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Bangladesh चीन से 20 J-10CE फाइटर जेट खरीदने जा रहा, वायुसेना की ताकत में होगी जबरदस्त बढ़ोतरी

ढाका: Bangladesh सरकार चीन से 20 J-10CE फाइटर जेट खरीदने की योजना बना रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस सौदे की कीमत लगभग 2.2 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब ₹18,500 करोड़) बताई जा रही है। सौदे में प्रशिक्षण, रखरखाव और अन्य तकनीकी सेवाएं भी शामिल होंगी।

सरकार का कहना है कि भुगतान 10 वित्तीय वर्षों में किया जाएगा, यानी 2036 तक किस्तों में भुगतान किया जाएगा। हालांकि, इस सौदे पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।


वित्तीय और रक्षा विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

वित्तीय सलाहकार सालेहुद्दीन अहमद ने कहा, “मैं इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। कुछ जानकारी होना जरूरी नहीं कि मैं सब कुछ बता दूँ।”

रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) एएनएम मुनीरुज्जमान ने कहा कि बांग्लादेश लंबे समय से अपने वायुसेना बेड़े को आधुनिक बनाने की योजना बना रहा था। उन्होंने जोड़ा कि नए-नए रिश्ते और वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए, किसी भी विदेशी फाइटर जेट की खरीद से पहले उसके प्रभावों का गहन विश्लेषण जरूरी है।


J-10CE फाइटर जेट – तकनीकी विवरण और विशेषताएं

सूत्रों के अनुसार, J-10CE 4.5 पीढ़ी के आधुनिक मल्टीरोल जेट हैं। इनमें एईएसए रडार, PL-15E मिसाइल, और उन्नत डेटा लिंक जैसी तकनीकें शामिल हैं। इस सौदे के पूरा होने के बाद बांग्लादेश चीन और पाकिस्तान के बाद तीसरा ऐसा देश होगा, जिसके पास यह मॉडर्न जेट होंगे।

वर्तमान में बांग्लादेश वायुसेना के पास 212 विमान हैं, जिनमें 44 लड़ाकू विमान शामिल हैं। इनमें 36 चीनी F-7 जेट, 8 रूसी MiG-29B और कुछ हल्के Yak-130 विमान शामिल हैं।


सौदा और फोर्स गोल-2030

बांग्लादेश ने 2009 में वायुसेना आधुनिकीकरण की योजना शुरू की थी। 2017 के बाद यह पहल तेजी से आगे बढ़ी। एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान ने बताया कि सरकार ने मल्टीरोल जेट, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और लंबी दूरी के रडार खरीदने की मंजूरी दे दी है।

यदि यह सौदा तय होता है, तो बांग्लादेश वायुसेना की युद्धक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।


तुर्किये और इटली से भी रक्षा सौदे पर चर्चा

मई और अक्टूबर 2025 में एयर चीफ हसन महमूद खान की इटली और तुर्किये यात्राओं ने नए रक्षा सहयोग के मार्ग खोले। इटली में उन्होंने लियोनार्डो के संयंत्रों का दौरा किया, जहां उन्नत रडार, ट्रैकिंग सिस्टम और हेलिकॉप्टर तकनीक पर चर्चा हुई।

तुर्किये में 1 से 6 अक्टूबर तक उन्होंने तुर्किश एयरस्पेस इंडस्ट्री सहित कई रक्षा कंपनियों से बैठक की। ड्रोन तकनीक, एंटी-मिसाइल सिस्टम और निगरानी उपकरणों के संभावित सौदे पर भी विचार हुआ।


भारत और पाकिस्तान का जेट और मिसाइल पर परिप्रेक्ष्य

मई 2025 में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ संघर्ष के दौरान J-10C जेट्स और PL-15E मिसाइल का इस्तेमाल किया था। भारतीय वायुसेना ने इन्हें सफलतापूर्वक नाकाम किया। होशियारपुर में PL-15E मिसाइल के टुकड़े बरामद हुए थे।

रिपोर्टों के अनुसार, JF-17 लड़ाकू विमान से दागी गई PL-15E मिसाइल हवा में ही नाकाम हो गई। यह पहली बार था जब इस प्रकार की मिसाइल वास्तविक संघर्ष में इस्तेमाल हुई।


बांग्लादेश की रणनीतिक महत्वाकांक्षा

विशेषज्ञ मानते हैं कि बांग्लादेश अपनी वायुसेना को मजबूत कर दक्षिण एशिया में अपनी सामरिक स्थिति को मजबूत करना चाहता है। J-10CE जेट्स की खरीद से न केवल सेना की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों में भी बदलाव आएगा।


अंततः, बांग्लादेश द्वारा 20 J-10CE फाइटर जेट्स की खरीद की योजना उसके वायुसेना आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। चीन से यह सौदा पूरे 10 वर्षों में भुगतान के साथ होगा और बांग्लादेश की सैन्य और तकनीकी क्षमता में जबरदस्त बढ़ोतरी करेगा। आने वाले वर्षों में दक्षिण एशिया में सुरक्षा संतुलन पर इसके प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।

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