है। हम चाहते हैं जो सरकार इन पर अंकुश नहीं लगा पा रही, राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए और चुनाव दोबारा हो, हमारी दूसरी मांग बेरोजगारी को लेकर है
आज युवा और सभी तबके सड़कों पर हैं, सरकार ने जब से नोटबंदी जैसे नियम नीति लागू की है बेरोजगारी चरम पर है, हमारा तीसरा मुद्दा निजी करण को लेकर है, सरकार दिन प्रतिदिन सरकारी संस्थाओं को पूंजीपतियों के हाथ बेच कर देश के दबे कुचले लोगों का हक अधिकार खत्म करने का काम कर रही है
हमारा चौथा मुद्दा महंगाई को लेकर है, महंगाई भी चरम पर है, खाने-पीने की चीजों से लेकर ओढ़ने पहनने तक की चीजों पर महंगाई बढ़ चुकी है, खाने के तेल, पेट्रोल, सिलेंडर के दाम आसमान छू रहे हैं, इन्हीं मुद्दों को लेकर हमने ज्ञापन दिया है।

